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Sant Kabir Nagar News: पहले भी डेबरी और मल्लेपुर में चकबंदी पर हो चुका है विवाद

Thu, 12 Feb 2026 11:46 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:46 PM IST
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There has been a dispute over consolidation in Debari and Mallepur in the past as well.
- चकबंदी कर्मियों की करामात से किसान परेशान, संठी में किसान की आत्महत्या मामले में लेखपाल और चकबंदी अधिकारी हो चुके हैं निलंबित
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संवाद न्यूज एजेंसी

धनघटा। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में चकबंदी प्रक्रिया प्रचलित है, लेकिन चकबंदी कर्मियों की मनमानी के चलते कई गांव में विवाद खड़ा हो गया है, और चकबंदी अधिकारियों, कर्मचारियों पर किसान उंगली उठा रहे हैं। संठी गांव के एक किसान ने चकबंदी अधिकारियों के रवैये क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली है। इस प्रकार की आत्महत्या का मामला नया नहीं है। बल्कि इसके पहले भी डेबरी और मल्लेपुर में विवाद हो चुका है।
धनघटा क्षेत्र के डेबरी, अशरफपुर, हकीमपुर, मल्लेपुर, माधोपुर, सठी, सिसवा, आदि गांव में चकबंदी चल रही है, लेकिन शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां विवाद न हुआ हो। जुलाई में डेबरी में एक किसान का उड़ान चक बांध देने से गांव के लोगों ने नाराज होकर लेखपाल और कानूनगो को बंधक बना लिया था। उनको बंधन मुक्त कराने के लिए पुलिस को जाना पड़ा।
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यह मामला लंबे समय तक चला, जब जिलाधिकारी ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए चकबंदी विभाग के लोगों को समझाया, और लेखपाल को हटा दिया गया। उसके बाद मल्लेपुर में नवंबर में किसान और सहायक चकबंदी अधिकारी से विवाद हो गया। किसान ने सहायक चकबंदी अधिकारी पर दो लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया। इसको लेकर चकबंदी कार्यालय में किसान और सहायक चकबंदी अधिकारी के बीच नोकझोंक हुई थी। मामला थाने तक पहुंचा था।
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संठी में उड़ान चक ताल में बांध देने से परेशान किसान प्रभुनाथ ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। इस मामले में लेखपाल और सहायक चकबंदी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। किसान राममिलन, सुखदेव, पूर्णमासी, रामसूरत, गब्बू लाल, सुग्रीव का कहना है कि चकबंदी विभाग के लोग उन्हीं की सुनवाई करते हैं जो उनको मुंहमांगी रकम देता हैं। गरीब किसानों की सुनवाई चकबंदी विभाग में नहीं हाेती है। इसी कारण गरीबों को चक वहां दी जाती है, जहां की जमीन सबसे खराब है। यदि नियम के तहत चकबंदी विभाग कार्य करे तो न तो किसी को आपत्ति होगी और न ही प्रभुनाथ की तरह कोई जान देने पर विवश होगा।

इस संबंध में चकबंदी सीओ उमेश पांडेय का कहना है कि संठी में घटी घटना बहुत ही दुखद है। जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है उन गांव पर नियम के अनुसार कार्य किया जा रहा है। कहीं किसी को आपत्ति हो तो उसे दर्ज कराए, उसकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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