{"_id":"63406671b467147241124834","slug":"rapti-river-will-become-the-hub-of-employment-for-the-fishermen-community-khalilabad-news-gkp453173158","type":"story","status":"publish","title_hn":"संतकबीरनगर: मछुआ समुदाय के लिए रोजगार का हब बनेगी राप्ती, नदी में डाली जाएंगी तीन लाख मछलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संतकबीरनगर: मछुआ समुदाय के लिए रोजगार का हब बनेगी राप्ती, नदी में डाली जाएंगी तीन लाख मछलियां
Sat, 08 Oct 2022 05:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2022 05:19 PM IST
सार
सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि रिवर रैंचिग योजना के तहत शनिवार को राप्ती नदी के किनारे बढ़या ठाठर में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें सांसद प्रवीण निषाद, मेंहदावल के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, उप निदेशक मत्स्य बस्ती मंडल ब्रजेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय कुमार मिश्र आदि मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन
मेंहदावल स्थित राप्ती नदी में डाली जाएगी मछली।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
विस्तार
संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल तहसील क्षेत्र के मछुआ समुदाय के लिए राप्ती नदी रोजगार का हब बनेगी। रिवर रैचिंग कार्यक्रम के तहत राप्ती नदी में भाकुर, रोहू व नैनी प्रजाति की करीब तीन लाख मछलियां डाली जाएंगी। इसके पीछे शासन की मंशा है कि मछुआ समुदाय के लोग मछलियों की बिक्री कर अपनी आमदनी बढ़ाएंगे। साथ ही नदी में जैव विविधिता को बढ़ावा मिलेगा।
जनपद के मेंहदावल तहसील क्षेत्र से होकर राप्ती नदी गुजरी हुई है। इस क्षेत्र में मछुआ समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। मछुआ समुदाय का मुख्य पेशा मछली का शिकार करजीविका चलाना है। प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने मछुआ समुदाय के लोगों को रोजगार से जोड़ने की पहल की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत राष्ट्रीय मत्स्यकीय विकास बोर्ड हैदराबाद के जरिए प्रायोजित रिवर रैचिंग कार्यक्रम से यहां के मछुआ समुदाय के लोगों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय कुमार मिश्र ने बताया कि रिवर रैचिंग कार्यक्रम के तहत राप्ती नदी में एक साल के भीतर तीन लाख मछलियों के बीज संचय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य रूप से भाकुर, रोहू और नैनी प्रजाति की मछलियों के बच्चे राप्ती नदी में डाली जाएंगी। रोहू व भाकुर प्रजाति की मछलियों में कांटे कम होते हैं और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में मिलता है। स्वादिष्ट भी होता है।
विज्ञापन
बढ़या ठाठर में राप्ती नदी के किनारे आज होगा कार्यक्रम
सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि रिवर रैंचिग योजना के तहत शनिवार को राप्ती नदी के किनारे बढ़या ठाठर में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें सांसद प्रवीण निषाद, मेंहदावल के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, उप निदेशक मत्स्य बस्ती मंडल ब्रजेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय कुमार मिश्र आदि मौजूद रहेंगे। पहले चरण में राप्ती नदी में भाकुर, रोहू व नैनी प्रजाति की डेढ़ लाख मछलियों के बच्चे डाले जाएंगे।
विज्ञापन
जनपद के मेंहदावल तहसील क्षेत्र से होकर राप्ती नदी गुजरी हुई है। इस क्षेत्र में मछुआ समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। मछुआ समुदाय का मुख्य पेशा मछली का शिकार करजीविका चलाना है। प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने मछुआ समुदाय के लोगों को रोजगार से जोड़ने की पहल की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत राष्ट्रीय मत्स्यकीय विकास बोर्ड हैदराबाद के जरिए प्रायोजित रिवर रैचिंग कार्यक्रम से यहां के मछुआ समुदाय के लोगों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय कुमार मिश्र ने बताया कि रिवर रैचिंग कार्यक्रम के तहत राप्ती नदी में एक साल के भीतर तीन लाख मछलियों के बीज संचय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य रूप से भाकुर, रोहू और नैनी प्रजाति की मछलियों के बच्चे राप्ती नदी में डाली जाएंगी। रोहू व भाकुर प्रजाति की मछलियों में कांटे कम होते हैं और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में मिलता है। स्वादिष्ट भी होता है।
विज्ञापन
बढ़या ठाठर में राप्ती नदी के किनारे आज होगा कार्यक्रम
सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि रिवर रैंचिग योजना के तहत शनिवार को राप्ती नदी के किनारे बढ़या ठाठर में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें सांसद प्रवीण निषाद, मेंहदावल के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, उप निदेशक मत्स्य बस्ती मंडल ब्रजेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय कुमार मिश्र आदि मौजूद रहेंगे। पहले चरण में राप्ती नदी में भाकुर, रोहू व नैनी प्रजाति की डेढ़ लाख मछलियों के बच्चे डाले जाएंगे।