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टूटी नालियां, कूड़े के ढेर व बदहाल सड़कें बनी पहचान
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टूटी नालियां, कूड़े के ढेर व बदहाल सड़कें बनी पहचान
पालिका में शामिल क्षेत्रों में नहीं मिली शहरी सुविधाएं
-ब्लॉक स्तर से विकास कार्य ठप तो नगर पालिका को बजट का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के सीमा विस्तार के दायरे में आए क्षेत्रों में करीब एक साल बाद भी शहरी सुविधाएं नहीं मिल सकी है। नालियां टूटी हुई हैं तो जगह-जगह कूड़े के ढेर के साथ ही बदहाल सड़कें व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही हैं। लोगों को विकास का इंतजार है।
एक अक्तूबर 2020 को सीमा विस्तार में खलीलाबाद विकास खंड के पटखौली, सरौली, बड़गों, खटौली, मिश्रौलिया, डीघा, उसका खुर्द, सादिकगंज, मोहद्दीपुुर, नेदुला, मैलानी, बेलवनिया, कसैला, गौसपुर, सरैया, बनियाबारी समेत 16 गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया। इन गांवों में पंचायत चुनाव नहीं कराए गए। शहरी क्षेत्र में शामिल बनियारी के रहने वाले राकेश पांडेय, डीघा के राधेश्याम चौरसिया, कसैला के मनोज कुमार ने बताया कि ब्लॉक स्तर से होने वाले विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया। इन गांवों में तैनात सफाई कर्मियों को भी हटाकर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया। दूसरी तरफ पालिका क्षेत्र में आने के बाद से अब तक यहां कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि इन गांवों की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। यहां तक की नालियां टूट गईं, लेकिन मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे गांवों में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। इन गांवों की बिजली अभी भी ग्रामीण फीडर से ही जुड़ी है। शहरी क्षेत्र की बिजली इन गांवों को नहीं मिल पा रही है। सड़क, इंटरलॉकिंग, खड़ंजा जैसे आदि के कार्य भी नहीं कराए जा रहे हैं। खलीलाबाद के बनियाबारी में बसी नई कॉलोनी में आने-जाने के लिए सड़क तक नहीं है। ऐसे में लोग परेशानी झेल रहे हैं।
नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि पालिका सीमा में शामिल किए गए क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। सफाई के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। आने वाले दिनों में कूड़ा पात्र रखने की योजना है। साथ ही बजट मिलते ही अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
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पालिका में शामिल क्षेत्रों में नहीं मिली शहरी सुविधाएं
-ब्लॉक स्तर से विकास कार्य ठप तो नगर पालिका को बजट का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के सीमा विस्तार के दायरे में आए क्षेत्रों में करीब एक साल बाद भी शहरी सुविधाएं नहीं मिल सकी है। नालियां टूटी हुई हैं तो जगह-जगह कूड़े के ढेर के साथ ही बदहाल सड़कें व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही हैं। लोगों को विकास का इंतजार है।
एक अक्तूबर 2020 को सीमा विस्तार में खलीलाबाद विकास खंड के पटखौली, सरौली, बड़गों, खटौली, मिश्रौलिया, डीघा, उसका खुर्द, सादिकगंज, मोहद्दीपुुर, नेदुला, मैलानी, बेलवनिया, कसैला, गौसपुर, सरैया, बनियाबारी समेत 16 गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया। इन गांवों में पंचायत चुनाव नहीं कराए गए। शहरी क्षेत्र में शामिल बनियारी के रहने वाले राकेश पांडेय, डीघा के राधेश्याम चौरसिया, कसैला के मनोज कुमार ने बताया कि ब्लॉक स्तर से होने वाले विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया। इन गांवों में तैनात सफाई कर्मियों को भी हटाकर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया। दूसरी तरफ पालिका क्षेत्र में आने के बाद से अब तक यहां कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि इन गांवों की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। यहां तक की नालियां टूट गईं, लेकिन मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे गांवों में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। इन गांवों की बिजली अभी भी ग्रामीण फीडर से ही जुड़ी है। शहरी क्षेत्र की बिजली इन गांवों को नहीं मिल पा रही है। सड़क, इंटरलॉकिंग, खड़ंजा जैसे आदि के कार्य भी नहीं कराए जा रहे हैं। खलीलाबाद के बनियाबारी में बसी नई कॉलोनी में आने-जाने के लिए सड़क तक नहीं है। ऐसे में लोग परेशानी झेल रहे हैं।
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नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि पालिका सीमा में शामिल किए गए क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। सफाई के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। आने वाले दिनों में कूड़ा पात्र रखने की योजना है। साथ ही बजट मिलते ही अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
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