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मेंहदावल ः सपा के विजय रथ को थामकर खिला कमल
sant kabir nagar
Updated Sat, 11 Mar 2017 11:44 PM IST
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मेंहदावल सीट से विजयी प्रत्याशी राकेश सिंह बघेल आरआे से जीत का प्रमाण पत्र लेते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
मेंहदावल की जनता ने इस बार भाजपा पर भरोसा जताया और 1993 के बाद यहां कमल खिला। भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह बघेल पहले राउंड से ही आगे और अंत तक अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्याशी अनिल त्रिपाठी को पछाड़ते गए। पिछले चार चुनाव से सपा के कब्जे में यह सीट रही और इस बार सपा सरक कर तीसरे पायदान पर चली गई।
मेंहदावल सीट पर कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। सभी प्रमुख दलों यह सीट जीतने के लिए अपनी ताकत लगा दी थी, लेकिन मोदी लहर में जनता ने रुख बदल दिया। नतीजतन भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह बघेल ने 42914 मतों के अंतर से बसपा प्रत्याशी अनिल त्रिपाठी को शिकस्त देते हुए जीत हासिल की। यहां 1996,2002,2007 में सपा के अब्दुल कलाम लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे।
जबकि 2012 में नए परिसीमन में यहां सपा ने पूर्व में जयचंद उर्फ जयराम पांडेय को टिकट दिया था परंतु चुनाव पूर्व पार्टी ने प्रत्याशी बदल कर लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद को लड़ाया था और वह विधायक बने थे। इस बार चुनाव में कुछ ऐसा ही हुआ सपा ने पहले लक्ष्मीकांत को टिकट दिया और फिर उनका टिकट काट कर जयराम पांडेय को प्रत्याशी बनाया। सीएम अखिलेश यादव की कम्हरिया में जनसभा भी हुई, लेकिन इसका असर जनता पर नहीं पड़ा।
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भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में खलीलाबाद के जूनियर हाईस्कूल में पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह, कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र और सांसद महंत आदित्यनाथ ने मेंहदावल क्षेत्र में जनसभाएं की थी। राजनीति विश्लेषक यहीं मान रहे है कि यहां जीत में युवाओ की अहम भूमिका है। जिसमें अगड़े वोटरों के साथ बैकवर्ड ने भी भाजपा प्रत्याशी का साथ दिया है। जिसकी वजह से यहां भाजपा के राकेश सिंह बघेल को जीत मिली।
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मेंहदावल सीट पर कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। सभी प्रमुख दलों यह सीट जीतने के लिए अपनी ताकत लगा दी थी, लेकिन मोदी लहर में जनता ने रुख बदल दिया। नतीजतन भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह बघेल ने 42914 मतों के अंतर से बसपा प्रत्याशी अनिल त्रिपाठी को शिकस्त देते हुए जीत हासिल की। यहां 1996,2002,2007 में सपा के अब्दुल कलाम लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे।
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जबकि 2012 में नए परिसीमन में यहां सपा ने पूर्व में जयचंद उर्फ जयराम पांडेय को टिकट दिया था परंतु चुनाव पूर्व पार्टी ने प्रत्याशी बदल कर लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद को लड़ाया था और वह विधायक बने थे। इस बार चुनाव में कुछ ऐसा ही हुआ सपा ने पहले लक्ष्मीकांत को टिकट दिया और फिर उनका टिकट काट कर जयराम पांडेय को प्रत्याशी बनाया। सीएम अखिलेश यादव की कम्हरिया में जनसभा भी हुई, लेकिन इसका असर जनता पर नहीं पड़ा।
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भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में खलीलाबाद के जूनियर हाईस्कूल में पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह, कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र और सांसद महंत आदित्यनाथ ने मेंहदावल क्षेत्र में जनसभाएं की थी। राजनीति विश्लेषक यहीं मान रहे है कि यहां जीत में युवाओ की अहम भूमिका है। जिसमें अगड़े वोटरों के साथ बैकवर्ड ने भी भाजपा प्रत्याशी का साथ दिया है। जिसकी वजह से यहां भाजपा के राकेश सिंह बघेल को जीत मिली।