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Sant Kabir Nagar News: मुआवजे में फंसा है रामजानकी मार्ग, कैसे होगा मई तक पूरा

Thu, 04 Jan 2024 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 04 Jan 2024 12:00 AM IST
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problem of ramjanki road
35 किलोमीटर मार्ग में एक साल में 25 प्रतिशत ही काम हुआ पूरा
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मुआवजा कम मिलने की बात बता रहे किसान
फोटो है

संवाद न्यूज एजेंसी

धनघटा। अयोध्या से जनकपुर तक जाने वाले राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के पूर्ण होने के आसार निर्धारित समय सीमा के अंदर होते नहीं दिख रहे हैं। 134. 91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मार्ग में मुआवजे का पेंच फंस गया है। अब तक काश्तकारों को मुआवजा नहीं मिला है। इसकी वजह से 35 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में 25 प्रतिशत काम भी पूर्ण नहीं हुआ है। इस मार्ग को मई तक पूरा होना है। यह कार्यदायी संस्था के लिए चुनौती है।
जिले की सीमा रामपुर बारहकोनी से बसवारी गांव तक 35 किलोमीटर की लंबाई में राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य करने के लिए कार्यदायी संस्था के लोग पिछले वर्ष जनवरी माह में काम शुरू किए। कच्छप गति से निर्माण कर चल ही रहा था कि परसा गांव के लोग सड़क में जा रही जमीन के मुआवजे के लिए निर्माण कार्य को रोक दिए। कुछ दिनों तक किसानों को मनाने की कोशिश होती रही, लेकिन किसान नहीं माने।
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इसके बाद उस स्थान पर करीब दो किलोमीटर सड़क तोड़ने के बाद निर्माण कार्य छोड़कर कार्यदायी संस्था के लोग आगे बढ़ गए। इधर, जब मडपौना और निहैला गांव के सामने पहुंचे तो यहां के भी किसान मुआवजे की मांग पर कार्य में बाधा उत्पन्न कर दिए। यहां भी दो किलोमीटर कार्य को छोड़ने के बाद आगे बढ़कर धनघटा तक सड़क की चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण हुआ। यानी कुल मिलाकर अभी छह से सात किलोमीटर की दूरी में सड़क का निर्माण कार्य हो सका है। अभी 28 किलोमीटर से अधिक निर्माण कार्य कराया जाना शेष है।
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इसी में मलौली, भंडा, हैंसर बाजार में निर्माण कार्य किसानों के जरिए रोका गया है। उस बाधा को भी कार्यदायी संस्था को पार करना है। क्षेत्रीय किसान रामकेश यादव, गुलाम नबी, राधेश्याम, शिवप्रसाद मद्धेशिया, राज नारायण राय, सुशील पांडेय आदि का कहना है कि सड़क के किनारे की कीमती जमीन का मुआवजा उचित दर पर नहीं दिया जा रहा है। जब तक सड़क के किनारे का सर्किल रेट नहीं मिलेगा, तब तक निर्माण कार्य किसी भी कीमत पर अपने जमीन में नहीं होने दिया जाएगा। लोगों का कहना है कि एक साल में अभी सात किलोमीटर सड़क नहीं बन सकी तो चार महीने में 28 किलोमीटर बन पाना असंभव है।

कोट

134.91 करोड़ रुपये की लागत से जिले में 35 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य किया जाना है। नवंबर 2022 में सड़क स्वीकृत हुई। जनवरी 2023 में सड़क का कार्य शुरू कर दिया गया। सड़क के निर्माण का कार्य 40 से 45 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिया गया है। शेष कार्य निर्धारित समय सीमा मई 2024 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। किसानों से बातचीत चल रही है। इस समस्या का भी समाधान जल्द निकालने वाला है।

- अमित तिवारी, कंसल्टेंट एनएच बस्ती
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