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Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल में नहीं है दवा...कहकर बाहर की लिख दी दवा
Wed, 29 May 2024 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 29 May 2024 12:55 AM IST
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- मरीज की शिकायत पर सीएमएस ने दवा वापस कराकर अस्पताल से दिलवाई
- इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार को इलाज कराने आए एक मरीज को इमरजेंसी में तैनात एक डाॅक्टर ने अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए बुखार, संक्रमण और गैस की दवा बाहर से लिख दी। बाहर से दवा 550 रुपये में मिली। मरीज के परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमएस से की तो उन्होंने दवा वापस कराकर अस्पताल से दिलवाई। साथ ही संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
कोतवाली क्षेत्र के रसूलाबाद गांव के रहने वाले परिजनों ने बताया कि मंगलवार की सुबह आठ बजे के करीब 35 वर्षीय सदानंन्द पुत्र रामबेलाश घर से खेत में जा रहे थे, तभी उनके पैरों में कुछ काटने जैसा महसूस हुआ। जिसके चलते परिजन सांप के काटने की आशंका जताते हुए जिला अस्पातल पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डाॅक्टर ने उन्हें देखा और कुछ घंटे बाद छोटी पर्ची पर चार दवा पैरासिटामॉल, विटामिन और एमोक्सीसिलिन और गैस की दवा लिखी। उसे बाहर से लाने के लिए कहां। जिस पर परिजनों ने अंदर की दवा लिखने के लिए कहां तो डाक्टर ने दवा नहीं होने की बात कहते हुए बाहर से एक मेडिकल स्टोर से लाने के लिए भेजा। साथ ही दवा दिखाने के लिए कहा।
थोड़ी देर बाद साढ़े पांच सौ की पांच दिन की दवा लेकर अस्पताल में तैनात डाॅक्टर को दिखाया। वहां से निकलते हुए उन्हें जानकारी हुई कि सारी दवाएं निशुल्क जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। जिस पर परिजन भड़क गए और इसकी शिकायत सीएमएस भवनाथ पांडेय से किया। जिस पर सीएमएस ने बाहर की सारी दवाइयां वापस करवाकर अंदर से निशुल्क दिलाया। साथ ही डाॅक्टर को फटकारते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
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मरीज को बाहर से दवा लिखने का मामला सामने आया है। इमरजेंसी में तैनात डाॅक्टर से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। साथ ही मामले की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस
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- इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार को इलाज कराने आए एक मरीज को इमरजेंसी में तैनात एक डाॅक्टर ने अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए बुखार, संक्रमण और गैस की दवा बाहर से लिख दी। बाहर से दवा 550 रुपये में मिली। मरीज के परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमएस से की तो उन्होंने दवा वापस कराकर अस्पताल से दिलवाई। साथ ही संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
कोतवाली क्षेत्र के रसूलाबाद गांव के रहने वाले परिजनों ने बताया कि मंगलवार की सुबह आठ बजे के करीब 35 वर्षीय सदानंन्द पुत्र रामबेलाश घर से खेत में जा रहे थे, तभी उनके पैरों में कुछ काटने जैसा महसूस हुआ। जिसके चलते परिजन सांप के काटने की आशंका जताते हुए जिला अस्पातल पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डाॅक्टर ने उन्हें देखा और कुछ घंटे बाद छोटी पर्ची पर चार दवा पैरासिटामॉल, विटामिन और एमोक्सीसिलिन और गैस की दवा लिखी। उसे बाहर से लाने के लिए कहां। जिस पर परिजनों ने अंदर की दवा लिखने के लिए कहां तो डाक्टर ने दवा नहीं होने की बात कहते हुए बाहर से एक मेडिकल स्टोर से लाने के लिए भेजा। साथ ही दवा दिखाने के लिए कहा।
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थोड़ी देर बाद साढ़े पांच सौ की पांच दिन की दवा लेकर अस्पताल में तैनात डाॅक्टर को दिखाया। वहां से निकलते हुए उन्हें जानकारी हुई कि सारी दवाएं निशुल्क जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। जिस पर परिजन भड़क गए और इसकी शिकायत सीएमएस भवनाथ पांडेय से किया। जिस पर सीएमएस ने बाहर की सारी दवाइयां वापस करवाकर अंदर से निशुल्क दिलाया। साथ ही डाॅक्टर को फटकारते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
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मरीज को बाहर से दवा लिखने का मामला सामने आया है। इमरजेंसी में तैनात डाॅक्टर से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। साथ ही मामले की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस