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बेटी की शादी के लिए मांग रहे मदद
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:39 PM IST
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बेटी की शादी के लिए मांग रहे मदद।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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अग्नि पीड़ित फुलुई गांव निवासी मगरू की बेटी की बारात रविवार को आएगी। आग में सब कुछ जल जाने और अभी तक प्रशासन और किसी स्तर से कोई मदद नहीं मिलने से बेटी की शादी को लेकर परिजन चिंतित है। बेटी के हाथ कैसे पीले होंगे इसके लिए पूरा परिवार घर- घर जा कर मदद की गुहार कर रहा है।
13 अप्रैल को फुलुई गांव में आग लगने से 50 से अधिक लोगों का आशियाना जलकर राख हो गया था। पीड़ितों में मगरू का परिवार भी शामिल है। पीड़ित परिवार में 17 अप्रैल को बेटी रामशीला की शादी है। मगरू बताते है कि बेटी की शादी की सारी तैयारी पूर्ण कर चुके थे। जिसमें जेवर से लगायत बेड तक घर में लाकर रख दिए थे। लेकिन कुदरत ने इस कदर मजाक किया कि पूरा पूरा सामान जलाने के साथ अरमान भी जला डाला। अब बेटी की शादी और इज्जत गांव व क्षेत्र के लोगों के भरोसे है। इसमें गांव ज्वार समेत प्रधान हरिश्चंद्र यादव पूरी मदद कर रहे है।
पीड़ित ने बताया कि जब एक एक रुपये का मोहताज हो चुका हूं, ऐसे में सरकार से जो भी मदद मिलती वह हमारे लिए काफी थी। लेखपाल रिपोर्ट बनाकर ले गए उसके बाद कोई पूछने तक नहीं आया। ग्राम प्रधान का कहना है कि तहसील प्रशासन से सहायता राशि देने के लिए दो बार संपर्क कर चुका, लेकिन बितरण नही किया जा रहा है। इतना ही नही गांव में फोटो खिचानें कई नेता और जन प्रतिनिधि आए, लेकिन पीड़ित परिवार को कोई सहायता नहीं दिए।
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13 अप्रैल को फुलुई गांव में आग लगने से 50 से अधिक लोगों का आशियाना जलकर राख हो गया था। पीड़ितों में मगरू का परिवार भी शामिल है। पीड़ित परिवार में 17 अप्रैल को बेटी रामशीला की शादी है। मगरू बताते है कि बेटी की शादी की सारी तैयारी पूर्ण कर चुके थे। जिसमें जेवर से लगायत बेड तक घर में लाकर रख दिए थे। लेकिन कुदरत ने इस कदर मजाक किया कि पूरा पूरा सामान जलाने के साथ अरमान भी जला डाला। अब बेटी की शादी और इज्जत गांव व क्षेत्र के लोगों के भरोसे है। इसमें गांव ज्वार समेत प्रधान हरिश्चंद्र यादव पूरी मदद कर रहे है।
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पीड़ित ने बताया कि जब एक एक रुपये का मोहताज हो चुका हूं, ऐसे में सरकार से जो भी मदद मिलती वह हमारे लिए काफी थी। लेखपाल रिपोर्ट बनाकर ले गए उसके बाद कोई पूछने तक नहीं आया। ग्राम प्रधान का कहना है कि तहसील प्रशासन से सहायता राशि देने के लिए दो बार संपर्क कर चुका, लेकिन बितरण नही किया जा रहा है। इतना ही नही गांव में फोटो खिचानें कई नेता और जन प्रतिनिधि आए, लेकिन पीड़ित परिवार को कोई सहायता नहीं दिए।
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