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Sant Kabir Nagar News: पति की दीर्घायु व परिवार के कल्याण की प्रार्थना की
Thu, 02 Nov 2023 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 02 Nov 2023 01:08 AM IST
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करवा चौथ के अवसर पर पूजा करने के लिए हाथ में थाली ली हुईं।
संतकबीरनगर। करवाचौथ पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने दिनभर निर्जल व्रत रहकर सायंकाल शिव गौरी, गणेश, कार्तिकेय का पूजन किया। उसके बाद देवी मंदिरों में जाकर भगवान का दर्शन करने के बाद रात में चंद्रमा काे अर्घ्य देकर पति की दीर्घायु, संतान के जीवन में सुख शांति और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की।
खलीलाबाद पब्लिक स्कूल में शाम को एकत्र हुई पल्लवी, रानी, सलोनी, नीतू, गुरदीप, वैशाली, अनुराधा, गुंजन, कीर्ति, मनीषा, अन्नू, पूजा, राधा, सोनी, सोनल आदि महिलाओं ने बताया कि परंपरा के अनुसार, दिनभर निर्जल व्रत करने के बाद आसपास के लोग सौभाग्य सूचक वस्त्र एवं आभूषण धारण कर एक जगह एकत्र हुए। देवी-देवताओं के पूजन के बाद व्रत की महिमा की कथा सुनी। सायंकाल चंद्रमा के निकलने पर अक्षत, लाल चंदन से अर्घ्य दिया। बाद में करवे में चावल, उड़द, चूड़ी, कंघी, सिंदूर आदि भरकर सास के चरण छूकर दान दिया। फिर पति के मुख का दर्शन का जल ग्रहण किया। इसी तरह टीचर्स काॅलोनी में सुमन, बीनू, विजय लक्ष्मी आदि ने बताया कि पूरे दिन निर्जल व्रत रखने के बाद देर शाम चंद्रमा के दर्शन किए और बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। इसी तरह से मेंहदावल, सांथा, धर्मसिंहवा, बखिरा, बेलहर, दुधारा, नाथनगर, हरिहरपुर, धनघटा में भी करवाचौथ पर महिलाओं ने पूजा की और कथा सुनी।
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खलीलाबाद पब्लिक स्कूल में शाम को एकत्र हुई पल्लवी, रानी, सलोनी, नीतू, गुरदीप, वैशाली, अनुराधा, गुंजन, कीर्ति, मनीषा, अन्नू, पूजा, राधा, सोनी, सोनल आदि महिलाओं ने बताया कि परंपरा के अनुसार, दिनभर निर्जल व्रत करने के बाद आसपास के लोग सौभाग्य सूचक वस्त्र एवं आभूषण धारण कर एक जगह एकत्र हुए। देवी-देवताओं के पूजन के बाद व्रत की महिमा की कथा सुनी। सायंकाल चंद्रमा के निकलने पर अक्षत, लाल चंदन से अर्घ्य दिया। बाद में करवे में चावल, उड़द, चूड़ी, कंघी, सिंदूर आदि भरकर सास के चरण छूकर दान दिया। फिर पति के मुख का दर्शन का जल ग्रहण किया। इसी तरह टीचर्स काॅलोनी में सुमन, बीनू, विजय लक्ष्मी आदि ने बताया कि पूरे दिन निर्जल व्रत रखने के बाद देर शाम चंद्रमा के दर्शन किए और बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। इसी तरह से मेंहदावल, सांथा, धर्मसिंहवा, बखिरा, बेलहर, दुधारा, नाथनगर, हरिहरपुर, धनघटा में भी करवाचौथ पर महिलाओं ने पूजा की और कथा सुनी।
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