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फर्जी प्रमाणपत्र लगा बन गए प्रवक्ता, पोल खुली तो हुए फरार
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फर्जी प्रमाणपत्र लगा बन गए प्रवक्ता, पोल खुली तो हुए फरार
- माध्यमिक विद्यालयों में अप्रैल माह में हुई थी तीन अभ्यर्थियों की तैनाती
- सत्यापन के बाद खुला मामला, अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग में फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में तीन अभ्यर्थियों ने प्रवक्ता के पद पर नौकरी हथिया ली थी। साथ ही वेतन भी उठा लिया था। डीआईओएस ने जब इन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया तो वह फर्जी निकला। इसकी भनक लगने के बाद तीनों शिक्षक फरार हो गए हैं। डीआईओएस ने अब इन शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के जरिए अप्रैल माह में प्रवक्ता के पद पर जिले में करीब 22 अभ्यर्थियों की तैनाती हुई थी। तत्कालीन डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने इन शिक्षकों की तैनाती विभिन्न स्कूलों में की थी। बिना प्रमाणपत्रों के सत्यापन के इन शिक्षकों का बकायदा वेतन भी जारी हो गया था। इधर, शासन ने प्रदेश में चयनित हुए सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन का निर्देश दिया। जिले में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन हुआ तो मामला चौंकाने वाला आया। इसमे ऐसे शिक्षको के प्रमाण पत्र लगाए गए जो अन्य जिलो में पहले से प्रवक्ता के पद पर तैनात है। डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने बताया कि अप्रैल माह में प्रवक्ता के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया है। जिसमे तीन लोगों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले है। इनमें बागपत जिले के बीपी इंटर कॉलेज में तैनात अजेश कुमार पांडेय का प्रमाण पत्र लगाकर बाबा बासुदेव दास इंटर कॉलेज अलीनगर संतकबीरनगर में एक अभ्यर्थी ने तैनाती पा ली थी। इसी तरह से मिर्जापुर जिले के किसान इंटर कॉलेज जसोहन में तैनात प्रवक्ता जितेंद्र यादव का प्रमाणपत्र लगाकर सरदार पटेल इंटर कॉलेज भदाह में एक अभ्यर्थी तैनात था, जबकि सुल्तानपुर जिले के गोडवां इंटर कॉलेज में तैनात अविनाश गुप्ता का सर्टिफिकेट लगाकर श्रीराम शंकर सच्चिदानंद पाल कृषक इंटर कॉलेज सिकरी में एक अभ्यर्थी तैनात था। प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर यह तीनों शिक्षक विद्यालय छोड़कर फरार हो गए हैं। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के उप सचिव ने इन तीनों फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि संबंधित थानों में इन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संवाद
जिले में अप्रैल माह में प्रवक्ता के पद पर चयनित हुए तीन लोगों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। दूसरे का प्रमाणपत्र लगाकर इन लोगों ने नौकरी हासिल की थी। इसकी भनक जब इन तीनों फर्जी शिक्षकों को लगी तो वह विद्यालय छोड़कर फरार हो गए हैं। इन पर मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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मनमोहन शर्मा, डीआईओएस
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- माध्यमिक विद्यालयों में अप्रैल माह में हुई थी तीन अभ्यर्थियों की तैनाती
- सत्यापन के बाद खुला मामला, अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग में फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में तीन अभ्यर्थियों ने प्रवक्ता के पद पर नौकरी हथिया ली थी। साथ ही वेतन भी उठा लिया था। डीआईओएस ने जब इन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया तो वह फर्जी निकला। इसकी भनक लगने के बाद तीनों शिक्षक फरार हो गए हैं। डीआईओएस ने अब इन शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के जरिए अप्रैल माह में प्रवक्ता के पद पर जिले में करीब 22 अभ्यर्थियों की तैनाती हुई थी। तत्कालीन डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने इन शिक्षकों की तैनाती विभिन्न स्कूलों में की थी। बिना प्रमाणपत्रों के सत्यापन के इन शिक्षकों का बकायदा वेतन भी जारी हो गया था। इधर, शासन ने प्रदेश में चयनित हुए सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन का निर्देश दिया। जिले में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन हुआ तो मामला चौंकाने वाला आया। इसमे ऐसे शिक्षको के प्रमाण पत्र लगाए गए जो अन्य जिलो में पहले से प्रवक्ता के पद पर तैनात है। डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने बताया कि अप्रैल माह में प्रवक्ता के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया है। जिसमे तीन लोगों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले है। इनमें बागपत जिले के बीपी इंटर कॉलेज में तैनात अजेश कुमार पांडेय का प्रमाण पत्र लगाकर बाबा बासुदेव दास इंटर कॉलेज अलीनगर संतकबीरनगर में एक अभ्यर्थी ने तैनाती पा ली थी। इसी तरह से मिर्जापुर जिले के किसान इंटर कॉलेज जसोहन में तैनात प्रवक्ता जितेंद्र यादव का प्रमाणपत्र लगाकर सरदार पटेल इंटर कॉलेज भदाह में एक अभ्यर्थी तैनात था, जबकि सुल्तानपुर जिले के गोडवां इंटर कॉलेज में तैनात अविनाश गुप्ता का सर्टिफिकेट लगाकर श्रीराम शंकर सच्चिदानंद पाल कृषक इंटर कॉलेज सिकरी में एक अभ्यर्थी तैनात था। प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर यह तीनों शिक्षक विद्यालय छोड़कर फरार हो गए हैं। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के उप सचिव ने इन तीनों फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि संबंधित थानों में इन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संवाद
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जिले में अप्रैल माह में प्रवक्ता के पद पर चयनित हुए तीन लोगों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। दूसरे का प्रमाणपत्र लगाकर इन लोगों ने नौकरी हासिल की थी। इसकी भनक जब इन तीनों फर्जी शिक्षकों को लगी तो वह विद्यालय छोड़कर फरार हो गए हैं। इन पर मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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मनमोहन शर्मा, डीआईओएस