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Sant Kabir Nagar News: सीएचसी में हड्डी रोग के चिकित्सक नहीं, मरीज हो रहे परेशान
Mon, 08 Dec 2025 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 08 Dec 2025 12:36 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरियांवा । संवाद
- फोटो : udhampur news
सेमरियावां। सीएचसी सेमरियावां में हड्डी रोग के चिकित्सक न होने से हड्डी रोगियों का उपचार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मरीजों को सीएचसी से जिला अस्पताल भेज दिया जा रहा है। हड्डी रोग के मरीजों को सिर्फ प्राथमिक उपचार मिल पा रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 60 से 70 हड्डी रोग मरीज आते हैं। अस्पताल प्रशासन भी समस्या का कोई समाधान नहीं कर पा रहा है। दरअसल बीएमसीटी मार्ग के चौड़ीकरण व राज्य मार्ग बनने से ट्रक , ट्रेलर जैसे भारी वाहनों का आना जाना बढ़ गया है। बाइक सवार, ऑटो रिक्शा व ई रिक्शा चालक भी सड़क पर तेज रफ्तार फर्राटा भरते हैं। इससे सड़क हादसे बढ़ गए हैं। घायलों की संख्या में इजाफा हुआ है। सड़क हादसे में घायलों को सीएचसी सेमरियावां पहुंचाया जाता है। यहां मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल पाता है। 80 फीसदी मरीज रेफर कर दिए जाते हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक जिस तरह घायलों की संख्या बढ़ रही है, उस हिसाब से ट्रामा मैनेजमेंट के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ संसाधन उपलब्ध होने चाहिए, ताकि मरीज को स्टेबल किया जा सके। अस्पताल में एक भी हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नही है। जिससे रेफर के अलावा कोई चारा नहीं है। क्षेत्र के निवासी इरशाद अहमद, संतोष प्रजापति, दयाराम, बाबुद्दीन चौधरी, मिस्बाहहुद्दीन, रिजवान अहमद, अबूजर चौधरी, मोहम्मद आज़म चौधरी आदि ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लचर रवैये से सीएचसी सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। आकस्मिक स्थिति आने पर संसाधन, चिकित्सकों और सुविधाओं के अभाव में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है।
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प्राप्त है फर्स्ट रेफरल यूनिट का दर्जा
सीएचसी को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा प्राप्त है। यहां पर ओटी, एक्सरे समेत जांच व दवाओं की बेहतर सुविधा है। मरीजों को भर्ती करने के लिए 30 बेडों की सुविधा भी है। महिला सर्जन, फिजीशियन, गाइनी समेत विशेषज्ञ भी हैं, लेकिन ऑर्थोपेडिक, फिजीशियन व सर्जन की तैनाती न होने से मरीजों को हड्डी व जोड़ों के दर्द के उपचार के लिए जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पर्याप्त दवाएं, बेड व संसाधन उपलब्ध हैं। कुछ स्टॉफ की कमी है, जिसके संबंध में सीएमओ को पत्र लिखा गया है। -डॉ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक, सीएचसी सेमरियावां
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अस्पताल में प्रतिदिन करीब 60 से 70 हड्डी रोग मरीज आते हैं। अस्पताल प्रशासन भी समस्या का कोई समाधान नहीं कर पा रहा है। दरअसल बीएमसीटी मार्ग के चौड़ीकरण व राज्य मार्ग बनने से ट्रक , ट्रेलर जैसे भारी वाहनों का आना जाना बढ़ गया है। बाइक सवार, ऑटो रिक्शा व ई रिक्शा चालक भी सड़क पर तेज रफ्तार फर्राटा भरते हैं। इससे सड़क हादसे बढ़ गए हैं। घायलों की संख्या में इजाफा हुआ है। सड़क हादसे में घायलों को सीएचसी सेमरियावां पहुंचाया जाता है। यहां मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल पाता है। 80 फीसदी मरीज रेफर कर दिए जाते हैं।
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चिकित्सकों के मुताबिक जिस तरह घायलों की संख्या बढ़ रही है, उस हिसाब से ट्रामा मैनेजमेंट के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ संसाधन उपलब्ध होने चाहिए, ताकि मरीज को स्टेबल किया जा सके। अस्पताल में एक भी हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नही है। जिससे रेफर के अलावा कोई चारा नहीं है। क्षेत्र के निवासी इरशाद अहमद, संतोष प्रजापति, दयाराम, बाबुद्दीन चौधरी, मिस्बाहहुद्दीन, रिजवान अहमद, अबूजर चौधरी, मोहम्मद आज़म चौधरी आदि ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लचर रवैये से सीएचसी सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। आकस्मिक स्थिति आने पर संसाधन, चिकित्सकों और सुविधाओं के अभाव में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है।
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प्राप्त है फर्स्ट रेफरल यूनिट का दर्जा
सीएचसी को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा प्राप्त है। यहां पर ओटी, एक्सरे समेत जांच व दवाओं की बेहतर सुविधा है। मरीजों को भर्ती करने के लिए 30 बेडों की सुविधा भी है। महिला सर्जन, फिजीशियन, गाइनी समेत विशेषज्ञ भी हैं, लेकिन ऑर्थोपेडिक, फिजीशियन व सर्जन की तैनाती न होने से मरीजों को हड्डी व जोड़ों के दर्द के उपचार के लिए जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पर्याप्त दवाएं, बेड व संसाधन उपलब्ध हैं। कुछ स्टॉफ की कमी है, जिसके संबंध में सीएमओ को पत्र लिखा गया है। -डॉ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक, सीएचसी सेमरियावां