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छह वर्ष में पूरी होगी रेल परियोजना
Sat, 02 Mar 2019 11:43 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 02 Mar 2019 11:43 PM IST
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छह वर्ष में पूरी होगी रेल परियोजना
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना वर्ष 2025 में पूरी होगी। करीब 240 किलोमीटर लंबी इस रेललाइन का विद्युतीकरण भी साथ-साथ होगा। इस पर 11 समपार फाटक होंगे जहां गेटमैन तैनात किए जाएंगे लेकिन एक भी मानव रहित क्रासिंग नहीं होगी। इस रूट पर 132 अंडरपास बनाए जाएंगे।
खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग को अक्तूबर 2018 में रेल मंत्रालय के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस रेल खंड में खलीलाबाद, झारखंडी, बलरामपुर एवं बहराइच स्टेशनों को जंक्शन बनाया जाएगा। साथ ही बघौली बाजार, मेंहदावल, खेसरहा, बांसी, भगोभर, डुमरियागंज, बंजरहा, उतरौली, श्रृदतगंज, खगैजोत, श्रावस्ती, इकौना, गोरपुरवा, लक्ष्मनपुर, भिनगा, बरडेहरा व अजातपुर में कुल 16 क्रॉसिंग स्टेशन तथा बखिरा, पसई, रमवापुर दूबे, टिकरिया, धनखापुर, पिरमनहा, चिरकुटहा, कपौसेरपुर, महेशभरी, हसुआडोल, राम नगर, विसुनपुर, हरिहरपुर रानी, एवं धुसवा में कुल 12 हाल्ट स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इस नई रेल लाइन पर 11 रक्षित समपार, नौ ओवरब्रिज, 132 सीमित ऊंचाई के सबवे (अंडरपास) का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत राप्ती नदी पर दो समेत कुल 32 बड़े व 86 छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा। रेल परियोजना की खास बात यह है कि रेल लाइन बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण का काम भी होगा। वर्ष 2024-25 में जब यह परियोजना पूर्ण होगी तो इलेक्ट्रिक ट्रेन चलेगी। इस रेल मार्ग पर एक भी मानव रहित क्रॉसिंग नहीं होगी। इस नई रेल लाइन के निर्माण से सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच व संतकबीरनगर के विकास को गति मिलेगी। इस रेल लाइन परियोजना से महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बलरामपुर व श्रावस्ती से गुजरेगी। बलरामपुर से 25 किलोमीटर दूर स्थित देवीपाटन मंदिर व श्रावस्ती में बौद्ध एवं जैन मतावलंबियों का महत्वपूर्ण स्थान है।
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खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग को अक्तूबर 2018 में रेल मंत्रालय के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस रेल खंड में खलीलाबाद, झारखंडी, बलरामपुर एवं बहराइच स्टेशनों को जंक्शन बनाया जाएगा। साथ ही बघौली बाजार, मेंहदावल, खेसरहा, बांसी, भगोभर, डुमरियागंज, बंजरहा, उतरौली, श्रृदतगंज, खगैजोत, श्रावस्ती, इकौना, गोरपुरवा, लक्ष्मनपुर, भिनगा, बरडेहरा व अजातपुर में कुल 16 क्रॉसिंग स्टेशन तथा बखिरा, पसई, रमवापुर दूबे, टिकरिया, धनखापुर, पिरमनहा, चिरकुटहा, कपौसेरपुर, महेशभरी, हसुआडोल, राम नगर, विसुनपुर, हरिहरपुर रानी, एवं धुसवा में कुल 12 हाल्ट स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इस नई रेल लाइन पर 11 रक्षित समपार, नौ ओवरब्रिज, 132 सीमित ऊंचाई के सबवे (अंडरपास) का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत राप्ती नदी पर दो समेत कुल 32 बड़े व 86 छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा। रेल परियोजना की खास बात यह है कि रेल लाइन बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण का काम भी होगा। वर्ष 2024-25 में जब यह परियोजना पूर्ण होगी तो इलेक्ट्रिक ट्रेन चलेगी। इस रेल मार्ग पर एक भी मानव रहित क्रॉसिंग नहीं होगी। इस नई रेल लाइन के निर्माण से सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच व संतकबीरनगर के विकास को गति मिलेगी। इस रेल लाइन परियोजना से महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बलरामपुर व श्रावस्ती से गुजरेगी। बलरामपुर से 25 किलोमीटर दूर स्थित देवीपाटन मंदिर व श्रावस्ती में बौद्ध एवं जैन मतावलंबियों का महत्वपूर्ण स्थान है।
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