{"_id":"67cb3a4b5ee817611a0d749f","slug":"play-holi-with-herbal-colours-and-your-skin-will-remain-safe-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-129598-2025-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: हर्बल रंगों से खेलें होली त्वचा रहेगी सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: हर्बल रंगों से खेलें होली त्वचा रहेगी सुरक्षित
विज्ञापन
होली पर बिक रहा अबीर गुलाल।
संतकबीरनगर। होली के त्योहार को लेकर बाजार पूरी तरह से सजकर तैयार हो गए हैं। रंग, गुलाल, पिचकारी बाजार में खरीदारों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस बार हर्बल गुलाल के साथ इको फ्रेंडली रंगों की डिमांड है। दुकानदारों का कहना है कि लोग हर्बल गुलाल की खरीदारी ज्यादा कर रहे हैं।
बाजार में हर्बल गुलाल पीले, हरे, लाल, गुलाबी और केसरिया रंगों में मिल रहे हैं। बाजार में हर्बल गुलाल 100 से 500 रुपये तक बिक रहा है। दुकानदार राजू जायसवाल ने बताया कि बाजारों में 70 फीसदी हर्बल रंग की मांग हो रही है। अधिकतर दुकानदार भी अब इन्हीं रंगाें को बेच रहे हैं। शहर में 30 क्विंटल से अधिक गुलाल बिक्री के लिए लाया गया है। दुकानदार बताते हैं कि हर्बल गुलाल में किसी भी प्रकार का कोई केमिकल नहीं होता है। यह शुद्ध रूप से वनस्पति से तैयार होता है। इससे चर्म रोग का डर भी नहीं रहता है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि जिन्हें त्वचा में पहले से एलर्जी की समस्या, चेहरे पर दाग-धब्बे या फिर कील मुहासे हों उनके लिए यह रसायन काफी नुकसानदायक है। जिनकी त्वचा साफ है उन्हें भी रसायनिक गुलाल के दुष्प्रभाव से बचना चाहिए। यह न सिर्फ आंखों को बल्कि हमारी त्वचा, हाथ-पैर, होठों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। हर्बल या ऑर्गेनिक गुलाल में रासायनिक पदार्थ बहुत ही कम मात्रा में होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाजार में हर्बल गुलाल पीले, हरे, लाल, गुलाबी और केसरिया रंगों में मिल रहे हैं। बाजार में हर्बल गुलाल 100 से 500 रुपये तक बिक रहा है। दुकानदार राजू जायसवाल ने बताया कि बाजारों में 70 फीसदी हर्बल रंग की मांग हो रही है। अधिकतर दुकानदार भी अब इन्हीं रंगाें को बेच रहे हैं। शहर में 30 क्विंटल से अधिक गुलाल बिक्री के लिए लाया गया है। दुकानदार बताते हैं कि हर्बल गुलाल में किसी भी प्रकार का कोई केमिकल नहीं होता है। यह शुद्ध रूप से वनस्पति से तैयार होता है। इससे चर्म रोग का डर भी नहीं रहता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि जिन्हें त्वचा में पहले से एलर्जी की समस्या, चेहरे पर दाग-धब्बे या फिर कील मुहासे हों उनके लिए यह रसायन काफी नुकसानदायक है। जिनकी त्वचा साफ है उन्हें भी रसायनिक गुलाल के दुष्प्रभाव से बचना चाहिए। यह न सिर्फ आंखों को बल्कि हमारी त्वचा, हाथ-पैर, होठों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। हर्बल या ऑर्गेनिक गुलाल में रासायनिक पदार्थ बहुत ही कम मात्रा में होते हैं।
विज्ञापन