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Sant Kabir Nagar News: मनमाने ढंग से शट डाउन नहीं ले सकेंगे, तय की गई जवाबदेही
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संतकबीरनगर। शट डाउन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम गंभीर हो गया है। इसके लिए नई गाइड लाइन जारी की गई है। इसके तहत अब कर्मचारी मनमाने ढंग से शट डाउन नहीं ले सकेंगे। इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। शट डाउन लेते समय एसएसओ यह सुनिश्चित करेंगे कि लाइन पूर्णत: निर्जीव हो। इसके साथ ही संबंधित प्रक्रिया अवर अभियंता के संज्ञान में होगी।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार तीन दिन पूर्व मेंहदावल विद्युत वितरण निगम कार्यालय के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने शट डाउन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर नाराजगी जताई। डिस्काम के स्पष्ट निर्देश के बाद भी क्षेत्र में अक्सर ऐसी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कर्मियों द्वारा ब्रेक डाउन को ठीक करने के लिए शट डाउन लिया जाता है, लेकिन कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही फीडर को किसी कारणवश चालू कर दिया जाता है।
ऐसी स्थिति में ब्रेक डाउन अटैंड कर रहे कार्मिकों की जनहानि की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में अब विद्युत व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए एलटी 11 केवी एवं 33 केवी लाइनों के नियोजित शट डाउन एवं ब्रेक डाउन को ठीक करने के लिए बाह्य एजेंसियों के द्वारा शट डाउन लेने व वापस देने की पूर्ण जानकारी अवर अभियंता को होगी।
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वायरमैन, इलेक्ट्रिशियन, लाइनमैन ट्रेड में द्विवर्षीय अखिल भारतीय अथवा राज्य व्यवसायिक प्रमाणपत्र धारक हो। विद्युत प्रणाली में न्यूनतम पांच वर्ष का कार्य अनुभव रखने वाले उन कर्मियों को जिन्होंने नेशनल स्किल डेवलपमेंट काॅरपोरेशन आदि से प्रशिक्षण प्राप्त किया हो, उन्हें ही इस कार्य में लगाया जाएगा। शट डाउन देते समय संबंधित एसएसओ यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्य किए जाने वाले लाइन, उपकरण पूर्णत: निर्जीव एवं अर्थ कर दिया गया है।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड का यह दायित्व होगा कि क्षेत्र में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन पूर्णत: सुनिश्चित कराया जाए अन्यथा की स्थिति में दुर्घटना होती है तो अधिशासी अभियंता का पूर्ण उत्तदायित्व माना जाएगा। अधीक्षण अभियंता डीके लाल ने इसका कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार तीन दिन पूर्व मेंहदावल विद्युत वितरण निगम कार्यालय के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने शट डाउन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर नाराजगी जताई। डिस्काम के स्पष्ट निर्देश के बाद भी क्षेत्र में अक्सर ऐसी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कर्मियों द्वारा ब्रेक डाउन को ठीक करने के लिए शट डाउन लिया जाता है, लेकिन कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही फीडर को किसी कारणवश चालू कर दिया जाता है।
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ऐसी स्थिति में ब्रेक डाउन अटैंड कर रहे कार्मिकों की जनहानि की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में अब विद्युत व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए एलटी 11 केवी एवं 33 केवी लाइनों के नियोजित शट डाउन एवं ब्रेक डाउन को ठीक करने के लिए बाह्य एजेंसियों के द्वारा शट डाउन लेने व वापस देने की पूर्ण जानकारी अवर अभियंता को होगी।
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वायरमैन, इलेक्ट्रिशियन, लाइनमैन ट्रेड में द्विवर्षीय अखिल भारतीय अथवा राज्य व्यवसायिक प्रमाणपत्र धारक हो। विद्युत प्रणाली में न्यूनतम पांच वर्ष का कार्य अनुभव रखने वाले उन कर्मियों को जिन्होंने नेशनल स्किल डेवलपमेंट काॅरपोरेशन आदि से प्रशिक्षण प्राप्त किया हो, उन्हें ही इस कार्य में लगाया जाएगा। शट डाउन देते समय संबंधित एसएसओ यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्य किए जाने वाले लाइन, उपकरण पूर्णत: निर्जीव एवं अर्थ कर दिया गया है।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड का यह दायित्व होगा कि क्षेत्र में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन पूर्णत: सुनिश्चित कराया जाए अन्यथा की स्थिति में दुर्घटना होती है तो अधिशासी अभियंता का पूर्ण उत्तदायित्व माना जाएगा। अधीक्षण अभियंता डीके लाल ने इसका कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं।