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Sant Kabir Nagar News: राप्ती के जलस्तर में दूसरे दिन भी आई गिरावट
Fri, 07 Jul 2023 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 07 Jul 2023 11:38 PM IST
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मेंहदावल में राप्ती नदी का जलस्तर।संवाद
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मेहदावल। राप्ती नदी के जलस्तर में दूसरे दिन भी गिरावट दर्ज की गई है। नदी का जलस्तर करीब 20 सेंटीमीटर नीचे आया है। इसके बाद भी कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर बना हुआ है। यहां तैनात चारों अभियंता बंधे से नदारद रहे, हालांकि सीसीटीवी से नदी के जलस्तर की निगरानी हो रही है।
मेंहदावल क्षेत्र स्थित राप्ती नदी का जलस्तर अब घट रहा है। जहां बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 77.95 मीटर था, वहीं शाम को 77.65 पर आ गया। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की गिरावट आई। नदी का जलस्तर घटकर 77.45 मीटर पर आ गया है। भले ही जलस्तर घट रहा है, लेकिन अब भी कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। बांध पर तैनात चार अवर अभियंता शुक्रवार को भी बंधे पर मात्र 10 मिनट के लिए आए जरूर, लेकिन बांध की निगरानी करने की जगह छावनी टोर पर बैठ कर चले गए।
स्थानीय निवासी कृपा शंकर यादव, अशोक पाठक, खगेश तिवारी, दिनेश तिवारी, गुड्डू शुक्ला आदि का कहना है कि दो से तीन दिनों की मंडलीय बारिश में नदी का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया था, इसके बाद भी अवर अभियंता बंधे पर रात्रि विश्राम नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों की गैर जिम्मेदारी तथा उदासीनता का परिणाम है कि अवर अभियंता बांध पर आने की जगह केवल सीसीटीवी से घर बैठकर बांध की तथा जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
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जलस्तर घटने के बाद भी बेलौली, बिशुनपुर, बांगर, नौगो आदि स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर अभी रैट होल तथा रेन कट बांध को कमजोर कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हैं। वहीं सहायक अभियंता राम उजागिर लाल का कहना है कि जलस्तर घटने के बाद तटबंध सुरक्षित है। जलस्तर का दबाव पड़ने के बाद भी कोई खतरा नहीं है। आवश्यकता अनुसार सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।
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मेंहदावल क्षेत्र स्थित राप्ती नदी का जलस्तर अब घट रहा है। जहां बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 77.95 मीटर था, वहीं शाम को 77.65 पर आ गया। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की गिरावट आई। नदी का जलस्तर घटकर 77.45 मीटर पर आ गया है। भले ही जलस्तर घट रहा है, लेकिन अब भी कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। बांध पर तैनात चार अवर अभियंता शुक्रवार को भी बंधे पर मात्र 10 मिनट के लिए आए जरूर, लेकिन बांध की निगरानी करने की जगह छावनी टोर पर बैठ कर चले गए।
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स्थानीय निवासी कृपा शंकर यादव, अशोक पाठक, खगेश तिवारी, दिनेश तिवारी, गुड्डू शुक्ला आदि का कहना है कि दो से तीन दिनों की मंडलीय बारिश में नदी का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया था, इसके बाद भी अवर अभियंता बंधे पर रात्रि विश्राम नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों की गैर जिम्मेदारी तथा उदासीनता का परिणाम है कि अवर अभियंता बांध पर आने की जगह केवल सीसीटीवी से घर बैठकर बांध की तथा जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
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जलस्तर घटने के बाद भी बेलौली, बिशुनपुर, बांगर, नौगो आदि स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर अभी रैट होल तथा रेन कट बांध को कमजोर कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हैं। वहीं सहायक अभियंता राम उजागिर लाल का कहना है कि जलस्तर घटने के बाद तटबंध सुरक्षित है। जलस्तर का दबाव पड़ने के बाद भी कोई खतरा नहीं है। आवश्यकता अनुसार सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।