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फसल प्रदर्शन में औसत से अधिक पाई गई उत्पादकता : डीएम
Thu, 15 Feb 2024 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 15 Feb 2024 12:15 AM IST
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- कलक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें डीएम ने कहा कि जिले में फसल प्रदर्शन में उत्पादकता औसत से अधिक पाई गई है।
उपनिदेशक कृषि ने बताया कि विभाग की योजनाओं में जो फसल प्रदर्शन कराए जा रहे हैं, उनकी उत्पादकता जनपद के औसत उत्पादकता से अधिक है। समीक्षा में यह पाया गया कि जनपद में गेहूं की औसत उत्पादकता 40.36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। सरसों में जिले की औसत उत्पादकता 14.97 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जबकि अच्छे प्रदर्शन में उत्पादकता 25.8 क्विंटल प्रति हेक्टेयर औसत प्राप्त हुई।
इसी प्रकार धान की फसल में जनपद की औसत उत्पादकता 29.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष आत्मा प्रदर्शनों में 43.87 कुंतल प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता प्राप्त हुई। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र में किसान उन्नत कृषि यंत्रों से बुआई कर उर्वरक, कीटनाशक, जैविक खाद, गोबर की खाद, समय से बुवाई कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
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इसके अलावा किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 16 वीं किस्त फरवरी माह के अंत में जानी है। जिसमें अभी भी 35254 किसानों की ई-केवाईसी लंबित है। जिन्होंने भूलेख मैपिंग कर ली है। इन सभी की 15वीं व 16वीं किस्त की भांति शासन की ओर से प्रेषित नहीं की जाएगी, यदि वह ई-केवाईसी नहीं करते हैं। ई-केवाईसी कराए जाने के लिए किसान स्वयं किसान पीएम किसान पोर्टल पर आधार नंबर और उससे जुड़े हुए मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर कर सकते हैं।
डीएम ने निर्देश दिए कि क्षेत्रीय कर्मचारी पंचायत सहायक, ग्राम प्रधान, राशन विक्रेता एवं गांव के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के सहयोग से इन किसानों की सूची प्रदर्शित करते हुए अभियान के रूप में ई-केवाईसी को गांव में कैंप कर कराया जाए। जिन किसानों का भूलेख मैपिंग नहीं है, तहसील को सूची उपलब्ध कराते हुए उनकी भूलेख मैपिंग समय पर सही तरीके से कर लिए जाएं। बखिरा झील क्षेत्र में आधुनिक कृषि एग्रो इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए।
इस दौरान सीडीओ संत कुमार, उप कृषि निदेशक डाॅ. राकेश कुमार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी सीपी सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शशांक, जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें डीएम ने कहा कि जिले में फसल प्रदर्शन में उत्पादकता औसत से अधिक पाई गई है।
उपनिदेशक कृषि ने बताया कि विभाग की योजनाओं में जो फसल प्रदर्शन कराए जा रहे हैं, उनकी उत्पादकता जनपद के औसत उत्पादकता से अधिक है। समीक्षा में यह पाया गया कि जनपद में गेहूं की औसत उत्पादकता 40.36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। सरसों में जिले की औसत उत्पादकता 14.97 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जबकि अच्छे प्रदर्शन में उत्पादकता 25.8 क्विंटल प्रति हेक्टेयर औसत प्राप्त हुई।
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इसी प्रकार धान की फसल में जनपद की औसत उत्पादकता 29.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष आत्मा प्रदर्शनों में 43.87 कुंतल प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता प्राप्त हुई। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र में किसान उन्नत कृषि यंत्रों से बुआई कर उर्वरक, कीटनाशक, जैविक खाद, गोबर की खाद, समय से बुवाई कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
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इसके अलावा किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 16 वीं किस्त फरवरी माह के अंत में जानी है। जिसमें अभी भी 35254 किसानों की ई-केवाईसी लंबित है। जिन्होंने भूलेख मैपिंग कर ली है। इन सभी की 15वीं व 16वीं किस्त की भांति शासन की ओर से प्रेषित नहीं की जाएगी, यदि वह ई-केवाईसी नहीं करते हैं। ई-केवाईसी कराए जाने के लिए किसान स्वयं किसान पीएम किसान पोर्टल पर आधार नंबर और उससे जुड़े हुए मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर कर सकते हैं।
डीएम ने निर्देश दिए कि क्षेत्रीय कर्मचारी पंचायत सहायक, ग्राम प्रधान, राशन विक्रेता एवं गांव के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के सहयोग से इन किसानों की सूची प्रदर्शित करते हुए अभियान के रूप में ई-केवाईसी को गांव में कैंप कर कराया जाए। जिन किसानों का भूलेख मैपिंग नहीं है, तहसील को सूची उपलब्ध कराते हुए उनकी भूलेख मैपिंग समय पर सही तरीके से कर लिए जाएं। बखिरा झील क्षेत्र में आधुनिक कृषि एग्रो इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए।
इस दौरान सीडीओ संत कुमार, उप कृषि निदेशक डाॅ. राकेश कुमार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी सीपी सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शशांक, जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।