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Sant Kabir Nagar News: वर्चस्व की जंग में ठप पड़ गया सबसे बड़े ब्लॉक का विकास
Thu, 12 Sep 2024 10:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 12 Sep 2024 10:55 PM IST
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- तीन साल से आपसी खींचतान में नहीं पूरी हो सकी क्षेत्र पंचायत की बैठक एक भी बैठक
- प्रशासनिक अधिकारी भी सामंजस्य बनाने में हुए विफल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद के सबसे बड़े सेमरियावां ब्लाॅक का विकास आपसी खींचतान और वर्चस्व की भेंट चढ़ गया है। तीन साल से क्षेत्र पंचायत की बैठक न होने से विकास की कोई कार्ययोजना नहीं बन पाई। क्षेत्र में एक भी विकास कार्य अब तक नहीं हो पाए हैं। जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी सेमरियावां विकास खंड में क्षेत्र पंचायत की बैठक सकुशल बैठक करा पाने में विफल साबित हुए हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सेमरियावां क्षेत्र में 113 ग्राम पंचायत व 121 क्षेत्र पंचायत की 2 लाख 42 हजार 53 आबादी ने बीडीसी और ग्राम प्रधान का चुनाव किया। इसके बाद 20 जुलाई 2021 को प्रमुख का चुनाव होने के बाद शपथ ग्रहण हुआ। इसके बाद से अब तक कोई भी क्षेत्र पंचायत की बैठक पूरी नहीं हुई। 14 अक्तूबर 2022 और 14 फरवरी 2023 को भी क्षेत्र पंचायत का बैठक बुलाई गई, जो कोरम के अभाव में पूरा नहीं हो सकी। बीच में कई बार बैठक का समय निर्धारित हुआ लेकिन कोई बीमार हुआ अथवा अन्य कारणों से बैठक टलती रही।
इधर काफी समय के बाद 28 अगस्त को एक बार फिर से क्षेत्र पंचायत के बैठक के लिए तिथि निर्धारित हुआ था। पुलिस भर्ती परीक्षा की वजह से प्रमुख के पत्र के आधार पर 11 सितंबर को बैठक करना निर्धारित हुआ। जो हंगामे और विवाद के बाद कोरम के अभाव में अपूर्ण रहा। अब 30 सितंबर को बैठक होना फिर से प्रस्तावित किया गया है।
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साल में एक बार होती है बैठक
पंचायतीराज विभाग के जानकारों की माने तो एक वित्तीय वर्ष में एक बार विकास कार्यों को लेकर बैठक होती है। अगर बैठक में कोरम का अभाव होता है तो बैठक स्थगित कर दी जाती है। अगली बैठक में कोरम की कोई जरूरत नहीं होती है। सेमरियांवा क्षेत्र पंचायत की बैठक तीन सालों में पूरी नहीं हो सकी है, जबकि हर साल एक बैठक होने के बाद दूसरे बैठक की नौबत ही नहीं आई।
हंगामेे से पहले 50 लोगों को किया था पाबंद
एक दिन पूर्व क्षेत्र पंचायत की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस को लाठी भांजकर ब्लॉक के आसपास की दुकानों को बंद कराकर विवाद को शांत करना पड़ा। जबकि पूर्व में ही विवाद की आशंका को लेकर स्थानीय पुलिस ने बैठक से पहले 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ पाबंदी की कार्रवाई की थी। इनमें से 14 लोगों को दो-दो लाख रुपये से पाबंद किया गया। जिसके बाद भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी विवाद को नहीं रोक सके और बैठक पूरी नहीं हो पाई।
विकास का पक्षधर हूं, आरोप निराधार : अंकुर
- डाक बंगले में प्रेसवार्ता कर दी जानकारी
संतकबीरनगर। सदर विधायक अंकुरराज तिवारी ने बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि मैं विकास का पक्षधर हूं। जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र पंचायत सेमरियावां की बैठक में शामिल होने के लिए गया था, लेकिन प्रशासन के आग्रह पर अपने प्रतिनिधि को बैठक में भेजा। अगर मैं सदस्यों को बैठक में जाने से रोकता तो फिर क्यों संख्या बढ़ाने के लिए जाता। मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार है। दरअसल ब्लॉक प्रमुख जनाधार खो चुकी हैं। इसलिए बैठक का कोरम पूरा नहीं हुआ।
सदर विधायक ने कहा कि मेरे विधायक बनने से पूर्व भी क्षेत्र पंचायत सेमरियावां की बैठक नहीं कराई गई। जिसके कारण विकास कार्य ठप पड़ा है। जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि क्षेत्र के विकास के कार्य हर संभव प्रयास करुं, लेकिन कुछ लोगों को यह बात नागवार लग रही है। कहा कि अब तक मेरे ऊपर एक भी केस दर्ज नहीं है, जबकि जो आरोप लगा रहा है वह कई मामले में गिरफ्तार तक हो चुका है। एक सवाल के जवाब में सदर विधायक ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को पूरी घटना से अवगत कराकर ऐसे व्यक्ति को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने का प्रयास करेंगे जो पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं।
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- प्रशासनिक अधिकारी भी सामंजस्य बनाने में हुए विफल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद के सबसे बड़े सेमरियावां ब्लाॅक का विकास आपसी खींचतान और वर्चस्व की भेंट चढ़ गया है। तीन साल से क्षेत्र पंचायत की बैठक न होने से विकास की कोई कार्ययोजना नहीं बन पाई। क्षेत्र में एक भी विकास कार्य अब तक नहीं हो पाए हैं। जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी सेमरियावां विकास खंड में क्षेत्र पंचायत की बैठक सकुशल बैठक करा पाने में विफल साबित हुए हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सेमरियावां क्षेत्र में 113 ग्राम पंचायत व 121 क्षेत्र पंचायत की 2 लाख 42 हजार 53 आबादी ने बीडीसी और ग्राम प्रधान का चुनाव किया। इसके बाद 20 जुलाई 2021 को प्रमुख का चुनाव होने के बाद शपथ ग्रहण हुआ। इसके बाद से अब तक कोई भी क्षेत्र पंचायत की बैठक पूरी नहीं हुई। 14 अक्तूबर 2022 और 14 फरवरी 2023 को भी क्षेत्र पंचायत का बैठक बुलाई गई, जो कोरम के अभाव में पूरा नहीं हो सकी। बीच में कई बार बैठक का समय निर्धारित हुआ लेकिन कोई बीमार हुआ अथवा अन्य कारणों से बैठक टलती रही।
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इधर काफी समय के बाद 28 अगस्त को एक बार फिर से क्षेत्र पंचायत के बैठक के लिए तिथि निर्धारित हुआ था। पुलिस भर्ती परीक्षा की वजह से प्रमुख के पत्र के आधार पर 11 सितंबर को बैठक करना निर्धारित हुआ। जो हंगामे और विवाद के बाद कोरम के अभाव में अपूर्ण रहा। अब 30 सितंबर को बैठक होना फिर से प्रस्तावित किया गया है।
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साल में एक बार होती है बैठक
पंचायतीराज विभाग के जानकारों की माने तो एक वित्तीय वर्ष में एक बार विकास कार्यों को लेकर बैठक होती है। अगर बैठक में कोरम का अभाव होता है तो बैठक स्थगित कर दी जाती है। अगली बैठक में कोरम की कोई जरूरत नहीं होती है। सेमरियांवा क्षेत्र पंचायत की बैठक तीन सालों में पूरी नहीं हो सकी है, जबकि हर साल एक बैठक होने के बाद दूसरे बैठक की नौबत ही नहीं आई।
हंगामेे से पहले 50 लोगों को किया था पाबंद
एक दिन पूर्व क्षेत्र पंचायत की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस को लाठी भांजकर ब्लॉक के आसपास की दुकानों को बंद कराकर विवाद को शांत करना पड़ा। जबकि पूर्व में ही विवाद की आशंका को लेकर स्थानीय पुलिस ने बैठक से पहले 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ पाबंदी की कार्रवाई की थी। इनमें से 14 लोगों को दो-दो लाख रुपये से पाबंद किया गया। जिसके बाद भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी विवाद को नहीं रोक सके और बैठक पूरी नहीं हो पाई।
विकास का पक्षधर हूं, आरोप निराधार : अंकुर
- डाक बंगले में प्रेसवार्ता कर दी जानकारी
संतकबीरनगर। सदर विधायक अंकुरराज तिवारी ने बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि मैं विकास का पक्षधर हूं। जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र पंचायत सेमरियावां की बैठक में शामिल होने के लिए गया था, लेकिन प्रशासन के आग्रह पर अपने प्रतिनिधि को बैठक में भेजा। अगर मैं सदस्यों को बैठक में जाने से रोकता तो फिर क्यों संख्या बढ़ाने के लिए जाता। मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार है। दरअसल ब्लॉक प्रमुख जनाधार खो चुकी हैं। इसलिए बैठक का कोरम पूरा नहीं हुआ।
सदर विधायक ने कहा कि मेरे विधायक बनने से पूर्व भी क्षेत्र पंचायत सेमरियावां की बैठक नहीं कराई गई। जिसके कारण विकास कार्य ठप पड़ा है। जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि क्षेत्र के विकास के कार्य हर संभव प्रयास करुं, लेकिन कुछ लोगों को यह बात नागवार लग रही है। कहा कि अब तक मेरे ऊपर एक भी केस दर्ज नहीं है, जबकि जो आरोप लगा रहा है वह कई मामले में गिरफ्तार तक हो चुका है। एक सवाल के जवाब में सदर विधायक ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को पूरी घटना से अवगत कराकर ऐसे व्यक्ति को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने का प्रयास करेंगे जो पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं।