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Sant Kabir Nagar News: धान की नर्सरी के लिए समय से छिड़काव जरूरी
Mon, 17 Jun 2024 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 17 Jun 2024 10:59 PM IST
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संतकबीरनगर। धान की नर्सरी के प्रबंधन के लिए ट्राइकोडर्मा (जैविक फफूंद नाशक) का छिड़काव 10 दिनों के अंदर कर लेना चाहिए। जो बीजों में मौजूद फंगस की समस्या को खत्म करके पौधों को बढ़ाने में मदद करता है। नर्सरी लगाने के दस दिन के अंदर छिड़काव कर देना चाहिए। 10 से 14 दिन के बाद नर्सरी को रोगों और कीड़ों से बचाव के लिए सुरक्षात्मक छिड़काव करना चाहिए। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि खैरा रोग के लिए सुरक्षात्मक छिड़काव पांच किलोग्राम जिंक सल्फेट को 20 किग्रा यूरिया या 2.5 किग्रा बुझे हुए चूने को 1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। पहला छिड़काव बोआई के 10 दिन बाद और 20 दिन बाद करना चाहिए।
कृषि अधिकारी ने बताया कि सफेदा रोग के नियंत्रण के लिए चार किग्रा फरस सल्फेट को 20 किग्रा यूरिया के घोल के साथ बनाकर छिड़काव करना चाहिए। झोका रोग की रोकथाम के लिए 500 ग्राम कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत डब्लूपी का प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।
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उन्होंने बताया कि खैरा रोग के लिए सुरक्षात्मक छिड़काव पांच किलोग्राम जिंक सल्फेट को 20 किग्रा यूरिया या 2.5 किग्रा बुझे हुए चूने को 1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। पहला छिड़काव बोआई के 10 दिन बाद और 20 दिन बाद करना चाहिए।
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कृषि अधिकारी ने बताया कि सफेदा रोग के नियंत्रण के लिए चार किग्रा फरस सल्फेट को 20 किग्रा यूरिया के घोल के साथ बनाकर छिड़काव करना चाहिए। झोका रोग की रोकथाम के लिए 500 ग्राम कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत डब्लूपी का प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।
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