{"_id":"6a778d2a27af4e3d520d5fe7","slug":"the-new-education-policy-also-emphasizes-the-development-of-students-skills-and-personalities-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-155259-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के कौशल और व्यक्तित्व विकास पर भी देती है बल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के कौशल और व्यक्तित्व विकास पर भी देती है बल
विज्ञापन
संतकबीरनगर। हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में कला संकाय के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों तथा सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रो. दिनेश कुमार गुप्त ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके कौशल, रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष बल देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में उपलब्ध सभी शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ सांस्कृतिक, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को व्यापक और सक्षम बनाना भी है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमितता, सकारात्मक सोच एवं महाविद्यालय की गरिमा बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक नई यात्रा का आरंभ है और इस यात्रा को ज्ञान, संस्कार एवं उपलब्धियों से समृद्ध करना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का संचालन भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. अमर सिंह गौतम ने किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर प्रो. अमित भारती, डॉ. शशिकांत राव, डॉ. विनय सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम में शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रो. दिनेश कुमार गुप्त ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके कौशल, रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष बल देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में उपलब्ध सभी शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ सांस्कृतिक, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को व्यापक और सक्षम बनाना भी है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमितता, सकारात्मक सोच एवं महाविद्यालय की गरिमा बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक नई यात्रा का आरंभ है और इस यात्रा को ज्ञान, संस्कार एवं उपलब्धियों से समृद्ध करना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का संचालन भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. अमर सिंह गौतम ने किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर प्रो. अमित भारती, डॉ. शशिकांत राव, डॉ. विनय सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे।