फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Two more arrested in 30 crore fraud involving lure of up to 60% returns on investment.

30 करोड़ की ठगी: AI ट्रेडिंग के नाम पर 'पोंजी मॉडल', अधिक रिटर्न का झांसा देकर करवाते थे निवेश- 2 और गिरफ्तार

Tue, 07 Jul 2026 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीर नगर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 07 Jul 2026 01:17 AM IST
सार

पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी अपने एजेंटों और सहयोगियों के जरिये लोगों को एआईआईपीएल ट्रेडिंग नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश कराते थे। निवेशकों को मोबाइल स्क्रीन पर वर्चुअल बैलेंस और लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता था जबकि वास्तव में रकम शेयर बाजार में लगाई ही नहीं जाती थी। नए निवेशकों से आने वाली रकम से पुराने निवेशकों को भुगतान कर भरोसा कायम रखा जाता था। इसी तरीके से गिरोह ने लगभग 30 करोड़ रुपये जुटा लिए।

विज्ञापन
Two more arrested in 30 crore fraud involving lure of up to 60% returns on investment.
निवेश में ठगी के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

साइबर क्राइम थाना और महुली पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो और वांछितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शेयर बाजार में 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का लालच देकर करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी की।

विज्ञापन


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंद्रहर निवासी सत्यप्रकाश यादव के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि गिरोह ने एआईआईपीएल ट्रेडिंग और टीवीएस सॉल्यूशन के नाम से कार्यालय संचालित कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।

विज्ञापन

ठगी से हासिल रकम का इस्तेमाल आरोपियों ने अवैध संपत्ति बनाने में किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कई स्थानों पर जमीन और मकान खरीदे जिसकी जांच की जा रही है। मामले की शुरुआत 18 अक्तूबर 2025 को हुई थी जब महुली क्षेत्र के हटवा निवासी संतलाल मौर्य ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

आरोप लगाया कि शेयर बाजार में 50 से 60 प्रतिशत लाभ का भरोसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से 51 लाख रुपये निवेश कराए गए, लेकिन न तो रकम वापस मिली और न ही वादे के मुताबिक मुनाफा। संतलाल मौर्य ने विश्वनाथपुर में संचालित टीवीएस सॉल्यूशन और एआईआईपीएल ट्रेडिंग पर रुपये हड़पने का आरोप लगाया।
विज्ञापन

तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी कुशीनगर हाटा क्षेत्र के मुंडेरा उपाध्याय गांव के रहने वाले धनंजय शुक्ला और छत्तीसगढ़ की रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा चुकी है।

पुलिस का कहना है कि मामले में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही ठगी से अर्जित संपत्तियों और लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन

निवेश नहीं, चल रहा था ‘पोंजी मॉडल’
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी अपने एजेंटों और सहयोगियों के जरिये लोगों को एआईआईपीएल ट्रेडिंग नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश कराते थे। निवेशकों को मोबाइल स्क्रीन पर वर्चुअल बैलेंस और लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता था जबकि वास्तव में रकम शेयर बाजार में लगाई ही नहीं जाती थी।

नए निवेशकों से आने वाली रकम से पुराने निवेशकों को भुगतान कर भरोसा कायम रखा जाता था। इसी तरीके से गिरोह ने लगभग 30 करोड़ रुपये जुटा लिए।

यह है ‘पोंजी मॉडल’
यह धोखाधड़ी के लिए गढ़ी गई निवेश योजना होती है। इसमें लोगों से कहा जाता है कि कम समय में अधिक रिटर्न मिलेगा। शुरुआती निवेशकों को कुछ समय तक रुपये दिए भी जाते हैं ताकि लोगों का भरोसा बढ़े। वे लोग दूसरों को भी निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं।

दोनों आरोपियों ने बनाई करोड़ों की संपत्ति
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी विक्रांत प्रकाश सिंह निवेशकों को जोड़ने और धनराशि एकत्र करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसने ठगी से करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। वहीं, सत्यप्रकाश यादव ने करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति बनाई। इस रकम से खजनी, सहजनवां और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

लखनऊ में मकान जब्त करने की कार्रवाई शुरू
मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला ने अपराध से अर्जित रकम से लखनऊ में मकान खरीदा था। पुलिस ने मकान जब्त कराने के लिए कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है। इसके अलावा अपराध से खरीदी गई अन्य संपत्तियों के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर रोक लगाने के लिए उप निबंधक कार्यालय खलीलाबाद, खजनी और सहजनवां को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।

विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में पहले से लगी धाराओं के साथ गंभीर धाराएं जोड़ते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि गिरोह में शामिल अन्य जालसाजों की भी जांच जारी है।

ठगी के मामले में विवेचना के दौरान सामने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी करके जेल भेज दिया गया: अभयनाथ मिश्रा, सीओ, धनघटा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed