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Sant Kabir Nagar News: अपनों को खोने के दर्द पर नहीं लग पा रहा सरकारी मदद का मरहम
Sun, 10 Sep 2023 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 10 Sep 2023 12:42 AM IST
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पुरानी तहसील निवासी शिखा जायसवाल।संवाद
संतकबीरनगर। जिले के 729 परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। लोग डीएम कार्यालय से लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय तक का चक्कर काट रहे हैं। उन्हें समाज कल्याण विभाग से यही बताया जा रहा है कि पांच माह से अधिक समय से पोर्टल नहीं चल रहा है। इसकी वजह से देरी हो रही है। ऐसी दशा में अपनों के खोने के दर्द पर सरकारी मदद का मरहम नहीं लग पा रहा है।
शासन की ओर से राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना संचालित है। इसमें ऐसे गरीब परिवार जिनके कमाऊ सदस्य की मौत हो जाती है, उन्हें इस योजना के तहत 30,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इसकी शर्तें हैं कि मृतक की उम्र 18 वर्ष से कम न हो और 60 वर्ष से अधिक न हो। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित परिवार की वार्षिक आय 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्र के पीड़ित परिवार की वार्षिक 56,460 रुपये से अधिक न हो। इसके अलावा मृत्यु के एक वर्ष के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, आधार कार्ड और बैंक खाता होना अनिवार्य है।
नियम है कि आवेदन करने के 75 दिन के अंदर आवेदकर्ता को योजना का लाभ दे दिया जाए। इस वित्तीय वर्ष में जिले के 729 पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें किसी भी परिवार को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसी शिकायत लेकर पीड़ित आवेदक आए दिन डीएम कार्यालय और जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में रटारटाया एक ही शब्द कहा जाता है कि प्रतीक्षा कीजिये योजना का लाभ मिलेगा। ऐसी शिकायत मिलने पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार को कार्यालय बुलाकर पूछताछ की।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस वर्ष योजना का पोर्टल नहीं चल रहा है, जिसकी वजह से आवेदनपत्रों के बारे में जानकारी नहीं हो पा रही है। यह समस्या पूरे प्रदेश की है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। संवाद
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मां की हो गई थी मौत, मदद मिलती हो पढ़ाई में आता काम
शहर के पुरानी तहसील दक्षिणी खलीलाबाद निवासी केदार वर्मा (16) पुत्र अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि उसकी मां सुशीला वर्मा की 28 अप्रैल 2023 को हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसकी मां कारीगर थी। मां की एक आंख खराब हो गई थी। परिवार में वह और उसके पिता हैं। मां की मौत से परिवार का आर्थिक स्रोत कमजोर हो गया। वह इंटरमीडिएट में पढ़ता है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का आवेदन इस भरोसे से किया कि उसे 30,000 रुपये की मदद मिलेगी तो पढ़ाई में काम आएगा। वह कई बार जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय जा चुका है, लेकिन उसे अभी प्रतीक्षा करने को कहा जाता है। शुक्रवार को उसने कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम से योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
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लोगों के घरों पर साफ- सफाई करके बच्चों का पाल रही हैं पेट
शहर के पुरानी तहसील खलीलाबाद उत्तरी निवासी शिखा जायसवाल ने बताया कि उनके पति हेमंत जायसवाल गांव-गांव घूम कर नमकीन, बिस्कुट बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। करीब तीन महीने पहले पति की बीमारी से मौत हो गई। पति की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थिति डगमगा गई। उनके 13 वर्षीय बड़ी बेटी सृष्टि और 11 वर्षीय बेटा नंदन है। बेटी कक्षा नौंवी में और बेटा पांचवी में पढ़ता है। बेटा-बेटी की पढ़ाई में मदद के लिए राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आवेदन किया है, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। मजबूरी में लोगों के घरों पर साफ-सफाई करके घर का खर्च चला रही हैं।
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पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं 5,444 लाभार्थी
शासन की ओर संचालित वृद्धा पेंशन योजना और निराश्रित पेंशन योजना में लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000-1000 रुपये दिया जाता है। वृद्धा पेंशन योजना का लाभ जिले में 68,477 लोगों को मिल रहा है, जबकि निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ करीब 23,000 लोगों को दिया जा रहा है। केवाईसी न होने की वजह से निराश्रित पेंशन योजना के 3000 लाभार्थी और वृद्धा पेंशन के 2444 लाभार्थी अभी तक पेंशन का लाभ पाने से वंचित हैं। वैसे जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि जो कमियां हैं, उसमें सुधार कराया जा रहा है। जल्द ही वंचित लोगों के खाते में पेंशन की रकम भिजवाई जाएगी। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉक्टर श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों को घर-घर भेजकर वंचित लाभार्थियों के कागजात मंगाकर केवाईसी कराई जा रही है। जल्द ही वंचित लोगों को भी पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
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पेंशन नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल
पांच वर्ष से वृद्धा पेंशन योजना का लाभ मिलता है। उनकी पांच बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। बुढ़ापे की वजह से काम करने में वह अक्षम हैं। पेंशन की सहारा है, लेकिन इस साल अभी तक पेंशन की पहली किस्त ही नहीं मिल पाई है।
- बासदेव, खलीलाबाद
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वृद्धा पेंशन योजना का लाभ इस वित्तीय वर्ष में अब तक नहीं मिला है। बार-बार ब्लॉक मुख्यालय और जिला मुख्यालय जाकर अधिकारियों से समस्या कहना संभव नहीं है। गांव में लगने वाली चौपाल में समस्या उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक खाते में पेंशन नहीं आई है। इसी पेंशन पर खुद का खर्च टिका है।
- भगवान दास, पचरा
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वृद्धा पेंशन की रकम खाते में नहीं आने की वजह भी पता नहीं चल पाती है। पांच महीने से इंतजार करते-करते थक गया, हर सप्ताह बैंक जाकर पता करते हैं कि पेंशन की रकम खाते में पहुंची अथवा नहीं। पता चलता है कि अभी तक नहीं आई है। बुढ़ापे में पेंशन से राहत मिलती है, लेकिन वह भी समय से नहीं मिल पा रही है।
- मुन्नी लाल, पौली
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समाज कल्याण से पता करने पर जानकारी मिली है कि पोर्टल नहीं चलने की वजह से इस वर्ष राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ आवेदकों को नहीं मिल पाया है। इसके लिए समाज कल्याण विभाग के निदेशक को पत्र भेजेंगे। पेंशन योजनाओंं के लाभार्थियों की समस्याएं दूर कराएंगे। इसके साथ ही सोमवार से तहसीलों में एक- एक कर्मचारी की ड्यूटी लगवाई जाएगी, जो ऐसे फरियादियों के आवेदनपत्र लिखने में मदद करेंगे, जिन्हें आवेदनपत्र खुद लिखना नहीं आता है। इसके लिए सभी एसडीएम को निर्देश दे दिए गए हैं।
-महेंद्र सिंह तंवर, जिलाधिकारी
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शासन की ओर से राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना संचालित है। इसमें ऐसे गरीब परिवार जिनके कमाऊ सदस्य की मौत हो जाती है, उन्हें इस योजना के तहत 30,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इसकी शर्तें हैं कि मृतक की उम्र 18 वर्ष से कम न हो और 60 वर्ष से अधिक न हो। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित परिवार की वार्षिक आय 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्र के पीड़ित परिवार की वार्षिक 56,460 रुपये से अधिक न हो। इसके अलावा मृत्यु के एक वर्ष के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, आधार कार्ड और बैंक खाता होना अनिवार्य है।
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नियम है कि आवेदन करने के 75 दिन के अंदर आवेदकर्ता को योजना का लाभ दे दिया जाए। इस वित्तीय वर्ष में जिले के 729 पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें किसी भी परिवार को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसी शिकायत लेकर पीड़ित आवेदक आए दिन डीएम कार्यालय और जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में रटारटाया एक ही शब्द कहा जाता है कि प्रतीक्षा कीजिये योजना का लाभ मिलेगा। ऐसी शिकायत मिलने पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार को कार्यालय बुलाकर पूछताछ की।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस वर्ष योजना का पोर्टल नहीं चल रहा है, जिसकी वजह से आवेदनपत्रों के बारे में जानकारी नहीं हो पा रही है। यह समस्या पूरे प्रदेश की है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। संवाद
मां की हो गई थी मौत, मदद मिलती हो पढ़ाई में आता काम
शहर के पुरानी तहसील दक्षिणी खलीलाबाद निवासी केदार वर्मा (16) पुत्र अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि उसकी मां सुशीला वर्मा की 28 अप्रैल 2023 को हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसकी मां कारीगर थी। मां की एक आंख खराब हो गई थी। परिवार में वह और उसके पिता हैं। मां की मौत से परिवार का आर्थिक स्रोत कमजोर हो गया। वह इंटरमीडिएट में पढ़ता है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का आवेदन इस भरोसे से किया कि उसे 30,000 रुपये की मदद मिलेगी तो पढ़ाई में काम आएगा। वह कई बार जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय जा चुका है, लेकिन उसे अभी प्रतीक्षा करने को कहा जाता है। शुक्रवार को उसने कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम से योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
लोगों के घरों पर साफ- सफाई करके बच्चों का पाल रही हैं पेट
शहर के पुरानी तहसील खलीलाबाद उत्तरी निवासी शिखा जायसवाल ने बताया कि उनके पति हेमंत जायसवाल गांव-गांव घूम कर नमकीन, बिस्कुट बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। करीब तीन महीने पहले पति की बीमारी से मौत हो गई। पति की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थिति डगमगा गई। उनके 13 वर्षीय बड़ी बेटी सृष्टि और 11 वर्षीय बेटा नंदन है। बेटी कक्षा नौंवी में और बेटा पांचवी में पढ़ता है। बेटा-बेटी की पढ़ाई में मदद के लिए राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आवेदन किया है, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। मजबूरी में लोगों के घरों पर साफ-सफाई करके घर का खर्च चला रही हैं।
पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं 5,444 लाभार्थी
शासन की ओर संचालित वृद्धा पेंशन योजना और निराश्रित पेंशन योजना में लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000-1000 रुपये दिया जाता है। वृद्धा पेंशन योजना का लाभ जिले में 68,477 लोगों को मिल रहा है, जबकि निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ करीब 23,000 लोगों को दिया जा रहा है। केवाईसी न होने की वजह से निराश्रित पेंशन योजना के 3000 लाभार्थी और वृद्धा पेंशन के 2444 लाभार्थी अभी तक पेंशन का लाभ पाने से वंचित हैं। वैसे जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि जो कमियां हैं, उसमें सुधार कराया जा रहा है। जल्द ही वंचित लोगों के खाते में पेंशन की रकम भिजवाई जाएगी। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉक्टर श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों को घर-घर भेजकर वंचित लाभार्थियों के कागजात मंगाकर केवाईसी कराई जा रही है। जल्द ही वंचित लोगों को भी पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
पेंशन नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल
पांच वर्ष से वृद्धा पेंशन योजना का लाभ मिलता है। उनकी पांच बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। बुढ़ापे की वजह से काम करने में वह अक्षम हैं। पेंशन की सहारा है, लेकिन इस साल अभी तक पेंशन की पहली किस्त ही नहीं मिल पाई है।
- बासदेव, खलीलाबाद
वृद्धा पेंशन योजना का लाभ इस वित्तीय वर्ष में अब तक नहीं मिला है। बार-बार ब्लॉक मुख्यालय और जिला मुख्यालय जाकर अधिकारियों से समस्या कहना संभव नहीं है। गांव में लगने वाली चौपाल में समस्या उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक खाते में पेंशन नहीं आई है। इसी पेंशन पर खुद का खर्च टिका है।
- भगवान दास, पचरा
वृद्धा पेंशन की रकम खाते में नहीं आने की वजह भी पता नहीं चल पाती है। पांच महीने से इंतजार करते-करते थक गया, हर सप्ताह बैंक जाकर पता करते हैं कि पेंशन की रकम खाते में पहुंची अथवा नहीं। पता चलता है कि अभी तक नहीं आई है। बुढ़ापे में पेंशन से राहत मिलती है, लेकिन वह भी समय से नहीं मिल पा रही है।
- मुन्नी लाल, पौली
समाज कल्याण से पता करने पर जानकारी मिली है कि पोर्टल नहीं चलने की वजह से इस वर्ष राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ आवेदकों को नहीं मिल पाया है। इसके लिए समाज कल्याण विभाग के निदेशक को पत्र भेजेंगे। पेंशन योजनाओंं के लाभार्थियों की समस्याएं दूर कराएंगे। इसके साथ ही सोमवार से तहसीलों में एक- एक कर्मचारी की ड्यूटी लगवाई जाएगी, जो ऐसे फरियादियों के आवेदनपत्र लिखने में मदद करेंगे, जिन्हें आवेदनपत्र खुद लिखना नहीं आता है। इसके लिए सभी एसडीएम को निर्देश दे दिए गए हैं।
-महेंद्र सिंह तंवर, जिलाधिकारी