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Sant Kabir Nagar News: मुख्लिसपुर के ठाकुरद्वारा गद्दी को लेकर जड़ा ताला
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मुखलिसपुर में ठाकुर द्वारा मंदिर में लगा ताला
महुली। थाना क्षेत्र के मुखलिसपुर में स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर के महंत की मृत्यु के बाद उपजा दावेदारी का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
मुखलिसपुर में स्थित रामजानकी ठाकुरद्वारा मंदिर के महंत राम कमल दास की मृत्यु के बाद उसकी सेवादार रिंकी दास ने मंदिर पर अपना एकाधिकार जमा लिया और विगत दिनों मंदिर में ताला भी जड़ दिया था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन और महुली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार धनघटा रामजी और थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पांडेय भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और ग्रामीणों और रिंकी दास को समझा-बुझाकर मंदिर का ताला खुलवाया था।
रिंकी दास को भी हिदायत दी कि ये मंदिर है, और यहां ताला नहीं बंद होना चाहिए। यहां कोई भी आकर कभी भी पूजा पाठ कर सकता है, लेकिन कुछ दिनों से इस मठ पर तमाम लोगों की नजर बनी है, और सभी लोग अपने-अपने अनुसार महंत की नियुक्ति करना चाहते हैं। कस्बा निवासी हरिराम, संजय मोदनवाल, अमृता, दिनेश द्विवेदी ,जय राम निषाद ,सागर, मनोज पटवा, भास्कर तिवारी, त्रिपुरारी, अरुणेश द्विवेदी, बबलू राम सरवन आदि सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर पर तैनात बाबा कमल दास कि जनवरी में प मृत्यु हो गई थी। उन्होंने खाना बनाने और मंदिर में साफ-सफाई के लिए एक महिला को रखा था। उनकी मृत्यु के बाद महिला रिंकी दास मंदिर में पूजा पाठ करने के लिए वहीं रहने लगी, जिसका विरोध ग्रामीण कर रहे हैं।
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मुखलिसपुर में स्थित रामजानकी ठाकुरद्वारा मंदिर के महंत राम कमल दास की मृत्यु के बाद उसकी सेवादार रिंकी दास ने मंदिर पर अपना एकाधिकार जमा लिया और विगत दिनों मंदिर में ताला भी जड़ दिया था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन और महुली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार धनघटा रामजी और थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पांडेय भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और ग्रामीणों और रिंकी दास को समझा-बुझाकर मंदिर का ताला खुलवाया था।
रिंकी दास को भी हिदायत दी कि ये मंदिर है, और यहां ताला नहीं बंद होना चाहिए। यहां कोई भी आकर कभी भी पूजा पाठ कर सकता है, लेकिन कुछ दिनों से इस मठ पर तमाम लोगों की नजर बनी है, और सभी लोग अपने-अपने अनुसार महंत की नियुक्ति करना चाहते हैं। कस्बा निवासी हरिराम, संजय मोदनवाल, अमृता, दिनेश द्विवेदी ,जय राम निषाद ,सागर, मनोज पटवा, भास्कर तिवारी, त्रिपुरारी, अरुणेश द्विवेदी, बबलू राम सरवन आदि सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर पर तैनात बाबा कमल दास कि जनवरी में प मृत्यु हो गई थी। उन्होंने खाना बनाने और मंदिर में साफ-सफाई के लिए एक महिला को रखा था। उनकी मृत्यु के बाद महिला रिंकी दास मंदिर में पूजा पाठ करने के लिए वहीं रहने लगी, जिसका विरोध ग्रामीण कर रहे हैं।
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