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65 गांवों के लोग पी रहे दूषित पानी

Tue, 09 Mar 2021 11:08 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 11:08 PM IST
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People from 65 villages are drinking contaminated water
65 गांवों के लोग पी रहे दूषित पानी
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संतकबीरनगर। जिले के 65 जेई व एईएस से प्रभावित गांवों की करीब एक लाख की आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है। इन गांवों के हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है। कारण यह है कि पानी में कहीं फ्लोराइड की मात्रा अधिक है तो कहीं आर्सेनिक व आयरन की। ऐसे में गर्मी के मौसम में इन गांवों में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है। हालांकि इन गांवों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पेयजल योजनाएं शुरू की गई है, लेकिन इनमें से कई गांव में अब भी अधूूरी है।
पूर्वांचल के 38 जिले जेई व एईएस से प्रभावित हैं। इसमें संतकबीरनगर भी शामिल हैं। इसे लेकर प्रदेश की सरकार गंभीर हुई और संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान शुरू किया। इसका असर भी दिखने लगा है। वर्तमान में अभियान चल रहा है, लेकिन सबसे गंभीर बात यह है कि जिले के 65 गांव जेई व एईएस से प्रभावित हैं। इनमें दुधारा, तामा, अलीनगर, गायघाट, परसाशुक्ल, मैनसिर, बरईपार, बड़गो, भरपुरवा, पखुआपार, कांटा मान सिंह, गिठनी आदि गांव शामिल हैं। इन गांवों के हैंडपंप के पानी में फ्लोराइड की मात्रा मानक से अधिक पाया गया है। जबकि भैसाखुर्द में आर्सेनिक व जमोहरा में आयरन की मात्रा अधिक पाई गई है। इन गांवों का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। हालांकि इन सभी गांवों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पेयजल की योजनाएं शुरू की गई है। इनमें से 35 गांवों की परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी है, लेकिन वह भी ठीक ढंग से संचालित नहीं हो पा रही है। जबकि शेष गांवों की परियोजनाओं को मार्च-2021 में पूर्ण कराया जाना है।
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खड़ा हो सकता है पेयजल का संकट
अब गर्मी का मौसम शुरू हो गया। ऐसे में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है। कारण यह है कि जहां पर परियोजनाएं पूर्ण नहीं हुई है, वहां अभी टोटी के जरिए पानी नहीं पहुंच पाएगा। हैंडपंपों का पानी पीने लायक नहीं है। इससे बीमारी की भी आशंका बनी हुई है।
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कोट
ग्रामीण पेयजल की जो परियोजनाएं अधूूरी हैं, उन्हें मार्च-2021 तक पूर्ण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए काम में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्य में तेजी जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अजय कुमार उपाध्याय, एसडीओ जल निगम
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