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Sant Kabir Nagar News: कस्तूरबा विद्यालय की सामग्री का कराया गया सत्यापन
Thu, 11 Dec 2025 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:19 AM IST
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सेमरियावां। पंचायती राज विभाग के सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत राधेश्याम चौधरी ने बुधवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) सेमरियावां का निरीक्षण व सामग्री का सत्यापन किया।
एडीओ ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री, आवासीय सुविधाओं और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का सत्यापन किया। भोजन बनाने में खराब खाद्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। दालें, छोला, चना व राजमा इत्यादि अत्यंत छोटे, घुन व फफूंदी युक्त प्रयोग किए जाने और छात्राओं को 200 मिली लीटर (एमएल) दूध देने की जांच की। उपलब्ध सामग्री का रजिस्टर से मिलान किया।
यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को मजबूत बनाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय में पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, बिस्तर, रसोई सामग्री और स्वच्छता से जुड़ी वस्तुएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में मात्रा और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता बताई गई। एडीओ पंचायत ने वार्डन को निर्देश दिए कि सभी सामग्री का रिकॉर्ड अपडेट रखा जाए और बालिकाओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मेन्यू के अनुसार भोजन की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने का आदेश दिया गया।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय योजना, जो 2004 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई, ग्रामीण और वंचित समुदायों की बालिकाओं के लिए कक्षा 6 से 8 तक मुफ्त आवासीय शिक्षा प्रदान करती है। इस योजना के तहत एससी/एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों को प्राथमिकता दी जाती है।
एडीओ पंचायत राधेश्याम चौधरी ने कहा कि आगे भी नियमित सत्यापन अभियान चलाया जाएगा ,ताकि योजना का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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एडीओ ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री, आवासीय सुविधाओं और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का सत्यापन किया। भोजन बनाने में खराब खाद्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। दालें, छोला, चना व राजमा इत्यादि अत्यंत छोटे, घुन व फफूंदी युक्त प्रयोग किए जाने और छात्राओं को 200 मिली लीटर (एमएल) दूध देने की जांच की। उपलब्ध सामग्री का रजिस्टर से मिलान किया।
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यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को मजबूत बनाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय में पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, बिस्तर, रसोई सामग्री और स्वच्छता से जुड़ी वस्तुएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में मात्रा और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता बताई गई। एडीओ पंचायत ने वार्डन को निर्देश दिए कि सभी सामग्री का रिकॉर्ड अपडेट रखा जाए और बालिकाओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मेन्यू के अनुसार भोजन की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने का आदेश दिया गया।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय योजना, जो 2004 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई, ग्रामीण और वंचित समुदायों की बालिकाओं के लिए कक्षा 6 से 8 तक मुफ्त आवासीय शिक्षा प्रदान करती है। इस योजना के तहत एससी/एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों को प्राथमिकता दी जाती है।
एडीओ पंचायत राधेश्याम चौधरी ने कहा कि आगे भी नियमित सत्यापन अभियान चलाया जाएगा ,ताकि योजना का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।