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बीडीओ नाथनगर के खिलाफ लगे आरोपों की होगी जांच
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बीडीओ नाथनगर के खिलाफ लगे आरोपों की होगी जांच
- डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने जांच के लिए गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बीडीओ नाथनगर की मनमानी कार्यशैली के खिलाफ लामबंद हुए प्रधानों की मांग पर सीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि अतिशीघ्र रिपोर्ट प्रेषित करें।
सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि विकास खंड नाथनगर के ग्राम प्रधानों ने आठ सितंबर को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें आरोप मढ़ा था कि बीडीओ नाथनगर के जरिए मनरेगा सामग्री अंश में धनराशि का भुगतान निर्धारित क्रम में न करके एक ही एजेंसी को किया जा रहा है। बीडीओ अपने विकास खंड में उपस्थित रहकर सामग्री अंश का भुगतान न कर करके गैर जनपद में बैठकर भुगतान के लिए डोंगल लगाया जा रहा है।
आरोप है कि बीडीओ नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठते हैं और न ही जनता की समस्याओं का समाधान ही नियमित रूप से करते हैं। रात्रि निवास भी इनके जरिए ब्लॉक मुख्यालय पर नहीं किया जा रहा है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि बीडीओ अपने तैनाती के विकास खंड पर ही रात्रि निवास करेंगे। बीडीओ की निष्क्रियता के कारण अनेकों ग्राम पंचायतों में मनरेगा सामग्री अंश का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिससे ग्राम प्रधानों में रोष व्याप्त है।
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सीडीओ ने बताया कि 24 अगस्त को उनके जरिए नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि विकास खंड के कंप्यूटर कक्ष में बाहरी लोग बैठकर काम कराते रहते हैं। जिससे प्रतीत होता है कि भुगतान की प्रक्रिया निष्पक्ष एवं सुचारु रुप से नहीं चल रही है। मनरेगा योजनांर्गत अमृत सरोवर निर्माण में प्रगति अत्यल्प है। जिससे निर्धारित समय तथा इनके जरिए लक्ष्य की पूर्ति किया जाना असंभव प्रतीत हो रहा है।
सीडीओ ने बताया कि बीडीओ के खिलाफ लगे इन आरोपों की जांच के लिए समिति गठित की गई है। समिति में जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद को अध्यक्ष नामित किया गया है। जबकि लेखाकार डीआरडीए और अवर अभियंता डीआरडीए सदस्य नामित है। जांच कमेटी को निर्देश दिए गए है कि निष्पक्ष जांच कर अतिशीघ्र रिपोर्ट प्रेषित करें। जिससे आगे की कार्रवाई की जा सकें।
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- डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने जांच के लिए गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बीडीओ नाथनगर की मनमानी कार्यशैली के खिलाफ लामबंद हुए प्रधानों की मांग पर सीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि अतिशीघ्र रिपोर्ट प्रेषित करें।
सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि विकास खंड नाथनगर के ग्राम प्रधानों ने आठ सितंबर को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें आरोप मढ़ा था कि बीडीओ नाथनगर के जरिए मनरेगा सामग्री अंश में धनराशि का भुगतान निर्धारित क्रम में न करके एक ही एजेंसी को किया जा रहा है। बीडीओ अपने विकास खंड में उपस्थित रहकर सामग्री अंश का भुगतान न कर करके गैर जनपद में बैठकर भुगतान के लिए डोंगल लगाया जा रहा है।
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आरोप है कि बीडीओ नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठते हैं और न ही जनता की समस्याओं का समाधान ही नियमित रूप से करते हैं। रात्रि निवास भी इनके जरिए ब्लॉक मुख्यालय पर नहीं किया जा रहा है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि बीडीओ अपने तैनाती के विकास खंड पर ही रात्रि निवास करेंगे। बीडीओ की निष्क्रियता के कारण अनेकों ग्राम पंचायतों में मनरेगा सामग्री अंश का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिससे ग्राम प्रधानों में रोष व्याप्त है।
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सीडीओ ने बताया कि 24 अगस्त को उनके जरिए नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि विकास खंड के कंप्यूटर कक्ष में बाहरी लोग बैठकर काम कराते रहते हैं। जिससे प्रतीत होता है कि भुगतान की प्रक्रिया निष्पक्ष एवं सुचारु रुप से नहीं चल रही है। मनरेगा योजनांर्गत अमृत सरोवर निर्माण में प्रगति अत्यल्प है। जिससे निर्धारित समय तथा इनके जरिए लक्ष्य की पूर्ति किया जाना असंभव प्रतीत हो रहा है।
सीडीओ ने बताया कि बीडीओ के खिलाफ लगे इन आरोपों की जांच के लिए समिति गठित की गई है। समिति में जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद को अध्यक्ष नामित किया गया है। जबकि लेखाकार डीआरडीए और अवर अभियंता डीआरडीए सदस्य नामित है। जांच कमेटी को निर्देश दिए गए है कि निष्पक्ष जांच कर अतिशीघ्र रिपोर्ट प्रेषित करें। जिससे आगे की कार्रवाई की जा सकें।