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Sant Kabir Nagar News: फूल सी बेटी को मुखाग्नि देने के लिए नहीं बढ़ सके पिता के हाथ
Thu, 13 Feb 2025 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 13 Feb 2025 11:35 PM IST
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अदिति मिश्रा के दाह संस्कार में शमशान घाट पर पहुंचे लोग लोगों
मेंहदावल। मेंहदावल के मिश्रौलिया पंडित निवासी शिक्षक अजयनाथ मिश्रा की होनहार बेटी को लोगों ने अश्रुपुरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी। बुधवार की देर रात जब अदिति का शव घर पहुंचा तो मां और बहन के करुण क्रंदन से लोगों का दिल दहल गया। पिता अजयनाथ मिश्रा अपनी फूल सी बेटी को मुखाग्नि देने का साहस नहीं कर सके तो बाबा नन्हें मिश्रा ने मुखाग्नि दी।
देर रात करीब आठ बजे परिजन शव लेकर मिश्रौलिया पंडित स्थित घर पहुंचे। वहां पर पहले से ही लोगों का भारी हुजूम एकत्रित था। सभी इस घटना को लेकर काफी दुखी थे। पिता अजयनाथ मिश्रा के मृदु व्यवहार का हर कोई कायल था। हर व्यक्ति इस घटना से स्तब्ध था। परिवार के लोगों की चीख पुकार सुनकर रात में ही शव के अंतिम संस्कार का निर्णय लिया गया। देर रात शव को लेकर नगर से सटे पंडित पुरवा स्थित श्मशान घाट पहुंचे, वहां बाबा ने मुखाग्नि दी।
पूर्व सांसद स्व. शरद त्रिपाठी के पुत्र मृगेंद्र राम त्रिपाठी भी देर रात श्मशान घाट पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। घटना के दूसरे दिन रिश्तेदारी से लेकर क्षेत्र के लोग तथा शिक्षकों का हुजूम उनके घर पहुंच रहा था। लोग अपनी शोक संवेदना देने के साथ ही परिवार के लोगों को ढांढस भी बंधाते नजर आए।
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अंतर्मुखी और होनहार थी अदिति : उपेंद्र : अदिति को हाईस्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक उपेंद्र पांडेय बताते हैं कि अदिति अंतर्मुखी थी। वह अधिक लोगों से घुलती मिलती नहीं थी। यही नहीं पढ़ने में काफी होनहार थी। वह किसी भी सवाल की तह तक जाकर शिक्षकों से पूछती थी। उसके अंदर हर सवाल को लेकर एक जिज्ञासा दिखती थी। उसका आईक्यू लेबल बहुत ही अच्छा था। उसके असामयिक निधन से हम सभी दुखी हैं।
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देर रात करीब आठ बजे परिजन शव लेकर मिश्रौलिया पंडित स्थित घर पहुंचे। वहां पर पहले से ही लोगों का भारी हुजूम एकत्रित था। सभी इस घटना को लेकर काफी दुखी थे। पिता अजयनाथ मिश्रा के मृदु व्यवहार का हर कोई कायल था। हर व्यक्ति इस घटना से स्तब्ध था। परिवार के लोगों की चीख पुकार सुनकर रात में ही शव के अंतिम संस्कार का निर्णय लिया गया। देर रात शव को लेकर नगर से सटे पंडित पुरवा स्थित श्मशान घाट पहुंचे, वहां बाबा ने मुखाग्नि दी।
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पूर्व सांसद स्व. शरद त्रिपाठी के पुत्र मृगेंद्र राम त्रिपाठी भी देर रात श्मशान घाट पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। घटना के दूसरे दिन रिश्तेदारी से लेकर क्षेत्र के लोग तथा शिक्षकों का हुजूम उनके घर पहुंच रहा था। लोग अपनी शोक संवेदना देने के साथ ही परिवार के लोगों को ढांढस भी बंधाते नजर आए।
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अंतर्मुखी और होनहार थी अदिति : उपेंद्र : अदिति को हाईस्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक उपेंद्र पांडेय बताते हैं कि अदिति अंतर्मुखी थी। वह अधिक लोगों से घुलती मिलती नहीं थी। यही नहीं पढ़ने में काफी होनहार थी। वह किसी भी सवाल की तह तक जाकर शिक्षकों से पूछती थी। उसके अंदर हर सवाल को लेकर एक जिज्ञासा दिखती थी। उसका आईक्यू लेबल बहुत ही अच्छा था। उसके असामयिक निधन से हम सभी दुखी हैं।