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विवाद को कम करने का माध्यम है लोक अदालत
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:25 PM IST
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जनपद की न्यायपालिका द्वारा जनता को सस्ता और सुलभ न्याय मौके पर दिलाने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। कानून की मंशा निर्दोष को फंसाने की नहीं है।
दोषी व्यक्ति को दंड देने के लिए कानून की व्यवस्था है। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राजेश कुमार कहा कि कबीर के आदर्शो पर चलकर विवाद को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता जब जागेगी तभी देश का विकास होगा।
जनता विधिक रूप से जागृत हो जाए तो समाज में समरसता आएगी। हमारे देश की संस्कृति व सभ्यता पुरानी है। देश के अंदर चिंतन की परंपरा है।
जहा पूरे विश्व में हिंसा का दौर चल रहा है वही हमारे देश मेें लोकतंत्र फल फुल रहा है। सभी को अपने दायित्व को समझने की जरूरत है।
विधिक शिविर में सिविल जज सीनियर डिवीजन संजय कुमार गौड़, उप जिलाधिकारी सतीश त्रिपाठी, तहसीदार अरविंद कुमार सिंह, संतकबीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, महामंत्री विजय शुक्ल, आनंद कुमार राय, रफीक अहमद, सुरेश चंद पांडेय, निरंजन सिंह, रामधनी, धर्मेद्र कुमार सिंह, जय प्रकाश यादव, सुभाष चंद्र शुक्ल, वेद प्रकाश चौबे, नासिर अली, जावेद खान, खादिम हुसेन, बलदेव प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे।
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दोषी व्यक्ति को दंड देने के लिए कानून की व्यवस्था है। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राजेश कुमार कहा कि कबीर के आदर्शो पर चलकर विवाद को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता जब जागेगी तभी देश का विकास होगा।
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जनता विधिक रूप से जागृत हो जाए तो समाज में समरसता आएगी। हमारे देश की संस्कृति व सभ्यता पुरानी है। देश के अंदर चिंतन की परंपरा है।
जहा पूरे विश्व में हिंसा का दौर चल रहा है वही हमारे देश मेें लोकतंत्र फल फुल रहा है। सभी को अपने दायित्व को समझने की जरूरत है।
विधिक शिविर में सिविल जज सीनियर डिवीजन संजय कुमार गौड़, उप जिलाधिकारी सतीश त्रिपाठी, तहसीदार अरविंद कुमार सिंह, संतकबीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, महामंत्री विजय शुक्ल, आनंद कुमार राय, रफीक अहमद, सुरेश चंद पांडेय, निरंजन सिंह, रामधनी, धर्मेद्र कुमार सिंह, जय प्रकाश यादव, सुभाष चंद्र शुक्ल, वेद प्रकाश चौबे, नासिर अली, जावेद खान, खादिम हुसेन, बलदेव प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे।
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