फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   sewika mahant face to face

मठ पर कब्जे के लिए सेविका व सह महंत आमने-सामने

Fri, 02 Apr 2021 11:47 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Apr 2021 11:47 PM IST
विज्ञापन
sewika mahant face to face
मठ पर कब्जे के लिए सेविका व सह महंत आमने-सामने
विज्ञापन

महुली क्षेत्र के हरपुर में स्थित श्री सदगुरु कबीर मठ पर दावेदारी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली क्षेत्र के हरपुर में स्थित श्री सदगुरु कबीर मठ पर दावेदारी को लेकर सह महंत एवं सेविका आमने-सामने हो गए। ग्रामीण भी महंत के पक्ष में लामबंद हो गए। विवाद की सूचना पर शुक्रवार को पुलिस मौके पर पहुंच गई। पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया है।

बता दें कि श्री सदगुरु कबीर मठ हरपुर के महंत सर्वजीत दास का देहांत 31 दिसंबर 2020 को हो गया था। इस दौरान सेविका पुष्प लता देवी सेवा कर रही थीं। महंत की मौत के बाद सिद्धपीठ कबीर चौरा वाराणसी से पहुंचे संत समाज ने राम प्रसाद दास जी को महंत नियुक्त किया। मठ की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में संत समाज ने सेविका पुष्पलता को मठ से हटा दिया। ग्रामीणों व मठ से जुड़े लोगों के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम में सेविका पुष्पलता पुन: मठ पर पहुंचीं। खुद को मठ की जिम्मेदार बताते हुए रुक गईं। शुक्रवार को मठ पर दावेदारी को लेकर महंत व सेविका आमने-सामने हो गईं। ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर डॉयल 112 नंबर की पुलिस टीम भी पहुंच गई। दोनों पक्षों को साक्ष्य संबंधित अभिलेख के साथ महुली थाने पर बुलाया गया है। कबीर मठ हरपुर के सहायक महंत मरीज दास जी ने बताया कि संत समाज द्वारा महंत राम प्रसाद महाराज को मठ की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन मठ की देखरेख की जिम्मेदारी कागजी रूप से महंत ने उन्हें सौंप दी है। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय महंत सर्वजीत दास की सेविका जबरदस्ती मठ पर कब्जा जमाना चाहती हैं। सेविका को ग्रामीण भी नहीं चाहते हैं कि वह मठ पर रहें। जबकि सेविका पुष्पलता ने बताया कि वह 14 वर्षों से मठ पर रह रही हैं। स्वर्गीय महंत सर्वजीत दास जी की आखिरी दम तक सेवा की हैै। मठ पर सबसे पहले उनका हक है। यहां इसलिए रहना चाहती हैं कि गांव के एक व्यक्ति से मुकदमा चल रहा है। इसके कारण यहां रुकने की मजबूरी है। उनका कहना है कि वह थाने नहीं जाएंगी। पुलिस आकर मामले की जानकारी ले सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed