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Sant Kabir Nagar News: सरयू का जलस्तर स्थिर, नहीं थम रहीं समस्याएं
Fri, 22 Aug 2025 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 22 Aug 2025 12:18 AM IST
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नावों से स्कूल जा रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी रोसया बाजार/महुली। सरयू का जलस्तर अब स्थिर हो गया है लेकिन लोगों की समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रही। जलभराव से फसलें बर्बाद हो गई हैं तो पशुपालकों के सामने हरे चारे का संकट है।
वहीं वहीं नदी की जलधारा और बंधे के बीच में मौजूद 32 गांवों के लोगों सांसत झेलने को मजबूर हैं। नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। कई गांव के लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
सरयू नदी का जलस्तर पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि नदी के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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पौली क्षेत्र में सरयू के जल में लगातार कभी वृद्धि तो कभी गिरावट से परड़िया गांव के 30 घरों का केवटाही पुरवा, नकहा की 25 घरों की निषाद बस्ती, 280 घरों का छपरा मगरबी और नरायनपुर, केवटहिया व कटहा-भिटहा के मदरहा पुरवा के 150 घर पानी से घिरे हुए हैं।
वहीं भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर, रामपुर समेत अन्य गांवों की फसलें जलमग्न हैं। इस क्षेत्र के सीतमाराम, अजय यादव व रामाज्ञा निषाद बताते हैं कि फसलें अब पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं, फसलें पीली पड़ चुकी हैं। स्थिति तो यह है कि मनुष्य तो अलग, पशुओं के सामने भी चारे का संकट खड़ा हो गया है।
पुजारी, परशुराम, विनोद, अशोक, राम सुमेर, रग्घू यादव समेत अन्य लोगों का कहना है कि हम लोग बहुत दिनों से इस परेशानी से झेलते चले आ रहे हैं।
कई दिनों तक खेतों में बाढ़ का पानी भरने से अरहर, धान, सब्जी की खेती बर्बाद हो चुकी है। पशुओं के चारे के संकट सामने खड़ा है। परवर की खेती पूरी तरह से डूब चुकी है। वहीं ढोलबजवा, बढ़ैपुरवा, गायघाट के बच्चों को स्कूल जाने तो लोगों को बाजार जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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वहीं वहीं नदी की जलधारा और बंधे के बीच में मौजूद 32 गांवों के लोगों सांसत झेलने को मजबूर हैं। नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। कई गांव के लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सरयू नदी का जलस्तर पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि नदी के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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पौली क्षेत्र में सरयू के जल में लगातार कभी वृद्धि तो कभी गिरावट से परड़िया गांव के 30 घरों का केवटाही पुरवा, नकहा की 25 घरों की निषाद बस्ती, 280 घरों का छपरा मगरबी और नरायनपुर, केवटहिया व कटहा-भिटहा के मदरहा पुरवा के 150 घर पानी से घिरे हुए हैं।
वहीं भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर, रामपुर समेत अन्य गांवों की फसलें जलमग्न हैं। इस क्षेत्र के सीतमाराम, अजय यादव व रामाज्ञा निषाद बताते हैं कि फसलें अब पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं, फसलें पीली पड़ चुकी हैं। स्थिति तो यह है कि मनुष्य तो अलग, पशुओं के सामने भी चारे का संकट खड़ा हो गया है।
पुजारी, परशुराम, विनोद, अशोक, राम सुमेर, रग्घू यादव समेत अन्य लोगों का कहना है कि हम लोग बहुत दिनों से इस परेशानी से झेलते चले आ रहे हैं।
कई दिनों तक खेतों में बाढ़ का पानी भरने से अरहर, धान, सब्जी की खेती बर्बाद हो चुकी है। पशुओं के चारे के संकट सामने खड़ा है। परवर की खेती पूरी तरह से डूब चुकी है। वहीं ढोलबजवा, बढ़ैपुरवा, गायघाट के बच्चों को स्कूल जाने तो लोगों को बाजार जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।