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शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशुओं ने बढ़ाई मुसीबत
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मेंहदावल कबसे के सब्जी मंडी में बिच सड़क पर खड़े छुट्टा पशु।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशुओं ने बढ़ाई मुसीबत
- फसल बचाने के लिए जूझ रहे किसान, कर रहे खेतों की रखवाली
- सड़कों पर पशुओं के होने से लग जाता जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय केंद्र पहुंचाने के लिए भले ही सरकार व प्रशासन लगातार निर्देश दे रहे हैं, लेकिन जिले में शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशु किसानों व आम लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। शहर में जहां छुट्टा पशुओं की वजह से आए दिन जाम लग रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद छुट्टा पशुओं को रखने के लिए पशु आश्रय केंद्र बनवाए गए हैं। खलीलाबाद कस्बे के मडया में कान्हा पशु आश्रय केंद्र बनाया गया है। इससे लोगों को उम्मीद थी कि शहर में विचरण करने वाले पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्र पहुंचाया जाएगा, लेकिन वर्तमान में बड़ी संख्या में छुट्टा पशु विचरण कर रहे हैं। यह छुट्टा पशु चौराहों सहित अन्य स्थानों पर झुंड में बैठ जाते हैं, जिसके कारण आए दिन जाम की समस्या पैैदा हो रही है।
यही नहीं पटरी दुकानदारों के लिए भी छुट्टा पशु मुसीबत बने हुए हैं। दुकानदार इन्हें हटाने का प्रयास करते हैं तो पशु उन्हें मारने के लिए दौड़ा देते हैं।
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वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं के चलते किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पशु फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों को फसल बचाने के लिए खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
खलीलाबाद विकास खंड के चकदही निवासी राम करन ने कहा कि छुट्टा पशु झुंड में खेतों में पहुंच रहे हैं और फसल बर्बाद कर दे रहे हैं। डीघा निवासी राधेश्याम चौरसिया ने कहा कि छुट्टा पशुओं के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। दिन में तो किसी प्रकार फसलों की रखवाली हो जाती है, लेकिन रात के समय में फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। शहर के निवासी दिलीप कुमार ने कहा कि छुट्टा पशु सड़क पर बैठ जा रहे हैं, उन्हें हटाने का प्रयास करने पर हमलावर हो जा जाते हैं।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जल्द ही फिर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ा जाएगा, ताकि लोगों को समस्या से निजात मिल सके।
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- फसल बचाने के लिए जूझ रहे किसान, कर रहे खेतों की रखवाली
- सड़कों पर पशुओं के होने से लग जाता जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय केंद्र पहुंचाने के लिए भले ही सरकार व प्रशासन लगातार निर्देश दे रहे हैं, लेकिन जिले में शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशु किसानों व आम लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। शहर में जहां छुट्टा पशुओं की वजह से आए दिन जाम लग रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद छुट्टा पशुओं को रखने के लिए पशु आश्रय केंद्र बनवाए गए हैं। खलीलाबाद कस्बे के मडया में कान्हा पशु आश्रय केंद्र बनाया गया है। इससे लोगों को उम्मीद थी कि शहर में विचरण करने वाले पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्र पहुंचाया जाएगा, लेकिन वर्तमान में बड़ी संख्या में छुट्टा पशु विचरण कर रहे हैं। यह छुट्टा पशु चौराहों सहित अन्य स्थानों पर झुंड में बैठ जाते हैं, जिसके कारण आए दिन जाम की समस्या पैैदा हो रही है।
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यही नहीं पटरी दुकानदारों के लिए भी छुट्टा पशु मुसीबत बने हुए हैं। दुकानदार इन्हें हटाने का प्रयास करते हैं तो पशु उन्हें मारने के लिए दौड़ा देते हैं।
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वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं के चलते किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पशु फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों को फसल बचाने के लिए खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
खलीलाबाद विकास खंड के चकदही निवासी राम करन ने कहा कि छुट्टा पशु झुंड में खेतों में पहुंच रहे हैं और फसल बर्बाद कर दे रहे हैं। डीघा निवासी राधेश्याम चौरसिया ने कहा कि छुट्टा पशुओं के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। दिन में तो किसी प्रकार फसलों की रखवाली हो जाती है, लेकिन रात के समय में फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। शहर के निवासी दिलीप कुमार ने कहा कि छुट्टा पशु सड़क पर बैठ जा रहे हैं, उन्हें हटाने का प्रयास करने पर हमलावर हो जा जाते हैं।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जल्द ही फिर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ा जाएगा, ताकि लोगों को समस्या से निजात मिल सके।