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चार वर्ष पूर्व पीएम ने रखी थी विकास की नींव, राष्ट्रपति ने लोगों के लिए खोले द्वार
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चार वर्ष पूर्व पीएम ने रखी थी विकास की नींव, राष्ट्रपति ने लोगों के लिए खोले द्वार
संतकबीरनगर। सदगुरु कबीर की स्थली मगहर में चार साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास परियोजनाओं की नींव रखी थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हीं परियोजनाओं के द्वारा रविवार को आमजन के लिए खोल दिए।
पूर्व सांसद स्वर्गीय शरद त्रिपाठी के प्रयास से 28 जून 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मगहर कबीर चौरा आए थे। पीएम ने यहां पर्यटन विकास के लिए कबीर अकादमी समेत कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी। परियोजनाओं को पूर्ण होने में चार साल का वक्त लगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मगहर में 49 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने संत कबीर और मगहर से रिश्तों की चर्चा की और कहा कि एक वक्त था, जब यह धरती ऊसर, बंजर थी। कबीर दास यहां आए और यह धरती हरी भरी हो गई। गोरखतलैया से आमी नदी प्रवाहमान हो गई।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह देश हमेशा ही अपने में सुधार के लिए तत्पर रहा है। इसी कारण जब दुनिया में बड़ी-बड़ी सभ्यताओं का नामोनिशान मिट गया। भारत हजारों वर्ष की अटूट विरासत को लेकर मजबूती से खड़ा है। सहज होना वास्तव में बहुत कठिन होता है। आसक्ति आसानी से नहीं छोड़ती। संतकबीर ने बहुत सहजता से यह संदेश दिया कि किसी स्थान विशेष से स्वर्ग या नरक नहीं मिलता, बल्कि यह हमारे आचरण पर निर्भर करता है। वह मानते थे कि ईश्वर जब कण-कण में व्याप्त है, तो हम उसे बाहर क्यों खोजें। उन्होंने कहा कि बिहार के राज्यपाल के रूप में वाराणसी स्थित संत कबीर की तपस्थली के दर्शन का अवसर मिला था। राष्ट्रपति के रूप में वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित कबीर महोत्सव तथा 2018 में सागर स्थित कबीर आश्रम के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। वर्ष 2018 में हरियाणा के फतेहाबाद में संत कबीर प्रकटोत्सव में भी भाग लिए थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने यहां आकर कबीर चौरा के दर्शन किए थे। 28 जून 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कबीर शोध संस्थान की आधारशिला रखी थी। उस परियोजना के पूरा होने पर आज यहां कबीर साहेब की चित्र-प्रदर्शनी, आडिटोरियम, पुस्तकालय और शोधार्थियों के लिए आवास आदि का लोकार्पण करते हुए उन्हें हर्ष हो रहा है।
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विकास के पहिए को आगे बढ़ाने का सीएम दे गए भरोसा
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिले के लोग काफी उत्साहित थे। लोग कह रहे थे 19 वर्ष पूर्व मगहर में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आए थे। अब यहां मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए। सदर विधायक अंकुर राज तिवारी, चेयरमैन श्यामसुदंर वर्मा, चेयरमैन संगीता वर्मा, अवधेश सिंह आदि ने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन से कबीर की धरती धन्य हुई। प्रधानमंत्री ने जो विकास की आधारशिला रखी थी, आज राष्ट्रपति ने उसे मुकाम दे दिया। अब यह आम लोगों के लिए खोल दिया गया। यहां पर्यटक आकर आकर्षित तो होंगे हीं, साथ में रोजगार सृजन भी होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच से यहां पर्यटन विकास और रोजगार सृजन के उद्देश्य से आगे भी विकास कार्य कराए जाने का भरोसा दे दिया है।
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संतकबीरनगर। सदगुरु कबीर की स्थली मगहर में चार साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास परियोजनाओं की नींव रखी थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हीं परियोजनाओं के द्वारा रविवार को आमजन के लिए खोल दिए।
पूर्व सांसद स्वर्गीय शरद त्रिपाठी के प्रयास से 28 जून 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मगहर कबीर चौरा आए थे। पीएम ने यहां पर्यटन विकास के लिए कबीर अकादमी समेत कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी। परियोजनाओं को पूर्ण होने में चार साल का वक्त लगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मगहर में 49 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने संत कबीर और मगहर से रिश्तों की चर्चा की और कहा कि एक वक्त था, जब यह धरती ऊसर, बंजर थी। कबीर दास यहां आए और यह धरती हरी भरी हो गई। गोरखतलैया से आमी नदी प्रवाहमान हो गई।
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राष्ट्रपति ने कहा कि यह देश हमेशा ही अपने में सुधार के लिए तत्पर रहा है। इसी कारण जब दुनिया में बड़ी-बड़ी सभ्यताओं का नामोनिशान मिट गया। भारत हजारों वर्ष की अटूट विरासत को लेकर मजबूती से खड़ा है। सहज होना वास्तव में बहुत कठिन होता है। आसक्ति आसानी से नहीं छोड़ती। संतकबीर ने बहुत सहजता से यह संदेश दिया कि किसी स्थान विशेष से स्वर्ग या नरक नहीं मिलता, बल्कि यह हमारे आचरण पर निर्भर करता है। वह मानते थे कि ईश्वर जब कण-कण में व्याप्त है, तो हम उसे बाहर क्यों खोजें। उन्होंने कहा कि बिहार के राज्यपाल के रूप में वाराणसी स्थित संत कबीर की तपस्थली के दर्शन का अवसर मिला था। राष्ट्रपति के रूप में वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित कबीर महोत्सव तथा 2018 में सागर स्थित कबीर आश्रम के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। वर्ष 2018 में हरियाणा के फतेहाबाद में संत कबीर प्रकटोत्सव में भी भाग लिए थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने यहां आकर कबीर चौरा के दर्शन किए थे। 28 जून 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कबीर शोध संस्थान की आधारशिला रखी थी। उस परियोजना के पूरा होने पर आज यहां कबीर साहेब की चित्र-प्रदर्शनी, आडिटोरियम, पुस्तकालय और शोधार्थियों के लिए आवास आदि का लोकार्पण करते हुए उन्हें हर्ष हो रहा है।
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राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिले के लोग काफी उत्साहित थे। लोग कह रहे थे 19 वर्ष पूर्व मगहर में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आए थे। अब यहां मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए। सदर विधायक अंकुर राज तिवारी, चेयरमैन श्यामसुदंर वर्मा, चेयरमैन संगीता वर्मा, अवधेश सिंह आदि ने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन से कबीर की धरती धन्य हुई। प्रधानमंत्री ने जो विकास की आधारशिला रखी थी, आज राष्ट्रपति ने उसे मुकाम दे दिया। अब यह आम लोगों के लिए खोल दिया गया। यहां पर्यटक आकर आकर्षित तो होंगे हीं, साथ में रोजगार सृजन भी होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच से यहां पर्यटन विकास और रोजगार सृजन के उद्देश्य से आगे भी विकास कार्य कराए जाने का भरोसा दे दिया है।