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चंदे से प्रतियोगिता कराने और बीएसए के समस्याएं न सुनने पर गुस्साए शिक्षक

Wed, 15 Sep 2021 11:17 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:17 PM IST
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चंदे से प्रतियोगिता कराने और बीएसए के समस्याएं न सुनने पर गुस्साए शिक्षक
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रभारी बीएसए गिरीश कुमार सिंह ने बुधवार को बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए खंड शिक्षा अधिकारी व शिक्षक संघों की बैठक बुलाई। बीआरसी खलीलाबाद में बैठक के बीच में अध्यापकों से चंदा लेकर प्रतियोगिता कराने और बीएसए द्वारा समस्याएं न सुनने से शिक्षक नाराज हो उठे। गुस्साए शिक्षकों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर विरोध जताया। वहीं शिक्षकों ने बीएसए पर अपशब्द कहने का भी आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अंबिका देवी, मंत्री ओमप्रकाश यादव, कोषाध्यक्ष केसी सिंह ने शिक्षकों की समस्याएं सुलझाने की बात कहीं। शिक्षक नेताओं का आरोप है कि प्रभारी बीएसए की भाषा शैली ठीक नहीं थी। शिक्षकों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हुए और चंदे से प्रतियोगिता का आयोजन कराने का दबाव बनाने लगे। अभी तक विद्यालयों पर किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। जिसे पठन-पाठन कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। सत्यापन के उपरांत एरियर सूची निर्गत नहीं की जा रही है। एमडीएम के खाते में धन उपलब्ध न होने के कारण भोजन बनवाने में काफी कठिनाई हो रही है। मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति की पत्रावली काफी दिनों से लंबित है फिर भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही है।
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अनुराग त्रिपाठी की पत्रावली 18 अगस्त से ही कार्यालय में लंबित है। बार-बार कहने के बावजूद भी बीएसए के जरिए नियुक्ति आदेश निर्गत नहीं किया जा रहा है। कोविड-19 में मृतक सभी कर्मचारियों का अभी तक देयकों का भुगतान नहीं कराया गया है। अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में अंग्रेजी अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गई है और वहां पर अंग्रेजी माध्यम किताबें भेजवा दी जा रही है। इससे बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं। डीबीटी की फीडिंग बीआरसी पर ही कराई जाए। शिक्षक नेताओं का आरोप है कि ऐसी गंभीर समस्या को सुनने को प्रभारी बीएसए तैयार नहीं थे, सिर्फ चंदे की बात कर रहे थे।
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जब तक मांगों को पूरा नही किया जाता है तब तक संगठन किसी भी प्रकार के चंदे का विरोध करेगा। विभाग की ओर से क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए जो भी धन शासन से स्वीकृत होता है, उसी में क्रीड़ा प्रतियोगिता कराई जाए। चंदे के नाम पर शिक्षकों से वसूली कर उत्पीड़न न किया जाए। इस दौरान हरकेश मिश्र, प्रमोद पाठक, रामनाथ यादव, सुयेब अहमद, प्रेम प्रकाश दुबे, राम सुरेश चौधरी, जफीर अली करखी, मोहम्मद आजम, शोएब अहमद, रामनिवास, शिवानंद मिश्र, रामशरण यादव, मेराज अहमद, शिवचरण, अजय सिंह, मीरा भारती, अरुण कुमार यादव, वीरेंद्र चौधरी, धर्मपाल राव, उदय प्रताप यादव, विपिन वर्मा, विष्णु श्रीवास्तव, विजय नाथ यादव, चंद्रकांत चौधरी, अनुराग त्रिपाठी, निजामुद्दीन आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए बैठक बुलाई गई थी। जिसमें शिक्षक अपनी समस्याएं रखने लगे। मना किया गया तो वे भड़क गए। सभी के सहयोग से ही खेल प्रतियोगिता का आयोजन हो सकेगा। अपशब्द कहने का आरोप गलत है।
- गिरीश कुमार सिंह, प्रभारी बीएसए
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