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Sant Kabir Nagar News: शिव विवाह का प्रसंग सुनकर हुए भावविभोर
Wed, 17 Dec 2025 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 17 Dec 2025 01:21 AM IST
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद के गन्ना समिति प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन मंगलवार को अयोध्या धाम से आए कथा वाचक अवधेश ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का वर्णन सुनाकर श्रोतओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
इस दौरान कथा वाचक ने भगवान श्रीराम और माता सीता से जुड़े विभिन्न तीर्थ स्थलों का उल्लेख करते हुए निषादराज गुह और केवट प्रसंग का वर्णन किया। इसके साथ ही उन्होंने माता सती के त्याग, भगवान शिव की तपस्या और कामदेव के दहन की कथा भी सुनाई। उन्होंने कहा कि कथा सुनने से जीवन की व्यथा समाप्त होती है और मन को शांति प्राप्त होती है। महाराज ने बताया कि माता पार्वती के पुनर्जन्म के बाद महादेव से विवाह का समय आया तो देवताओं और समस्त लोकों में उल्लास फैल गया। जब शिव बरात लेकर हिमालय पहुंचे, तो देवी पार्वती भयभीत हो उठीं। लेकिन नारद जी के आगमन और पूर्व जन्म की कथा सुनाने के बाद उनका भय दूर हो गया। अंततः शिव-पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ, जिसकी झांकी सुनते ही उपस्थित श्रद्धालु भावनाओं से अभिभूत हो उठे। इस दौरान आयोजक पवन कुमार राय, हरिनारायण उपाध्याय उर्फ गुड्डू बाबा, आनंद त्रिपाठी, अमित राय, गोलू लाला, गोरखनाथ मिश्र, मार्कण्डेय उपाध्याय, दुर्गेश शर्मा, आनन्द शुक्ल समेत तमाम श्रोता मौजूद रहे।
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इस दौरान कथा वाचक ने भगवान श्रीराम और माता सीता से जुड़े विभिन्न तीर्थ स्थलों का उल्लेख करते हुए निषादराज गुह और केवट प्रसंग का वर्णन किया। इसके साथ ही उन्होंने माता सती के त्याग, भगवान शिव की तपस्या और कामदेव के दहन की कथा भी सुनाई। उन्होंने कहा कि कथा सुनने से जीवन की व्यथा समाप्त होती है और मन को शांति प्राप्त होती है। महाराज ने बताया कि माता पार्वती के पुनर्जन्म के बाद महादेव से विवाह का समय आया तो देवताओं और समस्त लोकों में उल्लास फैल गया। जब शिव बरात लेकर हिमालय पहुंचे, तो देवी पार्वती भयभीत हो उठीं। लेकिन नारद जी के आगमन और पूर्व जन्म की कथा सुनाने के बाद उनका भय दूर हो गया। अंततः शिव-पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ, जिसकी झांकी सुनते ही उपस्थित श्रद्धालु भावनाओं से अभिभूत हो उठे। इस दौरान आयोजक पवन कुमार राय, हरिनारायण उपाध्याय उर्फ गुड्डू बाबा, आनंद त्रिपाठी, अमित राय, गोलू लाला, गोरखनाथ मिश्र, मार्कण्डेय उपाध्याय, दुर्गेश शर्मा, आनन्द शुक्ल समेत तमाम श्रोता मौजूद रहे।
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