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ईंट निर्माताओं ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
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जीएसटी के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते ईट निर्माता संघ के पदाधिकारी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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ईंट निर्माताओं ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
- जीएसटी में हुई वृद्धि को वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला ईंट निर्माता समिति के बैनर तले ईंट निर्माताओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान ईंट पर जीएसटी की दर में वृद्धि के प्रस्ताव को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
समिति के जिलाध्यक्ष रवि उदय पाल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईंट पर कर में वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया है। इसे एक अप्रैल 2022 से लागू किया जाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव पूरी तरह से अव्यवहारिक है। इससे ईंट व्यवसाय के साथ ही आम लोगों पर भी बोझ बढ़ेगा। ऐसे में इसे वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में ईंट व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो चुुुका है। साथ ही ईंट-भट्टा कुटीर उद्योग का प्रकृति है। ऐसे में ईंट कारोबार पर जीएसटी की दर में वृद्धि से व्यवसाय संकट में पहुंच जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लागत में भी वृद्धि हो जाएगी। ऐसे में प्रस्ताव को वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान दिनेश कुमार सिंह, हाजी इकबाल अहमद, सुभाष चंद्र जैन, मनोज तिवारी, राजेश चिरानिया, रामू चौधनी, शमशाद खान, सुधीर जैन, अनूप जैन, सागर आदि मौजूद थे।
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- जीएसटी में हुई वृद्धि को वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला ईंट निर्माता समिति के बैनर तले ईंट निर्माताओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान ईंट पर जीएसटी की दर में वृद्धि के प्रस्ताव को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
समिति के जिलाध्यक्ष रवि उदय पाल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईंट पर कर में वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया है। इसे एक अप्रैल 2022 से लागू किया जाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव पूरी तरह से अव्यवहारिक है। इससे ईंट व्यवसाय के साथ ही आम लोगों पर भी बोझ बढ़ेगा। ऐसे में इसे वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में ईंट व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो चुुुका है। साथ ही ईंट-भट्टा कुटीर उद्योग का प्रकृति है। ऐसे में ईंट कारोबार पर जीएसटी की दर में वृद्धि से व्यवसाय संकट में पहुंच जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लागत में भी वृद्धि हो जाएगी। ऐसे में प्रस्ताव को वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान दिनेश कुमार सिंह, हाजी इकबाल अहमद, सुभाष चंद्र जैन, मनोज तिवारी, राजेश चिरानिया, रामू चौधनी, शमशाद खान, सुधीर जैन, अनूप जैन, सागर आदि मौजूद थे।
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