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Sant Kabir Nagar News: ट्रेनों में सीट नहीं, बसों में भी खड़े होकर करना पड़ रहा सफर
Fri, 10 Mar 2023 02:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर।
Updated Fri, 10 Mar 2023 02:39 PM IST
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मेंहदावल बाईपास पर रोडवेज बस में बैठने के लिए हो रही धक्का मुक्की।
होली मनाने घर आए दूसरे प्रांतों और शहरों में रहने वाले लोग अब लौटने लगे हैं, लेकिन प्रवासी लोगों के लिए वापसी की यात्रा करना बड़ी चुनौती है। जहां रोडवेज की बसों में सीटें नहीं मिल पा रही, तो वहीं ट्रेन में खड़े होने तक की जगह नहीं है। बृहस्पतिवार को ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला। यात्री मेंहदावल बाईपास पर लखनऊ और गोरखपुर जाने के लिए बस का इंतजार करते रहे। यात्री सुमित ने बताया कि ट्रेन में टिकट नहीं मिल पा रहा। इसलिए बस से यात्रा करना मजबूरी है, लेकिन दो बसें सामने से गुजर चुकी हैं। दोनों में बैठने की जगह नहीं मिली।
इतनी दूर खड़े होकर कैसे यात्रा करेंगे। गोरखपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे साहिल ने बताया कि लग रहा है, जैसे कर्फ्यू लगा हो। दो घंटे से कोई बस ही नहीं आई। कमरे से यहां तक आने में भी काफी समय लग गया। वजह यह है कि ऑटो भी बहुत कम चल रहे हैं। बखिरा के लिए बस का इंतजार कर रहीं कविता ने बताया कि वह काफी देर से बस की इंतजार कर रही हैं। कोई भी सरकारी बस नहीं दिखी। प्राइवेट बस भी नहीं चल रही। बस अड्डा नहीं होने से धूप में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। इससे परेशानी हो रही है।
सड़कों से नदारद रहे ऑटो
होली के अगले दिन परूआ मनाने की प्रथा है। परूआ के दिन पुरानी परंपरा के अनुसार लोग अपने पेशेगत काम करने से बचते हैं। इसलिए ज्यादातर ऑटो चालकों ने बृहस्पतिवार को अपने ऑटो सड़कों पर नहीं उतारे। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए लोगों को घंटों समय खर्च करना पड़ा, जो ऑटो चल भी रहे थे, उनका किराया अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत ज्यादा था।
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ज्यादातर कंडक्टर छुट्टी पर, फेरों में आई कमी
होली में रोडवेज के ज्यादातर कंडक्टर ड्राइवर छुट्टी पर चले गए हैं। जिसके चलते सीमित संख्या में ही बसें सड़कों पर नजरं आईं। इससे सबसे ज्यादा परेशानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को हो रही है। कुछ ने सांसत के चलते अपनी यात्रा तक निरस्त कर दी। बघौली के चंद्रेश ने बताया कि दिल्ली में पेंट-पालिश का काम करते हैं। कल सुबह तक दिल्ली पहुंचना है, बस न मिलने से बहुत दिक्कत हो रही है।
ट्रेनों में 30 मार्च तक नो रूम
संतकबीरनगर में सबसे ज्यादा दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनें रुकती हैं। यहां से इन्हीं शहरों के यात्री सबसे ज्यादा यात्रा भी करते है, लेकिन 30 मार्च तक किसी भी ट्रेन में एक भी बर्थ खाली न होने से यात्रियों को निराश होना पड़ रहा है। ज्यादातर यात्री टिकट काउंटर तक आने के बाद लाचार नजर आ रहे थे। स्टेशन पर मौजूद हरिकेश ने बताया कि कल दिल्ली में भतीजी की शादी है, सोचा था आज ट्रेन पकड़ लेंगे तो कल समय से पहुंच जाएंगे, लेकिन अब लगता है, कि पहुंच नहीं पाएंगे। अर्जुन ने बताया कि कल लखनऊ में एसएससी का पेपर है, लेकिन किसी भी ट्रेन में जगह नहीं है, कैसे जाएं, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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इतनी दूर खड़े होकर कैसे यात्रा करेंगे। गोरखपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे साहिल ने बताया कि लग रहा है, जैसे कर्फ्यू लगा हो। दो घंटे से कोई बस ही नहीं आई। कमरे से यहां तक आने में भी काफी समय लग गया। वजह यह है कि ऑटो भी बहुत कम चल रहे हैं। बखिरा के लिए बस का इंतजार कर रहीं कविता ने बताया कि वह काफी देर से बस की इंतजार कर रही हैं। कोई भी सरकारी बस नहीं दिखी। प्राइवेट बस भी नहीं चल रही। बस अड्डा नहीं होने से धूप में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। इससे परेशानी हो रही है।
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सड़कों से नदारद रहे ऑटो
होली के अगले दिन परूआ मनाने की प्रथा है। परूआ के दिन पुरानी परंपरा के अनुसार लोग अपने पेशेगत काम करने से बचते हैं। इसलिए ज्यादातर ऑटो चालकों ने बृहस्पतिवार को अपने ऑटो सड़कों पर नहीं उतारे। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए लोगों को घंटों समय खर्च करना पड़ा, जो ऑटो चल भी रहे थे, उनका किराया अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत ज्यादा था।
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ज्यादातर कंडक्टर छुट्टी पर, फेरों में आई कमी
होली में रोडवेज के ज्यादातर कंडक्टर ड्राइवर छुट्टी पर चले गए हैं। जिसके चलते सीमित संख्या में ही बसें सड़कों पर नजरं आईं। इससे सबसे ज्यादा परेशानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को हो रही है। कुछ ने सांसत के चलते अपनी यात्रा तक निरस्त कर दी। बघौली के चंद्रेश ने बताया कि दिल्ली में पेंट-पालिश का काम करते हैं। कल सुबह तक दिल्ली पहुंचना है, बस न मिलने से बहुत दिक्कत हो रही है।
ट्रेनों में 30 मार्च तक नो रूम
संतकबीरनगर में सबसे ज्यादा दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनें रुकती हैं। यहां से इन्हीं शहरों के यात्री सबसे ज्यादा यात्रा भी करते है, लेकिन 30 मार्च तक किसी भी ट्रेन में एक भी बर्थ खाली न होने से यात्रियों को निराश होना पड़ रहा है। ज्यादातर यात्री टिकट काउंटर तक आने के बाद लाचार नजर आ रहे थे। स्टेशन पर मौजूद हरिकेश ने बताया कि कल दिल्ली में भतीजी की शादी है, सोचा था आज ट्रेन पकड़ लेंगे तो कल समय से पहुंच जाएंगे, लेकिन अब लगता है, कि पहुंच नहीं पाएंगे। अर्जुन ने बताया कि कल लखनऊ में एसएससी का पेपर है, लेकिन किसी भी ट्रेन में जगह नहीं है, कैसे जाएं, कुछ समझ नहीं आ रहा है।