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Sant Kabir Nagar News: बेलहर क्षेत्र में आमी में नहाने गईं दो बच्चियां डूबीं, मौत
Wed, 31 Jul 2024 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 31 Jul 2024 01:51 AM IST
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- पड़रिया पुल के पास हुआ हादसा, नहाते समय पैर फिसलने से चलीं गईं गहरे पानी में
- साथ गई बच्ची ने दी गांव के लोगों को सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलहर। क्षेत्र के पड़रिया पुल के पास आमी नदी में नहाते समय मंगलवार को बखिरा क्षेत्र के दुर्गजोत गांव की दो बच्चियां डूब गईं। साथ गई तीसरी बच्ची की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों बच्चियों को नदी से निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक बखिरा क्षेत्र के दुर्गजोत गांव की साहेना खातून (10) पुत्री मन्नान, इशरत जहां उर्फ सोनी (8) पुत्री मुनाफ और आफरीन (10) पुत्री अवधू आमी नदी के पास मलंग शाह बाबा के मजार पर गई हुई थीं। मजार से लौटते समय साहेना और इशरत आमी नदी में नहाने लगीं। इस दौरान पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चली गईं। दोनों को डूबता देख आफरीन ने गांव में जाकर सूचना दी।
इसके बाद गांव के लोगों के साथ परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की जानकारी के बाद पुलिस भी पहुंची और नदी में डूबी दोनों बच्चियों की तलाश की गई। जब तक नदी से निकाला जाता, दोनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। दो बच्चियों की मौत से गांव में चीख-पुकार मच गई। बेलहर एसओ जितेन्द्र कुमार ने बताया कि दोनों बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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बेटियों को जाने से रोका था..बोलीं, थोड़ी देर में आ जाऊंगी
बेलहर। बखिरा क्षेत्र के दुर्गजोत निवासी साहेना खातून व इशरत के परिजनों ने मजार के पास जाने से मना किया था लेकिन ये दोनों बालिकाएं थोडी देर में आने की बात कह कर गई थीं और नहीं लौटीं। बेटियों की मौत की सूचना पर परिवार में चीख-पुकार मच गई है। माता अंगूरी ने रो-रो कर बताया कि मजार पर जाने के लिए रोका था, लेकिन कुछ देर में आने की बात कहकर चली गई। उनकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे।
मां का कहना था कि बेटी साहेना खातून का गांव में किसी से कभी झगड़ा तक नहीं हुआ और सबसे मिलजुल कर रहती थी। मदरसे में पढ़ने भी जाती थी। वहीं सोनी उर्फ इशरत जहां की मा कलीमू निशा रो-रो कर बेहोश हो जा रही थी। उसने बताया कि बेटी बहुत सीधी थी। आसपास के पड़ोस के लोग किसी काम के लिए कहते तो दौड़ते हुए काम को सुनती थी। आज वह नहीं है। उसकी कमी खल रही है। अगर यह पता होता कि वह मजार पर जाने के बाद कभी लौट कर नहीं आएगी तो उसे जाने ही नहीं देतीं। दोनों बेटियों की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बेटियां बहुत मिलनसार थीं और मां के कामों में हाथ बटाती थीं। आसपास के पड़ोस वाले अगर कुछ कहते थे तो दोनों बेटियां बातों को ध्यान देती थे। कोई कुछ कहता था तो बातों को सुनती थीं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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- साथ गई बच्ची ने दी गांव के लोगों को सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलहर। क्षेत्र के पड़रिया पुल के पास आमी नदी में नहाते समय मंगलवार को बखिरा क्षेत्र के दुर्गजोत गांव की दो बच्चियां डूब गईं। साथ गई तीसरी बच्ची की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों बच्चियों को नदी से निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक बखिरा क्षेत्र के दुर्गजोत गांव की साहेना खातून (10) पुत्री मन्नान, इशरत जहां उर्फ सोनी (8) पुत्री मुनाफ और आफरीन (10) पुत्री अवधू आमी नदी के पास मलंग शाह बाबा के मजार पर गई हुई थीं। मजार से लौटते समय साहेना और इशरत आमी नदी में नहाने लगीं। इस दौरान पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चली गईं। दोनों को डूबता देख आफरीन ने गांव में जाकर सूचना दी।
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इसके बाद गांव के लोगों के साथ परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की जानकारी के बाद पुलिस भी पहुंची और नदी में डूबी दोनों बच्चियों की तलाश की गई। जब तक नदी से निकाला जाता, दोनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। दो बच्चियों की मौत से गांव में चीख-पुकार मच गई। बेलहर एसओ जितेन्द्र कुमार ने बताया कि दोनों बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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बेटियों को जाने से रोका था..बोलीं, थोड़ी देर में आ जाऊंगी
बेलहर। बखिरा क्षेत्र के दुर्गजोत निवासी साहेना खातून व इशरत के परिजनों ने मजार के पास जाने से मना किया था लेकिन ये दोनों बालिकाएं थोडी देर में आने की बात कह कर गई थीं और नहीं लौटीं। बेटियों की मौत की सूचना पर परिवार में चीख-पुकार मच गई है। माता अंगूरी ने रो-रो कर बताया कि मजार पर जाने के लिए रोका था, लेकिन कुछ देर में आने की बात कहकर चली गई। उनकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे।
मां का कहना था कि बेटी साहेना खातून का गांव में किसी से कभी झगड़ा तक नहीं हुआ और सबसे मिलजुल कर रहती थी। मदरसे में पढ़ने भी जाती थी। वहीं सोनी उर्फ इशरत जहां की मा कलीमू निशा रो-रो कर बेहोश हो जा रही थी। उसने बताया कि बेटी बहुत सीधी थी। आसपास के पड़ोस के लोग किसी काम के लिए कहते तो दौड़ते हुए काम को सुनती थी। आज वह नहीं है। उसकी कमी खल रही है। अगर यह पता होता कि वह मजार पर जाने के बाद कभी लौट कर नहीं आएगी तो उसे जाने ही नहीं देतीं। दोनों बेटियों की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बेटियां बहुत मिलनसार थीं और मां के कामों में हाथ बटाती थीं। आसपास के पड़ोस वाले अगर कुछ कहते थे तो दोनों बेटियां बातों को ध्यान देती थे। कोई कुछ कहता था तो बातों को सुनती थीं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।