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निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाए : रंजन
Sat, 11 Oct 2025 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 11 Oct 2025 12:04 AM IST
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
- फोटो : ramban news
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान निजीकरण का निर्णय वापस लिए जाने की मांग किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने कहा कि ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 का बिजली कर्मी पुरजोर विरोध करेंगे। निजीकरण को साजिश करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि सरकारी विद्युत वितरण निगमों के नेटवर्क का इस्तेमाल करने की निजी घरानों को अनुमति देने का यह प्राविधान भी जनहित में नहीं है, जिस पर संघर्ष समिति केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय को शीघ्र ही अपना प्रतिवेदन भेजेगी। उन्होंने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व बिजली कर्मियों के हित में नहीं है।
ऐसे में निजीकरण के इस निर्णय को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिनेश शर्मा, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, पुष्पेंद्र भारती, चंद्र केश मौर्य, मनीष मिश्रा, संजय यादव, अशोक कुमार, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, उमेश चौधरी, मेवालाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने कहा कि ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 का बिजली कर्मी पुरजोर विरोध करेंगे। निजीकरण को साजिश करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि सरकारी विद्युत वितरण निगमों के नेटवर्क का इस्तेमाल करने की निजी घरानों को अनुमति देने का यह प्राविधान भी जनहित में नहीं है, जिस पर संघर्ष समिति केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय को शीघ्र ही अपना प्रतिवेदन भेजेगी। उन्होंने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व बिजली कर्मियों के हित में नहीं है।
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ऐसे में निजीकरण के इस निर्णय को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिनेश शर्मा, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, पुष्पेंद्र भारती, चंद्र केश मौर्य, मनीष मिश्रा, संजय यादव, अशोक कुमार, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, उमेश चौधरी, मेवालाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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