{"_id":"679e624830ff6e4287057f62","slug":"transport-departments-tax-outstanding-of-rs-116-croreonly-rs-55-lakh-deposited-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-127902-2025-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: परिवहन विभाग का 11.6 करोड़ रुपये टैक्स बकाया...जमा हुए सिर्फ 55 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: परिवहन विभाग का 11.6 करोड़ रुपये टैक्स बकाया...जमा हुए सिर्फ 55 लाख
Sat, 01 Feb 2025 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 01 Feb 2025 11:34 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। परिवहन विभाग बकाया टैक्स वसूली के लिए 11 नवंबर से ओटीएस अभियान चला रहा है। जिले में 3907 वाहन स्वामियों पर 11.69 करोड़ रुपये टैक्स बकाया था। इसमें से सिर्फ 190 वाहनों के स्वामियों ने 55 लाख रुपये जमा किए हैं। टैक्स बकाए पर विभाग अब कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। राजस्व विभाग की मदद से भी बकाया वसूली की प्रक्रिया पर विभाग में मंथन जारी है।
एआरटीओ कार्यालय की तरफ से करोड़ों रुपये बकाया टैक्स की वसूली के लिए 11 नवंबर से लेकर पांच फरवरी तक एकमुश्त समाधान योजना को धरातल पर उतारा गया। अधिकारियों की मंशा थी इसके तहत बकाया राजस्व आसानी से जमा हो जाएगी।
इसके विपरीत वाहन संचालकों ने बकाया जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। विभागीय जानकारों की मानें तो पंजीकरण के बाद बकाया कर पर लगने वाला जुर्माना नहीं देना था।
विज्ञापन
इसके तहत बकाया कर की धनराशि एकमुश्त जमा कराई जानी थी। पंजीकरण शुल्क हल्के मोटरवाहन के लिए 200 रुपये तथा शेष वर्ग के वाहनों के लिए 500 रुपये निर्धारित की गई थी। ी
विज्ञापन
एआरटीओ कार्यालय की तरफ से करोड़ों रुपये बकाया टैक्स की वसूली के लिए 11 नवंबर से लेकर पांच फरवरी तक एकमुश्त समाधान योजना को धरातल पर उतारा गया। अधिकारियों की मंशा थी इसके तहत बकाया राजस्व आसानी से जमा हो जाएगी।
विज्ञापन
इसके विपरीत वाहन संचालकों ने बकाया जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। विभागीय जानकारों की मानें तो पंजीकरण के बाद बकाया कर पर लगने वाला जुर्माना नहीं देना था।
विज्ञापन
इसके तहत बकाया कर की धनराशि एकमुश्त जमा कराई जानी थी। पंजीकरण शुल्क हल्के मोटरवाहन के लिए 200 रुपये तथा शेष वर्ग के वाहनों के लिए 500 रुपये निर्धारित की गई थी। ी