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Sant Kabir Nagar News: छपिया घाट का बना पुल और एप्रोच जर्जर, हादसे का खतरा
Mon, 24 Mar 2025 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 24 Mar 2025 11:45 PM IST
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आमी नदी के छपिया घाट के पुल टूटा सरिया।
बेलहर। बेलहर क्षेत्र के दुर्गजोत से रूधौली मार्ग पर स्थित आमी नदी पर बना छपिया घाट पुल उपेक्षा का शिकार हो रहा है। मरम्मत के अभाव में यह पुल और आसपास की सड़क जर्जर हो चुकी हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
इस पुल से दिन-रात हजारों वाहनों का आवागमन होता है, जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है। वर्ष 1992 में खाद्य एवं रसद मंत्री स्वर्गीय दिवाकर विक्रम सिंह ने इस पुल का उद्घाटन किया था, तब संतकबीरनगर जिला बस्ती जनपद का हिस्सा था। जनपद विभाजन के बाद यह पुल बस्ती और संतकबीरनगर का सीमा चिह्न बन गया। इसे मेंहदावल-रूधौली- डुमरियागंज मार्ग एमआरडी के नाम से भी जाना जाता है।
वर्तमान समय में स्थिति यह है कि पुल के किनारे बने लोहे के डिवाइडर और सरिए गायब हो चुके हैं। पुल का कभी डेंटिंग-पेंटिंग भी नहीं हुआ, जिससे यह उपेक्षित होता जा रहा है। सड़क के किनारे बने रेनकट भी दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं।
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स्थानीय निवासियों धर्मेंद्र, रामबृक्ष, टुनटुन, अवधेश कुमार, गंगा राम, रामसूरत, दिव्यांशु, चंदिका आदि ने कहा कि यदि पुल और सड़क की मरम्मत जल्द नहीं हुई तो वह प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। उनका सवाल था कि निर्माण के बाद मरम्मत कार्य क्यों नहीं किए गए।
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इस पुल से दिन-रात हजारों वाहनों का आवागमन होता है, जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है। वर्ष 1992 में खाद्य एवं रसद मंत्री स्वर्गीय दिवाकर विक्रम सिंह ने इस पुल का उद्घाटन किया था, तब संतकबीरनगर जिला बस्ती जनपद का हिस्सा था। जनपद विभाजन के बाद यह पुल बस्ती और संतकबीरनगर का सीमा चिह्न बन गया। इसे मेंहदावल-रूधौली- डुमरियागंज मार्ग एमआरडी के नाम से भी जाना जाता है।
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वर्तमान समय में स्थिति यह है कि पुल के किनारे बने लोहे के डिवाइडर और सरिए गायब हो चुके हैं। पुल का कभी डेंटिंग-पेंटिंग भी नहीं हुआ, जिससे यह उपेक्षित होता जा रहा है। सड़क के किनारे बने रेनकट भी दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं।
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स्थानीय निवासियों धर्मेंद्र, रामबृक्ष, टुनटुन, अवधेश कुमार, गंगा राम, रामसूरत, दिव्यांशु, चंदिका आदि ने कहा कि यदि पुल और सड़क की मरम्मत जल्द नहीं हुई तो वह प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। उनका सवाल था कि निर्माण के बाद मरम्मत कार्य क्यों नहीं किए गए।