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Sant Kabir Nagar News: जीएसटी दर में बदलाव नहीं...प्राकृतिक खेती में मिलेगी सहायता
Wed, 24 Jul 2024 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 24 Jul 2024 02:26 AM IST
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फोटो सहित
व्यापारियों को बजट से मिली निराशा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को बजट पेश किया। किसानों के लिए प्राकृतिक खेती में सहायता देने की घोषणा हुई है तो सब्जी उत्पादन कलस्टर विकसित करने की पहल सराहनीय है। वहीं आम नागरिकों ने महंगाई में कमी नहीं होने से निराशा दिखी। इसके अलावा व्यापारियों ने बजट को अच्छा नहीं बताया। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी दर में बदलाव होना चाहिए था।
बोले किसान
केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ के बजट का प्रावधान है। इसमें अगले दो वर्ष में देश में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती में सहायता दी जाएगी। जिसमें प्रमाणपत्र और ब्रांडिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। यह कदम किसानों के लिए फायदेमंद है।
- चंद्रशेखर राय, किसान
बजट में इस बात की घोषणा की गई है कि सरकार तीन वर्ष में सहकारी क्षेत्र मेंं प्रणालीगत, व्यवस्थित और चहुमुखी विकास के लिए राष्ट्रीय सहकारी नीति लाएगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी आएगी। इससे किसानों को लाभ होगा।
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- राम किशुन, किसान
बोले नागरिक
बजट में महंगाई कम करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। लगातार महंगाई बढ़ रही है। इससे निराशा हुई है। महंगाई कम करने के लिए कदम उठाए गए होते तो अच्छा रहता।
- उमाशंकर शुक्ल, आम नागरिक
कैंसर की दवा, सोना-चांदी, मोबाइल फोन और चार्जर सस्ता होने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के दामों में कमी आए, इसके लिए भी बजट मेंं कुछ करना चाहिए था।
- हनुमान पटेल, आम नागरिक
बोले व्यापारी
बजट से छोटे दुकानदारों को काफी उम्मीदे थीं, लेकिन इस बार के बजट से केवल निराशा हाथ लगी है। उम्मीद थी कि कपड़ों की बिक्री में जीएसटी रेट पर कुछ छूट मिलेगी। इसके अलावा यह भी उम्मीद थी कि छोटे दुकानदारों को स्वास्थ्य संबंधी बीमा की सुविधा और बैंक से लोन लेने में कुछ रियायत दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- विवेक छापड़िया, व्यापारी
आयकर में छूट की सीमा बढ़ी है। इससे लोग खर्च ज्यादा कर सकेंगे, इससे लाभ होगा, लेकिन जीएसटी के दर में बदलाव भी होना चाहिए था। व्यापारियों की सुरक्षा और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए थे।
- कैलाश रुंगटा, व्यापारी
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व्यापारियों को बजट से मिली निराशा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को बजट पेश किया। किसानों के लिए प्राकृतिक खेती में सहायता देने की घोषणा हुई है तो सब्जी उत्पादन कलस्टर विकसित करने की पहल सराहनीय है। वहीं आम नागरिकों ने महंगाई में कमी नहीं होने से निराशा दिखी। इसके अलावा व्यापारियों ने बजट को अच्छा नहीं बताया। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी दर में बदलाव होना चाहिए था।
बोले किसान
केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ के बजट का प्रावधान है। इसमें अगले दो वर्ष में देश में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती में सहायता दी जाएगी। जिसमें प्रमाणपत्र और ब्रांडिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। यह कदम किसानों के लिए फायदेमंद है।
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- चंद्रशेखर राय, किसान
बजट में इस बात की घोषणा की गई है कि सरकार तीन वर्ष में सहकारी क्षेत्र मेंं प्रणालीगत, व्यवस्थित और चहुमुखी विकास के लिए राष्ट्रीय सहकारी नीति लाएगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी आएगी। इससे किसानों को लाभ होगा।
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- राम किशुन, किसान
बोले नागरिक
बजट में महंगाई कम करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। लगातार महंगाई बढ़ रही है। इससे निराशा हुई है। महंगाई कम करने के लिए कदम उठाए गए होते तो अच्छा रहता।
- उमाशंकर शुक्ल, आम नागरिक
कैंसर की दवा, सोना-चांदी, मोबाइल फोन और चार्जर सस्ता होने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के दामों में कमी आए, इसके लिए भी बजट मेंं कुछ करना चाहिए था।
- हनुमान पटेल, आम नागरिक
बोले व्यापारी
बजट से छोटे दुकानदारों को काफी उम्मीदे थीं, लेकिन इस बार के बजट से केवल निराशा हाथ लगी है। उम्मीद थी कि कपड़ों की बिक्री में जीएसटी रेट पर कुछ छूट मिलेगी। इसके अलावा यह भी उम्मीद थी कि छोटे दुकानदारों को स्वास्थ्य संबंधी बीमा की सुविधा और बैंक से लोन लेने में कुछ रियायत दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- विवेक छापड़िया, व्यापारी
आयकर में छूट की सीमा बढ़ी है। इससे लोग खर्च ज्यादा कर सकेंगे, इससे लाभ होगा, लेकिन जीएसटी के दर में बदलाव भी होना चाहिए था। व्यापारियों की सुरक्षा और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए थे।
- कैलाश रुंगटा, व्यापारी