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Sant Kabir Nagar News: निकाय चुनाव में निवर्तमान प्रधानों की भी होगी परीक्षा
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धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के 14 ग्राम पंचायतों के 37 राजस्व गांव को नगर पंचायत का दर्जा देकर पहली बार यहां निकाय चुनाव होने जा रहा है। दो साल पूर्व चुनाव लड़कर इन ग्राम पंचायतों के प्रधान बने लोग निकाय चुनाव में किसी न किसी दल से जुड़कर अपना बूथ अपने समर्थित प्रत्याशी को जिताने के लिए दिन-रात कोशिश कर रहे हैं। इन प्रधानों की भी इस चुनाव में परीक्षा होगी।
ग्राम पंचायत धनघटा, गागरगाड, बंडा बाजार, दुघरा कला, परसा कला, मिठना सिठना, ठाकुराडाडी, कुरमौल, मलौली, हैंसर बाजार, अहरा, सोनाडी, सोनडीहा, बेलौरा के 37 राजस्व गांव को मिलाकर नगर पंचायत हैंसर का गठन किया गया है। इन ग्राम पंचायतों के प्रधान भी इस समय किसी ने किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़कर प्रचार प्रसार में लगे हैं। तो मलौली की प्रधान स्वयं चुनाव मैदान में उतर कर अपनी किस्मत नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए आजमा रही हैं।
गांव वालों का कहना है कि करीब दो वर्ष प्रधान रहे, जनता के दुख दर्द को दूर करने और विकास कार्यों को कराने के लिए कितनी मेहनत की है। इसका भी अंदाजा निकाय चुनाव में चल जाएगा। नगर पंचायत गठन के बाद जब ग्राम पंचायतों को भंग कर दिया गया तो यह सभी ग्राम प्रधान एकजुट होकर अपनी प्रधानी सलामत रखने के लिए हाथ पैर जरूर चला रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब वह अपने मनचाहा चेयरमैन के चयन के लिए दिन रात मतदाताओं से संपर्क करने में लगे हैं।
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ग्राम पंचायत धनघटा, गागरगाड, बंडा बाजार, दुघरा कला, परसा कला, मिठना सिठना, ठाकुराडाडी, कुरमौल, मलौली, हैंसर बाजार, अहरा, सोनाडी, सोनडीहा, बेलौरा के 37 राजस्व गांव को मिलाकर नगर पंचायत हैंसर का गठन किया गया है। इन ग्राम पंचायतों के प्रधान भी इस समय किसी ने किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़कर प्रचार प्रसार में लगे हैं। तो मलौली की प्रधान स्वयं चुनाव मैदान में उतर कर अपनी किस्मत नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए आजमा रही हैं।
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गांव वालों का कहना है कि करीब दो वर्ष प्रधान रहे, जनता के दुख दर्द को दूर करने और विकास कार्यों को कराने के लिए कितनी मेहनत की है। इसका भी अंदाजा निकाय चुनाव में चल जाएगा। नगर पंचायत गठन के बाद जब ग्राम पंचायतों को भंग कर दिया गया तो यह सभी ग्राम प्रधान एकजुट होकर अपनी प्रधानी सलामत रखने के लिए हाथ पैर जरूर चला रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब वह अपने मनचाहा चेयरमैन के चयन के लिए दिन रात मतदाताओं से संपर्क करने में लगे हैं।
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