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Sant Kabir Nagar News: हरिहरपुर में मनाई जाएगी कवि रंगपाल की जयंती
Sun, 18 Feb 2024 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 18 Feb 2024 11:39 PM IST
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- पाल सेवा संस्थान के जरिए आयोजित कार्यक्रम में जिले भर से लोग करेंगे शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। 20 फरवरी को काव्य रचनाकार कवि रंगपाल की जयंती हरिहरपुर के रंगपाल चौराहे पर आयोजित होगी।पाल सेवा संस्थान के जरिए आयोजित कार्यक्रम राष्ट्रीय एकीकरण और सांप्रदायिक सद्भाव को समर्पित होगा।
नगर पंचायत हरिहरपुर में 1864 में जन्मे कवि रंगपाल की जयंती हर साल की भॉति इस वर्ष भी हरिहरपुर के रंगपाल चौराहे पर मनाई जाएगी। आयोजक पाल सेवा संस्थान के अध्यक्ष पूर्व चेयरमैन बृजेश पाल ने बताया कि कवि रंगपाल की जयंती पर जिले भर से आने वाले लोक गायक ढोल और नगाड़े की थाप पर कवि की रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। इस दौरान कवि रंगपाल की समाधि और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ अबीर गुलाल अर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कवि रंगपाल की रचनाएं अवधी और ब्रजभाषा में लिखी गई है। चूंकि कवि का पूरा जीवन उस समय बीता जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था। इसलिए उनकी रचनाओं में मातृभूमि के आजादी की टींस साफ दिखती है। हॉलाकि उन्हें फाग कवि के नाम से ही प्रसिद्धि मिली। लेकिन उनके लिखे काव्य रचनाओं में देश के वीर सपूतों की वीरगाथा के साथ ही पशु पक्षियों के प्रति प्रेम भी झलकता है।
विदेश तक पहुंची कवि की रचनाएं लेकिन गृह नगर में मिली उपेक्षा
हरिहरपुर। हरिहरपुर में जन्मे कवि रंगपाल की साहित्यिक रचनाओं के चलते उनकी ख्याति दूर दूर तक फैली है। देश ही नहीं वरन रोजी रोजगार के सिलसिले में विदेशों में रह रहे पूर्वांचल के लोग फागुन महीने में कवि की फाग रचनाओं को गुनगुनाकर अपनी मिट्टी की खुशबू महसूस करते हैं। सेवा निवृत शिक्षक भगवान दास, अनिमेश पांडेय ने बताया कि कवि रंगपाल के नाम से खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर पार्क और उनकी प्रतिमा स्थापित है। नगर की सांस्कृतिक विरासत को जिनके नाम से प्रसिद्धि मिली उनकी स्मृतियॉ उनके गृह नगर में ही उपेक्षित है। कठिनइया नदी के किनारे राजघाट पर बनी कवि की समाधि जीर्ण शीर्ण हो गई है।
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कवि रंगपाल सभागार भी अधर में
हरिहरपुर। पूर्व चेयरमैन बृजेश पाल की पहल पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन विकास विभाग के जरिए कवि रंगपाल की विरासतों को सहजने का का निर्देश दिया था। जिसके क्रम में नगर में कवि के नाम से सभागार का शिलान्यास हुआ। अगस्त 2022 में सभागार का निर्माण कार्य शुरु हुआ जो बीते साल अगस्त माह तक पूरा हो जाना था। लेकिन सभागार का निर्माण कार्य अबतक अधर में लटका हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। 20 फरवरी को काव्य रचनाकार कवि रंगपाल की जयंती हरिहरपुर के रंगपाल चौराहे पर आयोजित होगी।पाल सेवा संस्थान के जरिए आयोजित कार्यक्रम राष्ट्रीय एकीकरण और सांप्रदायिक सद्भाव को समर्पित होगा।
नगर पंचायत हरिहरपुर में 1864 में जन्मे कवि रंगपाल की जयंती हर साल की भॉति इस वर्ष भी हरिहरपुर के रंगपाल चौराहे पर मनाई जाएगी। आयोजक पाल सेवा संस्थान के अध्यक्ष पूर्व चेयरमैन बृजेश पाल ने बताया कि कवि रंगपाल की जयंती पर जिले भर से आने वाले लोक गायक ढोल और नगाड़े की थाप पर कवि की रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। इस दौरान कवि रंगपाल की समाधि और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ अबीर गुलाल अर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कवि रंगपाल की रचनाएं अवधी और ब्रजभाषा में लिखी गई है। चूंकि कवि का पूरा जीवन उस समय बीता जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था। इसलिए उनकी रचनाओं में मातृभूमि के आजादी की टींस साफ दिखती है। हॉलाकि उन्हें फाग कवि के नाम से ही प्रसिद्धि मिली। लेकिन उनके लिखे काव्य रचनाओं में देश के वीर सपूतों की वीरगाथा के साथ ही पशु पक्षियों के प्रति प्रेम भी झलकता है।
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विदेश तक पहुंची कवि की रचनाएं लेकिन गृह नगर में मिली उपेक्षा
हरिहरपुर। हरिहरपुर में जन्मे कवि रंगपाल की साहित्यिक रचनाओं के चलते उनकी ख्याति दूर दूर तक फैली है। देश ही नहीं वरन रोजी रोजगार के सिलसिले में विदेशों में रह रहे पूर्वांचल के लोग फागुन महीने में कवि की फाग रचनाओं को गुनगुनाकर अपनी मिट्टी की खुशबू महसूस करते हैं। सेवा निवृत शिक्षक भगवान दास, अनिमेश पांडेय ने बताया कि कवि रंगपाल के नाम से खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर पार्क और उनकी प्रतिमा स्थापित है। नगर की सांस्कृतिक विरासत को जिनके नाम से प्रसिद्धि मिली उनकी स्मृतियॉ उनके गृह नगर में ही उपेक्षित है। कठिनइया नदी के किनारे राजघाट पर बनी कवि की समाधि जीर्ण शीर्ण हो गई है।
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कवि रंगपाल सभागार भी अधर में
हरिहरपुर। पूर्व चेयरमैन बृजेश पाल की पहल पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन विकास विभाग के जरिए कवि रंगपाल की विरासतों को सहजने का का निर्देश दिया था। जिसके क्रम में नगर में कवि के नाम से सभागार का शिलान्यास हुआ। अगस्त 2022 में सभागार का निर्माण कार्य शुरु हुआ जो बीते साल अगस्त माह तक पूरा हो जाना था। लेकिन सभागार का निर्माण कार्य अबतक अधर में लटका हुआ है।