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Sant Kabir Nagar News: बड़ौदा-यूपी बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सूचना आयोग में तलब
Sat, 23 Mar 2024 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 23 Mar 2024 11:52 PM IST
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- पीड़िता को समय से सूचना न मुहैया कराने के चलते सख्त हुआ आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। पीड़िता को समय से सूचना मुहैया न कराने के दोषी पाए जाने पर सूचना आयोग ने बड़ौदा-यूपी बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को तलब किया है। मामले की सुनवाई जिले के एनआईसी कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी।
मड़हाराजा गांव निवासी पीड़िता उषा त्रिपाठी ने बड़ौदा-यूपी बैंक से लोन लिया था। आरोप है कि पीड़िता ने बैंक से लिए हुए लोन को जमा कर दिया। बदले में लोन के लिए बैंक को दिए गए अभिलेख की मांग की तो उसमें कुछ अभिलेख गायब मिले। पूछने पर बैंक के जिम्मेदारों ने लोन के दस्तावेज में उतने ही कागजात जमा होने की बात कही। उषा त्रिपाठी के बार-बार कहने के बाद भी बैंक दस्तावेज के कागजात मुहैया कराने में हीलाहवाली करता रहा।
थक हारकर पीड़िता ने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने बैंक से पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी। लेकिन बैक के जिम्मेदार सूचना मुहैया कराने में आनाकानी करते रहे। उषा ने प्रथम अपीलीय अधिकारी से भी गुहार लगाई लेकिन सूचना नहीं दी गई। फिर उन्होंने आयोग में अर्जी दाखिल की। सुनवाई के बाद आयोग ने बड़ौदा-यूपी बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को सूचना न मुहैया कराने का दोषी पाया और तीन अप्रैल को एनआईसी कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई सूचना आयुक्त वीडियो कांफ्रेंस के जरिए करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। पीड़िता को समय से सूचना मुहैया न कराने के दोषी पाए जाने पर सूचना आयोग ने बड़ौदा-यूपी बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को तलब किया है। मामले की सुनवाई जिले के एनआईसी कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी।
मड़हाराजा गांव निवासी पीड़िता उषा त्रिपाठी ने बड़ौदा-यूपी बैंक से लोन लिया था। आरोप है कि पीड़िता ने बैंक से लिए हुए लोन को जमा कर दिया। बदले में लोन के लिए बैंक को दिए गए अभिलेख की मांग की तो उसमें कुछ अभिलेख गायब मिले। पूछने पर बैंक के जिम्मेदारों ने लोन के दस्तावेज में उतने ही कागजात जमा होने की बात कही। उषा त्रिपाठी के बार-बार कहने के बाद भी बैंक दस्तावेज के कागजात मुहैया कराने में हीलाहवाली करता रहा।
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थक हारकर पीड़िता ने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने बैंक से पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी। लेकिन बैक के जिम्मेदार सूचना मुहैया कराने में आनाकानी करते रहे। उषा ने प्रथम अपीलीय अधिकारी से भी गुहार लगाई लेकिन सूचना नहीं दी गई। फिर उन्होंने आयोग में अर्जी दाखिल की। सुनवाई के बाद आयोग ने बड़ौदा-यूपी बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को सूचना न मुहैया कराने का दोषी पाया और तीन अप्रैल को एनआईसी कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई सूचना आयुक्त वीडियो कांफ्रेंस के जरिए करेंगे।
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