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Sant Kabir Nagar News: ठंडी में गले में खराश और कान के दर्द के मरीज बढ़े
Thu, 22 Jan 2026 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:57 AM IST
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जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़-संवाद
संतकबीरनगर। सर्दी की वजह से जिला अस्पताल में गले में खराश और कान के दर्द के मरीज बढ़े हैं। इस समस्या से ज्यादातर बच्चे परेशान हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना इस तरह के औसतन 80 मरीज इलाज करा रहे है। हालांकि, ईएनटी विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानी होती है। कुछ मरीज प्राइवेट में ईएनटी के पास चले जाते हैं। ज्यादातर मरीज फिजिशियन से परामर्श लेकर इलाज करा रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में वैसे तो प्रतिदिन 1200 से 1300 के करीब मरीज आते हैं। इनमें 80 के करीब मरीज गले और कान की समस्या को लेकर आ रहे है। ठंडा पानी या अन्य ठंडी चीजों का सेवन की वजह से गले में खराश, दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। फिजिशियन ही इन मरीजों का इलाज करते हैं। अगर कोई विशेष दिक्कत लगती है तो मरीज को ईएनटी के पास जाने की सलाह देते हैं।
फिजिशियन डॉ. रामशंकर ने बताया कि बड़े लोगों के साथ ही बच्चों में भी यह समस्या हो रही है। बच्चे व बड़े मिलाकर करीब 80 लोग गले व कान के दर्द की शिकायत लेकर प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे को सर्दी होने के बाद बलगम आता है जिसे वह बाहर नहीं निकाल पाते हैं। बलगम को अंदर ही निगल लेते हैं, जिससे उनके कान पर असर पड़ता है। इसके साथ ही उन्हें बुखार भी आ जाता है। धूल की वजह से कान में एलर्जी हो जाती है। उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजते वक्त रोजाना न नहलाने की सलाह दी। साथ ही ठंडी चीजों का सेवन न करने देने के लिए कहा।
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इन बातों का रखें ध्यान
- ठंडी और खट्टी चीजों का सेवन नहीं करें।
- बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें।
- गले में खराश होने पर गुनगुने पानी से गरारे करें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में वैसे तो प्रतिदिन 1200 से 1300 के करीब मरीज आते हैं। इनमें 80 के करीब मरीज गले और कान की समस्या को लेकर आ रहे है। ठंडा पानी या अन्य ठंडी चीजों का सेवन की वजह से गले में खराश, दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। फिजिशियन ही इन मरीजों का इलाज करते हैं। अगर कोई विशेष दिक्कत लगती है तो मरीज को ईएनटी के पास जाने की सलाह देते हैं।
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फिजिशियन डॉ. रामशंकर ने बताया कि बड़े लोगों के साथ ही बच्चों में भी यह समस्या हो रही है। बच्चे व बड़े मिलाकर करीब 80 लोग गले व कान के दर्द की शिकायत लेकर प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे को सर्दी होने के बाद बलगम आता है जिसे वह बाहर नहीं निकाल पाते हैं। बलगम को अंदर ही निगल लेते हैं, जिससे उनके कान पर असर पड़ता है। इसके साथ ही उन्हें बुखार भी आ जाता है। धूल की वजह से कान में एलर्जी हो जाती है। उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजते वक्त रोजाना न नहलाने की सलाह दी। साथ ही ठंडी चीजों का सेवन न करने देने के लिए कहा।
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इन बातों का रखें ध्यान
- ठंडी और खट्टी चीजों का सेवन नहीं करें।
- बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें।
- गले में खराश होने पर गुनगुने पानी से गरारे करें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।