{"_id":"6adba9de0338c6620b039638","slug":"tractor-trolleys-used-in-mining-are-becoming-a-cause-of-accidents-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-159437-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां बन रहीं हादसों की वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां बन रहीं हादसों की वजह
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहरौली (संतकबीरनगर)। दुधारा थाना क्षेत्र के मंगुवा पांडेय में मिट्टी लादकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राॅली की चपेट में आने से आंचल की मौत के बाद खनन और तेज रफ्तार से दौड़ रही ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का मामला फिर चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों ने खनन पर रोक लगाने और नाबालिगों से ट्रैक्टर-ट्राॅली चलवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां दिन-रात तेज रफ्तार से दौड़ती हैं, जिससे सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी की ढुलाई में लगी कई ट्रैक्टर-ट्राॅलियां नाबालिग लड़के चलाते हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद पुलिस या खनन विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों ने खनन के इस पूरे नेटवर्क पर पूछा कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी का खनन और परिवहन किसकी अनुमति से हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि खनन और मिट्टी की ढुलाई बिना अनुमति हो रही है तो जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है।
विज्ञापन
उन्होंने मामले में संबंधित विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच कराने की मांग की। हालांकि खनन में विभागीय अधिकारियों या पुलिस की मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
े
विज्ञापन
लोहरौली (संतकबीरनगर)। दुधारा थाना क्षेत्र के मंगुवा पांडेय में मिट्टी लादकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राॅली की चपेट में आने से आंचल की मौत के बाद खनन और तेज रफ्तार से दौड़ रही ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का मामला फिर चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों ने खनन पर रोक लगाने और नाबालिगों से ट्रैक्टर-ट्राॅली चलवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां दिन-रात तेज रफ्तार से दौड़ती हैं, जिससे सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी की ढुलाई में लगी कई ट्रैक्टर-ट्राॅलियां नाबालिग लड़के चलाते हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद पुलिस या खनन विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने खनन के इस पूरे नेटवर्क पर पूछा कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी का खनन और परिवहन किसकी अनुमति से हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि खनन और मिट्टी की ढुलाई बिना अनुमति हो रही है तो जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है।
विज्ञापन
उन्होंने मामले में संबंधित विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच कराने की मांग की। हालांकि खनन में विभागीय अधिकारियों या पुलिस की मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
े