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उपद्रवियों से आश्रम से कोई लेना देना नहीं-पंकज
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sun, 19 Jun 2016 11:41 PM IST
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पंकज महराज।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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पंकज महराज ने कहा कि जवाहर बाग कांड में शामिल लोग उपद्रवी थे ,उनका जयगुरुदेव आश्रम से कोई लेना देना नहीं है। ये बातें रविवार को जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में अनुयायियों को प्रवचन देते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि लोग शाकाहारी बने, सदाचार अपनाएं और मदिरा पान का त्याग करे। इसी उद्देश्य को लेकर उनकी यात्रा चल रही है, जो पचास जनपदों से होकर जाएगी।
उन्होंने कहा कि हम बाबा जयगुरुदेव के संदेशों को प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इस यात्रा के माध्यम से सर्व मानव जाति के लोगों में शाकाहारी, सदाचारी रहने, बुद्धिनाशक नसों से परहेज करने, मां-बहन, बेटी की पहचान नजरों के कायम करने, चरित्र उत्थान तथा अच्छे समाज के निर्माण के लिए वैचारिक, मानसिक और भावनात्मक सहयोग करने, भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानव शरीर अनमोल है, जो प्रभु को पाने के लिए मिला है। कहा कि मौत निश्चित है, मौत के वक्त लाखों बिच्छुओं के डंक मारने जैसा भीषण असहनीय दर्द होता है। मौत की पीड़ा से बचना है तो भगवान का भजन करें। सच्चे प्रभु का भजन कोई जानता ही नहीं, बाजे गाजे और गाने से भजन की नकल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जयगुरुदेव नाम की पूजा करने से भवसागर पार हो जाएगा। सारी दुनिया को शांति जयगुरुदेव नाम से मिलती है। उन्होंने गुरु महराज के जीवन पर्यंत किए गए समाज सुधार और जन जागरण के कार्यों और अभियानों की सफलता का जिक्र किया और उनके संदेशों को प्रासंगिक बताया। जवाहर बाग में हुए कांड पर उन्होंने कहा कि कोई माला छोड़कर बंदूक, लाठी, डंडे पकड़ ले तो बाबा जी का क्या दोष। कहा कि मथुरा में जघंय हिंसा कांड को अंजाम देने वाले लोग उपद्रवी और हिंसक प्रवृत्ति के थे, उनका जयगुरुदेव आश्रम से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि 17 से 21 जुलाई तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में गुरुपूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा, इसमें सभी लोग आमंत्रित हैं। अक्टूबर माह में काशी गंगा रेती पर वाराणसी में बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम में राजाराम यादव, राम भवन चौरसिया, बाबूलाल, ओेमप्रकाश, भगवानदास, हरीराम, मालती देवी, शारदा देवी, कांती, विनीता, शांति, रामकृष्ण यादव, डॉ. डीके मिश्र, संतराम चौधरी आदि लोग उपस्थित रहे।
अर्थी बाबा ने उठाया पर्यावरण का मुद्दा
राजन यादव उर्फ अर्थी बाबा ने पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे पर पंकज महराज से वार्ता की और इस पर सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि नदियों और जलाशयों में फैक्ट्रियां गंदा पानी जा रहा है। इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। कूड़े को जगह-जगह जलाने से भी स्थिति बिगड़ रही है। इसी क्रम में समाजसेवी डॉ. गुंजन यादव ने भी उनसे वार्ता की और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।
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उन्होंने कहा कि हम बाबा जयगुरुदेव के संदेशों को प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इस यात्रा के माध्यम से सर्व मानव जाति के लोगों में शाकाहारी, सदाचारी रहने, बुद्धिनाशक नसों से परहेज करने, मां-बहन, बेटी की पहचान नजरों के कायम करने, चरित्र उत्थान तथा अच्छे समाज के निर्माण के लिए वैचारिक, मानसिक और भावनात्मक सहयोग करने, भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानव शरीर अनमोल है, जो प्रभु को पाने के लिए मिला है। कहा कि मौत निश्चित है, मौत के वक्त लाखों बिच्छुओं के डंक मारने जैसा भीषण असहनीय दर्द होता है। मौत की पीड़ा से बचना है तो भगवान का भजन करें। सच्चे प्रभु का भजन कोई जानता ही नहीं, बाजे गाजे और गाने से भजन की नकल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जयगुरुदेव नाम की पूजा करने से भवसागर पार हो जाएगा। सारी दुनिया को शांति जयगुरुदेव नाम से मिलती है। उन्होंने गुरु महराज के जीवन पर्यंत किए गए समाज सुधार और जन जागरण के कार्यों और अभियानों की सफलता का जिक्र किया और उनके संदेशों को प्रासंगिक बताया। जवाहर बाग में हुए कांड पर उन्होंने कहा कि कोई माला छोड़कर बंदूक, लाठी, डंडे पकड़ ले तो बाबा जी का क्या दोष। कहा कि मथुरा में जघंय हिंसा कांड को अंजाम देने वाले लोग उपद्रवी और हिंसक प्रवृत्ति के थे, उनका जयगुरुदेव आश्रम से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि 17 से 21 जुलाई तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में गुरुपूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा, इसमें सभी लोग आमंत्रित हैं। अक्टूबर माह में काशी गंगा रेती पर वाराणसी में बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम में राजाराम यादव, राम भवन चौरसिया, बाबूलाल, ओेमप्रकाश, भगवानदास, हरीराम, मालती देवी, शारदा देवी, कांती, विनीता, शांति, रामकृष्ण यादव, डॉ. डीके मिश्र, संतराम चौधरी आदि लोग उपस्थित रहे।
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अर्थी बाबा ने उठाया पर्यावरण का मुद्दा
राजन यादव उर्फ अर्थी बाबा ने पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे पर पंकज महराज से वार्ता की और इस पर सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि नदियों और जलाशयों में फैक्ट्रियां गंदा पानी जा रहा है। इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। कूड़े को जगह-जगह जलाने से भी स्थिति बिगड़ रही है। इसी क्रम में समाजसेवी डॉ. गुंजन यादव ने भी उनसे वार्ता की और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।
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