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Sant Kabir Nagar News: मृदा शक्ति व उत्पादन बढ़ाने के लिए ढैंचा की करें बुआई
Sun, 27 Apr 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 27 Apr 2025 11:52 PM IST
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सेमरियावां। खेतों में अंधाधुंध रासायनिक खाद के छिड़काव से उपजाऊ मिट्टी बंजर होती जा रही है। मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की दिशा में कृषि विभाग द्वारा हरी खाद के रूप में ढैंचा का बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। बीज आते ही वितरण कर दिया जाएग।
पीएम निधि में पंजीकृत किसानों को 50 फीसदी अनुदान मिलेगा। हरी खाद की फसल 45 से 60 दिन के अंदर गहरी जोताई कर मिट्टी में मिला दें। हरी खाद पलटते समय खेत में पर्याप्त मात्रा में पानी होना चाहिए। हरी खाद फसल को भूमि में मिलाते समय फूल आने से पूर्व का वक्त सर्वोत्तम होता है। सेमरियावां किसान कल्याण केंद्र पर ढैंचा बीज जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा। सेमरियावां एडीओ कृषि राकेश कुमार सोनी ने बताया कि मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए किसान खेतों में ढैंचा, सनई जैसे हरे खाद की खेती करें। सूक्ष्मजीव मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में मुख्य पोषक होत हैं। जैसे अजोटोबैक्टर, स्ट्रेपटोमाइसेम, राइजोबियम, नील हरित शैवाल, फास्फेट साल्बुलाइजिंग बैक्टीरिया आदि होते हैं। बताया कि कृषि जोत का आकार प्रत्येक दिन कम होता जा रहा है। ऐसे में प्रति इकाई कृषि उपज बढ़ाना ही एकमात्र विकल्प रह गया है।
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पीएम निधि में पंजीकृत किसानों को 50 फीसदी अनुदान मिलेगा। हरी खाद की फसल 45 से 60 दिन के अंदर गहरी जोताई कर मिट्टी में मिला दें। हरी खाद पलटते समय खेत में पर्याप्त मात्रा में पानी होना चाहिए। हरी खाद फसल को भूमि में मिलाते समय फूल आने से पूर्व का वक्त सर्वोत्तम होता है। सेमरियावां किसान कल्याण केंद्र पर ढैंचा बीज जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा। सेमरियावां एडीओ कृषि राकेश कुमार सोनी ने बताया कि मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए किसान खेतों में ढैंचा, सनई जैसे हरे खाद की खेती करें। सूक्ष्मजीव मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में मुख्य पोषक होत हैं। जैसे अजोटोबैक्टर, स्ट्रेपटोमाइसेम, राइजोबियम, नील हरित शैवाल, फास्फेट साल्बुलाइजिंग बैक्टीरिया आदि होते हैं। बताया कि कृषि जोत का आकार प्रत्येक दिन कम होता जा रहा है। ऐसे में प्रति इकाई कृषि उपज बढ़ाना ही एकमात्र विकल्प रह गया है।
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