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Sant Kabir Nagar News: आगणन प्रपत्र देने में बेलहर, खलीलाबाद समेत सात ब्लॉक फिसड्डी
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- शिक्षकों के आयकर की गणना वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर होती है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शिक्षकाें के आयकर आगणन प्रपत्र देने में बेलहर, खलीलाबाद समेत सात ब्लॉक फिसड्डी है। वित्त एवं लेखाधिकारी ने इन ब्लॉकों को 15 फरवरी तक आगणन प्रपत्र जमा करने का निर्देश दिया है।
वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक अभिनय सिंह ने बताया कि शिक्षकों के आयकर की गणना वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर की जाती है एवं नियमानुसार आयकर की कटौती के पश्चात माह फरवरी के वेतन भुगतान की कार्रवाई होती है। ब्लॉकों से आनन-फानन में आयकर आगणन प्रपत्र तैयार किए जाते हैं। जिसमे बहुत से अध्यापकों द्वारा गलत कटौती की शिकायत की जाती है तथा कुछ शिक्षकों के टैक्स की धनराशि वेतन से पूर्ण नहीं हो पाती। जिससे आयकर विभाग द्वारा शार्ट डिडक्शन की नोटिस जारी कर दी जाती है। इससे जहां एक तरफ विभाग को अनेकों परेशानियों होती है वहीं संबंधित कर्मचारी को भी पेनाल्टी के साथ टैक्स अदा करना पड़ता है।
यह स्थिति कर्मचारी हितों के सर्वथा विपरीत है। जिले के बेलहर, खलीलाबाद, हैंसर, नाथनगर, बघौली और पौली ब्लाॅक से आगणन प्रपत्र की सूचना शून्य है। जबकि मेंहदावल और सांथा ने कार्य तेज किया और आगणन प्रपत्र जमा कर दिया है। इन ब्लाकों को 15 फरवरी तक आगणन प्रपत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है। अगर ऐसा नहीं करते है और शिक्षकों को आयकर की नोटिस आती है तो इसकी जिम्मेदारी बीईओ की होगी।
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संतकबीरनगर। शिक्षकाें के आयकर आगणन प्रपत्र देने में बेलहर, खलीलाबाद समेत सात ब्लॉक फिसड्डी है। वित्त एवं लेखाधिकारी ने इन ब्लॉकों को 15 फरवरी तक आगणन प्रपत्र जमा करने का निर्देश दिया है।
वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक अभिनय सिंह ने बताया कि शिक्षकों के आयकर की गणना वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर की जाती है एवं नियमानुसार आयकर की कटौती के पश्चात माह फरवरी के वेतन भुगतान की कार्रवाई होती है। ब्लॉकों से आनन-फानन में आयकर आगणन प्रपत्र तैयार किए जाते हैं। जिसमे बहुत से अध्यापकों द्वारा गलत कटौती की शिकायत की जाती है तथा कुछ शिक्षकों के टैक्स की धनराशि वेतन से पूर्ण नहीं हो पाती। जिससे आयकर विभाग द्वारा शार्ट डिडक्शन की नोटिस जारी कर दी जाती है। इससे जहां एक तरफ विभाग को अनेकों परेशानियों होती है वहीं संबंधित कर्मचारी को भी पेनाल्टी के साथ टैक्स अदा करना पड़ता है।
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यह स्थिति कर्मचारी हितों के सर्वथा विपरीत है। जिले के बेलहर, खलीलाबाद, हैंसर, नाथनगर, बघौली और पौली ब्लाॅक से आगणन प्रपत्र की सूचना शून्य है। जबकि मेंहदावल और सांथा ने कार्य तेज किया और आगणन प्रपत्र जमा कर दिया है। इन ब्लाकों को 15 फरवरी तक आगणन प्रपत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है। अगर ऐसा नहीं करते है और शिक्षकों को आयकर की नोटिस आती है तो इसकी जिम्मेदारी बीईओ की होगी।
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