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Sant Kabir Nagar News: गर्भवती महिलाएं रहें सतर्क, बच्चे में हो सकता है स्पाइन बाइफिरा

Mon, 10 Jun 2024 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 10 Jun 2024 12:28 AM IST
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Pregnant women should be cautious, baby may have spina bifira.
संतकबीरनगर। गर्भवती महिलाओं के खानपान और दवा के प्रति लापरवाही का खामियाजा उनके होने वाले बच्चे को जीवन भर के लिए अपंग बना सकता है। ऐसा ही एक मामला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को विकास खंड पौली के एक गांव में देखने को मिला। दंपती की पुत्री स्पाइन बाइफिरा से पीड़ित है। चिकित्सकों ने पीड़ित बच्ची का ऑपरेशन करने को बताया है। बच्ची की मां के मुताबिक पैसे के अभाव में बच्ची का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है और रोग बढ़ता जा रहा है।
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पौली ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को एक माह पूर्व गांव के एक परिवार में पांच वर्षीय बच्ची के पीठ पर एक गांठ दिखा। बच्ची के माता पिता ने बताया कि जन्म के समय से यह गांठ है। जो समय के साथ बड़ा होता जा रहा है। कार्यकर्ता ने बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पौली भेजा। केंद्र के चिकित्सक डॉ. प्रशांत ने बताया कि बच्ची स्पाइन बाइफिरा से पीड़ित है। यह एक गंभीर रोग है जो कम देखने को मिलता है। अक्सर माता पिता पीड़ित बच्चे के रोग को छुपाए रखते हैं और जब रोग गंभीर हो जाता है तब अस्पताल लाते हैं। स्पाइन बाइफिरा रोग गर्भवती महिलाओं के खानपान में लापरवाही और फोलिक एसिड, आयरन आदि की खुराक न लेने के कारण हो जाता है।
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पौली आंगनबाड़ी केंद्र के सीडीपीओ अनुज ने बताया कि एक माह पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को एक परिवार में पांच वर्षीय बच्ची रोग से पीड़ित मिली। सूचना पर हम बच्ची के माता के साथ जाकर केंद्र के चिकित्सक को दिखाया जहां चिकित्सक ने बच्ची को स्पाइन बाइफिरा रोग पीड़ित बताया है।
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क्या है स्पाइन बाइफिरा रोग
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में फोलिक एसिड की कमी के कारण बच्चे में होने वाला एक गंभीर रोग है। इसके होने के अनुवांशिक समेत अन्य भी कई कारण है। इस रोग में पीठ पर रीढ़ की हड्डी के पास उभरा हुआ गांठ हो जाता है। इसके बढ़ने पर बच्चा को लकवा मार सकता है और वह जीवन भर के लिए अपाहिज हो सकता है।


स्पाइन बाइफिरा कम देखने को मिलने वाला गंभीर रोग है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के जरिए फोलिक एसिड समेत अन्य पोषक तत्व लेने में लापरवाही के कारण में बच्चे में यह रोग होंने की संभावना होती है। वैसे तो इस रोग के अनुवांशिक समेत बहुत से कारण है। लेकिन मूल कारण गर्भावस्था के दौरान महिला का फोलिक एसिड की मात्रा न लेना हो सकता है। फोलिक एसिड की खुराक गर्भावस्था के प्रथम तीन माह तक लेना होता है। यह हरी सब्जियों और फलों में भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
-डॉ नेहा सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
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