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लॉकडाउन: शहर से लेकर गांव तक घरों में कैद हुए लोग, पसरा सन्नाटा
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बेंक चौराहे पर बंद रही दुकान।
- फोटो : KHALILABAD
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लॉकडाउन: शहर से लेकर गांव तक घरों में कैद हुए लोग, पसरा सन्नाटा
- दुकानों के शटर डाउन, दौड़ती रही अफसरों की गाड़ियां
- पुलिस ने दिखाई सख्ती, जरूरतमंदों को दी राहत
- आईजी व कमिश्नर ने भ्रमण कर लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित लॉकडाउन का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। शहर से लेकर गांव तक लोग घरों में कैद होकर रह गए। दुकानों के शटर डाउन रहे, इससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लॉकडाउन के मद्देनजर अफसरों की गाड़ियां दिनभर सड़कों पर दौड़ती रही तो मेडिकल टीम बाहर से आए लोगों को पहचान कर स्क्रिनिंग में जुटी रही। इस बीच आईजी व कमिश्नर ने भ्रमण कर जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
रात्रि में 12 बजे से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इसका असर बुधवार को सुबह देखने को मिला। सुबह से ही सड़कों पर पुलिस के जवान मुस्तैद दिखे। मेडिकल की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानें बंद रही। सरकारी व प्राइवेट कार्यालय भी बंद रहे। बस व ट्रेनों का आवाजाही पहले से ही बंद होने से सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी वाहन नहीं चले। नवरात्र का पहला दिन होने के बाद भी मंदिर बंद रहे, ऐसे में लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान घर पर ही किए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने लॉकडाउन का पालन किया गया। अधिकतर लोग घर पर ही रहे। हालांकि कुछ लोगों ने खेतों का रूख किया और सरसों की कटाई की। इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह से ही बाहर से आने वाले लोगों को ट्रेेस कर स्क्रिनिंग में जुटी रही। क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी लेने का कार्य भी चलता रहा। शहर में कुछ लोग घरों से निकलने का प्रयास किए तो पुलिस के जवानों ने उन्हें वापस घर भेज दिया। साथ ही हिदायत दिया कि घर से बाहर न निकले, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। इस बीच आईजी आशुतोष कुमार व कमिश्नर अनिल सागर भी जिले में पहुंचे और भ्रमण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डीएम रवीश गुप्ता व पुलिस अधीक्षक के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। साथ ही जिला अस्पताल पहुुंचकर तैयारियों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से जानकारी ली। साथ ही आवश्यक निर्देश दिए।
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- दुकानों के शटर डाउन, दौड़ती रही अफसरों की गाड़ियां
- पुलिस ने दिखाई सख्ती, जरूरतमंदों को दी राहत
- आईजी व कमिश्नर ने भ्रमण कर लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित लॉकडाउन का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। शहर से लेकर गांव तक लोग घरों में कैद होकर रह गए। दुकानों के शटर डाउन रहे, इससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लॉकडाउन के मद्देनजर अफसरों की गाड़ियां दिनभर सड़कों पर दौड़ती रही तो मेडिकल टीम बाहर से आए लोगों को पहचान कर स्क्रिनिंग में जुटी रही। इस बीच आईजी व कमिश्नर ने भ्रमण कर जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
रात्रि में 12 बजे से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इसका असर बुधवार को सुबह देखने को मिला। सुबह से ही सड़कों पर पुलिस के जवान मुस्तैद दिखे। मेडिकल की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानें बंद रही। सरकारी व प्राइवेट कार्यालय भी बंद रहे। बस व ट्रेनों का आवाजाही पहले से ही बंद होने से सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी वाहन नहीं चले। नवरात्र का पहला दिन होने के बाद भी मंदिर बंद रहे, ऐसे में लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान घर पर ही किए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने लॉकडाउन का पालन किया गया। अधिकतर लोग घर पर ही रहे। हालांकि कुछ लोगों ने खेतों का रूख किया और सरसों की कटाई की। इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह से ही बाहर से आने वाले लोगों को ट्रेेस कर स्क्रिनिंग में जुटी रही। क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी लेने का कार्य भी चलता रहा। शहर में कुछ लोग घरों से निकलने का प्रयास किए तो पुलिस के जवानों ने उन्हें वापस घर भेज दिया। साथ ही हिदायत दिया कि घर से बाहर न निकले, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। इस बीच आईजी आशुतोष कुमार व कमिश्नर अनिल सागर भी जिले में पहुंचे और भ्रमण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डीएम रवीश गुप्ता व पुलिस अधीक्षक के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। साथ ही जिला अस्पताल पहुुंचकर तैयारियों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से जानकारी ली। साथ ही आवश्यक निर्देश दिए।
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