{"_id":"67f40e67f3ae30e5d90e5854","slug":"payment-of-remuneration-of-ashas-stuck-due-to-lack-of-budget-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-130904-2025-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बजट के अभाव में आशाओं के पारिश्रमिक का भुगतान अटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बजट के अभाव में आशाओं के पारिश्रमिक का भुगतान अटका
Mon, 07 Apr 2025 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 07 Apr 2025 11:11 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में अहम भूमिका निभाने वाली आशा और आशा संगिनी के मार्च माह के पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हो सका है। जिसके कारण आशा और आशा संगिनी को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। आशा कार्यकर्ताओं ने जल्द से जल्द पारिश्रमिक भुगतान की मांग की है।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों में 1957 आशा और 84 आशा संगिनी कार्यरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इन पर है। अल्प पारिश्रमिक पाने वाली आशा और आशा संगिनी को मार्च माह के पारिश्रमिक का भुगतान बजट के अभाव में अब तक नहीं हो सका है। जिसके कारण इनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान में आशा और आशा संगिनी को बच्चों को स्कूल, कॉलेजों में प्रवेश कराना है, लेकिन धनाभाव के कारण प्रवेश दिलाने में दिक्कत आ रही है।
आशा कार्यकर्ता सुनीता देवी, प्रमिला आदि ने कहा कि पारिश्रमिक भुगतान न होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इन लोगों ने मांग किया कि जल्द से जल्द आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक का भुगतान कराया जाए। आशा संघ की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि आशा और आशा संगिनी को काफी कम पारिश्रमिक मिलता है।
विज्ञापन
इसके बाद भी समय से भुगतान न होने से समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि पारिश्रमिक का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए ताकि पूरे मनोयोग से आशा और आशा संगिनी कार्य कर सकें।
विज्ञापन
जिले के विभिन्न ब्लॉकों में 1957 आशा और 84 आशा संगिनी कार्यरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इन पर है। अल्प पारिश्रमिक पाने वाली आशा और आशा संगिनी को मार्च माह के पारिश्रमिक का भुगतान बजट के अभाव में अब तक नहीं हो सका है। जिसके कारण इनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान में आशा और आशा संगिनी को बच्चों को स्कूल, कॉलेजों में प्रवेश कराना है, लेकिन धनाभाव के कारण प्रवेश दिलाने में दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
आशा कार्यकर्ता सुनीता देवी, प्रमिला आदि ने कहा कि पारिश्रमिक भुगतान न होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इन लोगों ने मांग किया कि जल्द से जल्द आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक का भुगतान कराया जाए। आशा संघ की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि आशा और आशा संगिनी को काफी कम पारिश्रमिक मिलता है।
विज्ञापन
इसके बाद भी समय से भुगतान न होने से समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि पारिश्रमिक का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए ताकि पूरे मनोयोग से आशा और आशा संगिनी कार्य कर सकें।